भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा का आरोप, वन विभाग ने झूठे केस में उन्हें फंसाया, कई सामाजिक संगठन राजीव रंजन मिश्रा के पक्ष में आए, सोशल साइट पर राजीव रंजन मिश्रा और उनके बेटे को जेल से रिहा करने की मांग
भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा का आरोप है कि उन्हें वन विभाग ने झूठे केस में फंसा दिया है। उन्होंने सोशल साइट पर संदेश दिया है कि उन्हें झूठे कांड में फंसाया गया है व दोषियों को वन विभाग द्वारा भगा दिया गया। उनका कहना है कि बिना सीसीटीवी फुटेज जांच किये किस आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्हें समझ नहीं आ रहा। जब वन विभाग की टीम के सामने सहयोग के लिए बुलानेवाले बबलू नामक व्यक्ति को कॉल किया गया और उसकी लोकेशन बताई गई तो उसे क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया। मीडिया के सामने अपराधी जैसा उन्हें प्रस्तुत कर, उनकी छवि धूमिल कर दी गई, जो गलत है।
राजीव रंजन मिश्रा ने सभी धार्मिक व सामाजिक संगठनों से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग कर डाली है। ज्ञातव्य है राजीव रंजन मिश्रा भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं। साथ ही युवा दस्ता रांची, झारखण्ड छात्र परिषद्, स्टूडेंट फेडरेशन बड़ा तालाब छठ पूजा समिति और रांची झील बचाओ अभियान समिति के फाउंडर मेंबर भी है।
इसी बीच अधिवक्ता, भाजपा नेता और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रणव कुमार बब्बू का कहना है कि राजीव रंजन मिश्रा को गलत ढंग से फंसा दिया गया है। पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। पूर्व पार्षद अरुण कुमार झा ने अपने फेसबुक पर लिखा है कि राजीव रंजन मिश्रा पूर्ण रूप से सामाजिक और धार्मिक व्यक्ति और सीधे-साधे इंसान है। एक मंदिर प्रांगण में रहकर अपने जीवन के 65 वर्ष व्यतीत करनेवाला व्यक्ति पर तस्करी का इल्जाम लगाना समझ से परे है। इन्हें किसी ने अपने जाल में फंसाने का कार्य किया है, ऐसा प्रतीत होता है। इस पूरे प्रकरण पर शहर के लोगों को विचार करना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार सुनील सिंह के शब्दों में राजीव रंजन मिश्रा की गिरफ्तारी ने सभी को चौंका दिया है।
वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश पुष्कर के शब्दों में “प्रथम दृष्टया साफ पता चलता है कि होटल नटराज से एक किलोमीटर कम दूरी पर राजीव रंजन मिश्रा का घर है। उनके ऐसे नेता अपने घर से इतना नजदीक किसी से बात करने के लिए होटल क्यों जायेंगे? कहीं कोई बड़ा षडयंत्र या साजिश हुई है, भाजपा को बदनाम करने के लिए, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी को बदनाम करने के लिए इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक से मांग करते हैं कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए एक कमेटी बनाकर तीन दिनों में इसका पर्दाफाश करें। वन विभाग को बताना होगा कि वह राजनीतिक नेताओं को फंसाने के लिए एक इंस्ट्रूमेंट तो नहीं बन गया है।
क्योंकि राजीव रंजन मिश्रा रांची राजधानी के महावीर मंडल, छठ पूजा समिति, दुर्गा पूजा समिति, युवा दस्ता सहित भाजपा के एक प्रमुख नेता हैं। इन्हें इस तरह से गिरफ्तार कर जेल भेजने से शासन-प्रशासन के कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जिस व्यक्ति को पूरा शहर और तमाम प्रशासनिक अधिकारी पहचानते हो। उसकी गिरफ्तारी के लिए सभी पहलुओं पर विचार करना आवश्यक है अन्यथा लोकतांत्रिक मर्यादा और व्यवस्था दोनों पर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह लग गया है।
इसका जवाब झारखंड सरकार और जिला प्रशासन को अवश्य ही देना चाहिए।” ज्ञातव्य है कि वर्तमान में भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा को वन विभाग की टीम ने मॉनिटर लिजार्ड की तस्करी के आरोप में दो दिन पहले गिरफ्तार किया है। फिलहाल राजीव रंजन मिश्रा और उनका बेटा जेल में बंद हैं।
