दारु की दुकान से परेशान महिलाओं ने चुटिया थाना का किया घेराव, CM को सुनाई खरी-खोटी

पिछले एक साल से देसी दारु की दुकान से परेशान रांची के चुटिया लाल सिरम टोली निवासी सैकड़ों महिलाओं ने आज चुटिया थाना का घेराव कर दिया। ये महिलाएं उक्त दुकान में पड़ी करीब पचास से भी ज्यादा बोरियों में बंद पॉलिथीन में पैक देसी दारु को लाकर, चुटिया थाना के मेन गेट पर लाकर पटक दिया तथा उसे सड़क पर ही नष्ट कर दिया। महिलाओं का कहना था कि उक्त देसी दारु की दुकान से उनके बच्चों की पढ़ाई तथा दैनिक जीवन

पिछले एक साल से देसी दारु की दुकान से परेशान रांची के चुटिया लाल सिरम टोली निवासी सैकड़ों महिलाओं ने आज चुटिया थाना का घेराव कर दिया। ये महिलाएं उक्त दुकान में पड़ी करीब पचास से भी ज्यादा बोरियों में बंद पॉलिथीन में पैक देसी दारु को लाकर, चुटिया थाना के मेन गेट पर लाकर पटक दिया तथा उसे सड़क पर ही नष्ट कर दिया। महिलाओं का कहना था कि उक्त देसी दारु की दुकान से उनके बच्चों की पढ़ाई तथा दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। चूंकि पुरा इलाका आवासीय है, ऐसे में वहां कैसे दुकान का लाइसेंस खुल गया? ये आश्चर्य की बात है।

महिलाओं का कहना था कि चूंकि 10 नवम्बर को चुटिया थाना का दरवाजा उनलोगों ने खटखटाया था, और  न्याय की मांग की थी, पर कोई उनकी दर्द को सुना ही नहीं, इसलिए उनके पास कोई विकल्प ही नहीं था, अतः उक्त देसी दारु की दुकान में पड़ी पचास बोरी देसी दारु को थाना पर लाकर पटक दिया।

महिलाओं ने यह भी कहा कि सरकार गरीब सब्जी बेचनेवालों को कह रही है कि वे पॉलीथिन का त्याग करें, और उसके जगह पर कागज से बनी थैलियों अथवा कपड़ों की थैलियों का प्रयोग करें, पर सरकार बताये कि वह जो देसी दारु पॉलिथीन में में बेच रही हैं, वह क्या न्यायसंगत है, क्या इससे प्रदुषण नहीं होता।

देसी दारु की दुकान से आक्रोशित महिलाओं ने रघुवर सरकार के इस क्रियाकलाप पर सरकार को खुब खरी-खोटी सुनाई, तथा उनके भविष्य से न खेलने की चेतावनी दे डाली। आंदोलनरत महिलाओं ने अंत में स्थानीय पुलिस और उत्पाद विभाग के पुलिसकर्मियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर दस दिनों के अंदर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे पुनः आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जायेंगी।

Krishna Bihari Mishra

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