अमृतेश ने दलबदल मामले में महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने को लेकर स्पीकर को लिखा पत्र

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता अमृतेश सिंह चौहान ने झारखण्ड विधानसभाध्यक्ष दिनेश उरांव को पत्र लिखकर दलबदल मामले में महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही है। उन्होंने इस पत्र की प्रतिलिपि झारखण्ड के संसदीय कार्य मंत्री और नेता प्रतिपक्ष को भी उपलब्ध कराई है। पत्र में अमृतेश सिंह चौहान ने लिखा है कि स्पीकर के न्यायालय में 2015 का वाद, जो झारखण्ड विकास मोर्चा के छः विधायकों के उपर लाभ लेकर दल बदलने के मामले, की सुनवाई चल रही है,

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता अमृतेश सिंह चौहान ने झारखण्ड विधानसभाध्यक्ष दिनेश उरांव को पत्र लिखकर दलबदल मामले में महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही है। उन्होंने इस पत्र की प्रतिलिपि झारखण्ड के संसदीय कार्य मंत्री और नेता प्रतिपक्ष को भी उपलब्ध कराई है। पत्र में अमृतेश सिंह चौहान ने लिखा है कि स्पीकर के न्यायालय में 2015 का वाद, जो झारखण्ड विकास मोर्चा के छः विधायकों के उपर लाभ लेकर दल बदलने के मामले, की सुनवाई चल रही है, उस मामले में पूरे देश की जनता की निगाहें फिलहाल झारखण्ड विधानसभाध्यक्ष पर टिकी है।

अमृतेश ने स्पीकर को लिखे पत्र में इस बात को उद्धृत किया है कि अखबार के माध्यम से आपके न्यायालय के प्रति आरोपित विधायकों का रवैया बेहद हल्का ही नहीं, बल्कि उपहास जनक है, तथा जिस तरह से आपके न्यायालय के आखों में धूल झोंककर समय को बर्बाद किया जा रहा है, उससे झारखण्ड की जनता आहत है, जिससे उन्हें ग्लानि हो रही है।

अमृतेश ने लिखा है कि 2015 में इस घटना के समय वे भाजपा प्रदेश में महत्वपूर्ण दायित्व को संभाल रहे थे। जिस दौरान प्रदेश के तत्कालीन केन्द्रीय प्रभारी त्रिवेन्द्र सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष रवीन्द्र राय, प्रदेश संगठन मंत्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं नेताओं से व्यक्तिगत रुप से वे काफी नजदीक थे, जिस कारण उनके योजना एवं रणनीति के वे साक्षी भी थे, जिससे उन्हें कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी दी जाती रही। इस दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई, जो वे स्पीकर के समक्ष रखना चाहते है, जो सुनवाई में काम भी आ सकता है।

अमृतेश ने लिखा है कि चूंकि इस पल के बाद सबकी निगाहें उनके उपर होगी, इस कारण कम समय में आपका निर्णय हो, यह उनका आग्रह है। जिससे उच्च न्यायालय में जाने का समय बच सके। अमृतेश ने पत्र मे लिखा है कि देरी से न्याय भी अन्याय के समान है। सौभाग्य से लोकतंत्र एवं संविधान एवं लोकतंत्र की जिम्मेवारी आप जैसे अध्यक्ष के उपर ही हैं।

Krishna Bihari Mishra

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