सावधान, 19 को सिर्फ IAS की पत्नियां-बच्चे पतरातू लेक के मजे लेंगे, इसलिए आम जनता का यहां प्रवेश बंद रहेगा

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आइएएस अधिकारियों की पत्नियों और उनके बच्चों के पिकनिक व फन में कोई सामान्य नागरिक या पर्यटक खलल न डालें, इसलिए सर्वसाधारण के लिए कल यानी 19 जनवरी को पतरातू लेक रिसोर्ट को बंद कर दिया गया है। आश्चर्य की बात है कि इसके लिए रामगढ़ के उपायुक्त ने अखबारों में आम सूचना तक निकाल डाली है, यानी एक आइएएस, अपने जैसे आइएएस व खुद की अपनी पत्नी व बच्चों के लिए किस प्रकार अपने पद का दुरुपयोग करता है और कैसे सर्वसाधारण को अपनी पांव की जूती के नीचे मसलने का ख्वाब रखता है, उसका सुंदर उदाहरण हैं, रामगढ़ के उपायुक्त द्वारा दिया गया यह विज्ञापन, जिसे पढ़कर किसी भी भारतीय नागरिक का सिर शर्म से झूक जायेगा।

एक उपायुक्त या आइएएस की नजर में आम आदमी की क्या हैसियत है, यह विज्ञापन उसे उजागर कर देता है। अब सवाल उठता है कि क्या आइएएस की पत्नियां और बच्चे औरों से अलग होते हैं? क्या जिस दिन आइएएस की पत्नियां और बच्चे किसी खास जगह पर जायेंगे तो वहां उस दिन आम जनता को जाने की मनाही संविधान ने दे रखी हैं? इसका जवाब राज्य के मुख्य सचिव, राज्य के मुख्यमंत्री व राज्य के राज्यपाल को देना चाहिए, ताकि आम जनता स्वयं यह निर्णय ले लें कि जिस दिन आइएएस की पत्नियां  व बच्चे किसी खास जगह जायें तो वहां से वे स्वयं को दूर रखे, भला इस प्रकार की विज्ञापन देकर राजस्व को क्षति पहुंचाना कहां तक उचित है?

राज्य सरकार को भी बताना चाहिए कि क्या झारखण्ड के नागरिक दोयम दर्जे के हैं, क्या झारखण्ड के नागरिक इतने गये-गुजरे हैं कि जहां आइएएस की पत्नियां और बच्चे इन्ज्वाय करने जायेंगे तो वे उनकी पत्नियों और बच्चों के फन में जाकर विघ्न डालेंगे, आखिर ये सोच कहां से आती है, क्या आइएएस इसीलिए बना जाता है कि आप अपनी पत्नियों और बच्चों के लिए पद का दुरुपयोग करते हुए, जनता को साइड कर दें, अगर ये सोच हैं तो जितनी जल्दी बदल दें, उतना अच्छा हैं, नहीं तो जिस दिन झारखण्ड की जनता का दिमाग घुमा, आप समझ लीजिये, फिर आप कहीं भी आनन्द नहीं उठा पायेंगे, क्योंकि देश में लोकतंत्र हैं, यहां की राजा जनता है, ये जो आइएएस खुद को राजा बनने का ख्वाब देख रहे हैं और अपने मन-मुताबिक प्रशासन को अपनी मस्ती में झोक रहे हैं, जितना जल्द हो सकें, रोक लगे, अच्छा रहेगा।

हमारे विचार से राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को रामगढ़ के उपायुक्त से पूछना चाहिए कि आखिर ये विज्ञापन निकालने की जरुरत क्यों पड़ गई, क्या वहां राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का विशेष दौरा हैं कि वहां कल यानी 19 तारीख को पतरातू लेक रिसोर्ट पर्यटकों/आम जनता के लिए बंद कर दिया गया, आखिर आइएएस की पत्नियां या बच्चों को लिए पूरे रिसोर्ट को बंद कर देना, क्या आम जनता का अपमान नहीं, क्या सरकार यहां की जनता ने इसलिए बदली है कि आज भी भाजपा की तरह यहां शासन चलेगा, या झामुमो का शासन भी दिखेगा।

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