गुजरात के बाद त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भी अर्जुन मुंडा का चल रहा जादू

गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद अब त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भी झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की मांग बढ़ी हैं। 8 फरवरी को त्रिपुरा पहुंचे, अर्जुन मुंडा ने ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं की तथा भाजपा को सत्ता में लाने के लिए वहां की जनता को आह्वान किया।

गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद अब त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भी झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की मांग बढ़ी हैं। 8 फरवरी को त्रिपुरा पहुंचे, अर्जुन मुंडा ने ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं की तथा भाजपा को सत्ता में लाने के लिए वहां की जनता को आह्वान किया। ऐसे त्रिपुरा वामपंथियों का गढ़ रहा हैं तथा यहां के मुख्यमंत्री माणिक सरकार की, उनके सादगी व व्यवहार तथा ईमानदारी की चर्चा पूरे देश में रही हैं।

गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में एक बार फिर अर्जुन मुंडा की मांग, ये भी बता रहा है कि भाजपा में अर्जुन मुंडा की स्वीकार्यता और ताकत पुनः स्थापित हो गया हैं, जबकि झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, इनके आस-पास भी नजर नहीं आ रहे, अर्जुन मुंडा की त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाग लेना तथा झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का किसी भी चुनाव में भाग नहीं लेना, साफ बताता है कि केन्द्रीय नेतृत्व की नजर में, रघुवर दास कितने लोकप्रिय हैं?

इधर अर्जुन मुंडा ने त्रिपुरा के कदमतला, चांदीपुर, फटिकराय चाय बागान, धरमनगर आदि इलाकों में खुब चुनावी सभा की, तथा लोगों से आम बोलचाल की भाषा में बातें की। अर्जुन मुंडा का कहना है कि जिस प्रकार से भाजपा की चुनावी सभा में लोग उमड़ रहे हैं और जो आम जनता से उनकी बातचीत हो रही हैं, वह बता रहा है कि भाजपा के प्रति लोगों का नजरिया बदला है, लोगों को भाजपा पर विश्वास हो चला है कि वह विकास के प्रति सजग हैं, और यहीं विश्वास त्रिपुरा में भाजपा को सत्तारुढ़ करेगा। पिछले दो दिनों से त्रिपुरा में समय बीता रहे, अर्जुन मुंडा के अनुसार, त्रिपुरा में पहली बार, भाजपा सरकार के नारे सुनाई पड़ रहे हैं, इसलिए इस बार त्रिपुरा के विधानसभा चुनाव परिणाम अप्रत्याशित होंगे, और यहां भाजपा सरकार में होगी।

Krishna Bihari Mishra

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