भाजपा कितना भी कूद-फांद कर लें, 2014 की पुनरावृत्ति झारखण्ड में अब संभव नहीं

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव रांची पहुंचे हैं। रांची पहुंचते ही भाजपा कार्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक कर, राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की, साथ ही भाजपा कैसे झारखण्ड की सभी 14 लोकसभा सीटों पर अपनी जीत सुनिश्चित करें, इसको लेकर अपनी बातें रखी। उन्होंने पिछले साल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा दिये गये टास्क की भी समीक्षा की।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव रांची पहुंचे हैं। रांची पहुंचते ही भाजपा कार्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक कर, राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की, साथ ही भाजपा कैसे झारखण्ड की सभी 14 लोकसभा सीटों पर अपनी जीत सुनिश्चित करें, इसको लेकर अपनी बातें रखी। उन्होंने पिछले साल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा दिये गये टास्क की भी समीक्षा की।

सूत्र बताते हैं कि सच्चाई यह है कि भाजपा कितना भी कूंद-फांद कर लें, इस बार झारखण्ड की 14 सीटों में से 14 सीट निकालना तो दूर, 2014 की ही अगर यह पुनरावृत्ति कर लें, तो बड़ी बात होगी, क्योंकि राज्य में चल रही रघुवर सरकार की गलत नीतियों ने भाजपा को जनता से बहुत दूर कर दिया हैं। यहीं नहीं, आम जनता तो रघुवर सरकार से नाराज हैं ही, भाजपा के पुराने कार्यकर्ता और सामान्य कार्यकर्ता भी नाराज हैं।

इन कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नाराजगी नहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ ये सुनना तक नही चाहते, पर रघुवर सरकार के क्रियाकलापों से इनकी नाराजगी अधिक हैं। स्थिति यह है कि भाजपा बूथों को मजबूत करने की बात कर रही हैं, बूथ कमेटी भी बना दी गई है, पर उन बूथ कमेटियों से भाजपा को मत प्राप्त हो ही जायेंगे, इसकी संभावना दूर-दूर तक नहीं दिख रही। ऐसे भी भाजपा में गुटबाजी फिलहाल चरम पर हैं, आनेवाले समय में खुद भाजपा के ही लोग भाजपा को हराने में ज्यादा दिमाग लगायेंगे।

सूत्र बताते हैं कि इन दिनों भाजपा में हो रही जातिवादी पालिटिक्स ने भाजपा को कहीं का नहीं छोड़ा है, यानी जो जातिवाद का कीड़ा दूसरी पार्टियों में दिखाई पड़ता था, आज भाजपा में खुलकर दिखाई पड़ रहा हैं, जिसकी शुरुआत राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने की है, स्थिति ऐसी है कि इन्होंने भारत के प्रधानमंत्री को भी जातिवाद में लपेट लिया, जिसका खामियाजा भाजपा को इस बार भुगतना तय हैं।

सूत्र बताते है कि इन दिनों कोइरी-कुर्मी, ब्राह्मण, अतिपिछड़ा, आदिवासी, अल्पसंख्यक आदि वोटों के हो रहे ध्रुवीकरण ने भाजपा की नीद उड़ा दी है, विपक्षी दलों के नेता व कार्यकर्ताओं मे तो एक नारा खुब गुंज रहा हैं, “जितना दिन रहेगा रघुवर राज, विपक्ष का होगा काम आसान”। राज्य में बढ़ती भूखमरी, गरीबी, पलायन, बेरोजगारी, स्कूल बंदी, मोमेंटम झारखण्ड में हाथी उड़ाने का कार्य भाजपा को कहीं का नहीं छोड़ा हैं। स्थिति तो यह है कि आनेवाले समय में लोकसभा चुनाव के दौरान, अब शायद ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में भीड़ भी दिखाई पड़ें, क्योंकि राज्य सरकार के कार्यों से प्रधानमंत्री की छवि भी प्रभावित हो रही हैं।

Krishna Bihari Mishra

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