दिल्ली के एक अखबार में छपे CM के एक विज्ञापन पर हेमन्त गुस्से में

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दिल्ली के दैनिक जागरण में 30 दिसम्बर को एक विज्ञापन छपवाई है। विज्ञापन में दावा किया गया है कि रघुवर सरकार ने केवल तीन साल में 16 लाख 50 हजार लोगों को रोजगार दे दिया हैं और आनेवाले दो महीनों में 4 लाख 75 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इस विज्ञापन को देखकर हर कोई हतप्रभ है कि जहां आज भी लोग रोजगार के लिए पलायन कर रहे हैं, जहा लोग आज भी भूख से मर रहे हैं, जहां आज भी लोगों को वृद्धावस्था पेंशन और भर पेट भोजन नहीं मिलता, जहां किसान आत्महत्या कर रहे हैं, अब तो यहां के युवा भी तनाव में आकर आत्महत्या करने लगे हैं, ऐसे में, सरकार का यह दावा क्या सच हो सकता है?

आज भी राज्य से बड़े पैमाने पर रोजगार के लिए पलायन जारी

सूत्र बताते है कि रांची जंक्शन पर ही कोई बैठ जाये और रांची से दिल्ली, कोलकाता, मुंबई की ओर जानेवाली तथा हटिया से दक्षिण की ओर जानेवाली ट्रेनों का प्रतिदिन जायजा ले लिया जाय, तो पता चल जायेगा कि इस दिल्ली में छपे विज्ञापन की क्या स्थिति हैं, आज भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए पलायन को मजबूर हैं, पर सरकार ये मानने को तैयार नहीं।

सरकार बताएं, कि वह विज्ञापन दिल्ली के ही सिर्फ एक अखबार में क्यों, रांची से प्रकाशित अखबारों में वह विज्ञापन क्यों नहीं?

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने इस पूरे मामले पर कहा कि चूंकि रघुवर सरकार को दिल्ली में बैठे अपने आकाओं को राज्य की सुंदर तस्वीर दिखानी मजबूरी है, इसलिए वे इस तरह का विज्ञापन दिल्ली की अखबारों में छपवाते हैं, ताकि उनके आका इस प्रकार के विज्ञापन को देखकर राज्य की प्रगति का जायजा ले लें, पर सच्चाई तो राज्य में रहनेवाले लोगों को पता हैं। उन्होंने कहा कि जब इतनी ही सरकार रोजगार के मामले में गंभीर हैं तो वह वहीं विज्ञापन रांची से प्रकाशित अखबारों में क्यों नही छपवाई?  राज्य सरकार द्वारा सिर्फ दिल्ली में, वह भी एक अखबार में इस विज्ञापन को छपवाना, बहुत कुछ कह देता है कि राज्य सरकार किस स्तर तक पहुंचकर राज्य की जनता को धोखा दे रही हैं, इस सरकार से सत्य की उम्मीद करना सत्य का अपमान हैं।

भाजपा के लोगों की मजबूरियां हो सकती हैं, पर झामुमो मजबूर नहीं, जनता की ओर से सरकार को जवाब मिलेगा

हेमन्त सोरेन ने राज्य सरकार द्वारा छपवाये गये इस विज्ञापन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अगर राज्य में इतने रोजगार का सृजन हो चुका होता, तो राज्य का कब का कायाकल्प हो चुका होता। सच्चाई यह हैं कि यह सरकार दिल्ली में कुछ और रांची में कुछ, अपने मनमुताबिक झूठे विज्ञापनों से अपनी जान बचा रही है, जिससे सभी हैरान और परेशान हैं, स्वयं भाजपा के मंत्री और विधायक भी गुस्से में हैं, कि क्या करें और क्या न करें, पर उनकी मजबूरियां हैं, पर सीएम को मालूम होना चाहिए कि झामुमो मजबूर नहीं हैं, जनता की आंखों में धूल झोंकना, इतना आसान नहीं।