दुष्कर्म के बाद नाबालिग को जिंदा जला देने की घटना ने रघुवर सरकार के मुख पर कालिख पोत दी

चतरा जिले के इटखोरी के केंदुआ गांव में आठवीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद, उसकी घर में घुसकर जिंदा जला देने की घटना ने रघुवर सरकार के शासन पर कालिख पोत दी है। बताया जाता है कि पंचायत ने दुष्कर्म मामले में आरोपी घन्नू भूइयां को पचास हजार रुपये का दंड दिया था, जिसको लेकर वह क्रोधित था, और इसी वजह से धन्नू भूइयां और उसके लोग छात्रा के घर में घुसकर उसे जिंदा जला दिया।

चतरा जिले के इटखोरी के केंदुआ गांव में आठवीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद, उसकी घर में घुसकर जिंदा जला देने की घटना ने रघुवर सरकार के शासन पर कालिख पोत दी है। बताया जाता है कि पंचायत ने दुष्कर्म मामले में आरोपी घन्नू भूइयां को पचास हजार रुपये का दंड दिया था, जिसको लेकर वह क्रोधित था, और इसी वजह से धन्नू भूइयां और उसके लोग छात्रा के घर में घुसकर उसे जिंदा जला दिया। लोग बताते है कि नाबालिग एक शादी समारोह में गई थी, जहां से उसे उठाकर जंगल ले जाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

नाबालिग के साथ हुई इतनी बड़ी क्रूरता ने पूरे झारखण्ड के लोगों को अंदर से हिलाकर रख दिया है। इधर इस घटना के प्रकाश में आने के बाद पुलिस सक्रिय हुई है और इस घटना के आरोप में गांव की मुखिया तिलेश्वरी देवी, पंचायत समिति सदस्य रंजय रजक सहित 14 लोगों को पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आरोपी और उसका पूरा परिवार फरार है। राजा केन्दुआ घटना की जांच कर रहे बोकारो प्रक्षेत्र के डीआइजी शंभू ठाकुर के अनुसार मुख्य अभियुक्त धन्नु भुइयां समेत अन्य 4 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी अभियान चला रखी है।

इधर मुखिया तिलेश्वरी देवी का कहना है कि इस घटना की जानकारी पुलिस को पहले मिली थी, पंचायत को इसकी सूचना बहुत बाद में मिली। पंचायत ने जो फैसला सुनाया था, वह पुलिस के कहने पर ही सुनाया था। मुखिया के इस कथन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्नचिह्न लगा दिया है। हालांकि इतनी बड़ी घटना के बाद बड़े अधिकारियों का चतरा पहुंचना जारी है, मुख्यमंत्री के आदेश के बाद एसआइटी का गठन हो गया है, पीड़िता के परिवार को तत्काल एक लाख रुपये की सहायता राशि दे दी गई है, फिर भी मुखिया के बयान ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली की कलई खोलकर रख दी है, साथ ही मुख्यमंत्री रघुवर दास के पारदर्शिता भयमुक्त शासन के भी दावे का पोल खोलकर रख दिया है।

इधर चतरा में हुए इस घटना को लेकर कई राजनीतिक दल सड़कों पर उतर आये और रघुवर सरकार तथा पुलिस प्रशासन की कड़ी आलोचना की। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता आलोक दूबे ने कहा कि चतरा की घटना दुखद, दर्दनाक, दुर्भाग्यपूर्ण, चिंतनीय तथा शर्मसार करनेवाली है। इस सरकार में महिलाओं और बच्चियों का जीना दुश्वार हो गया है।

आम आदमी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष अमिता सिन्हा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अलबर्ट एक्का चौक पर इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। अमिता सिन्हा का कहना था कि झारखण्ड में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध एवं बलात्कार की घटनाओं को रोकने में मुख्यमंत्री रघुवर दास असफल साबित हो रहे है। यह राज्य फिलहाल अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यहां जंगल राज है, और इस जंगलराज में महिलाएं सुरक्षित नहीं।

महानगर महासचिव डा. प्रियंका का कहना था कि चतरा में घटी बलात्कार एवं जलाकर पीड़िता की हत्या की घटना तो एक उदाहरण मात्र है। राज्य में प्रतिदिन चार बलात्कार हो रहे है, जिस पर रोक लगाने में सरकार पूरी तरह से नाकाम है। आम आदमी पार्टी ने सरकार से मांग की कि इस घटना के दोषियों को छः महीने के अंदर फास्ट ट्रेक कोर्ट के माध्यम से सजा दिलवायें, ताकि ऐसा करनेवालों को एक सबक मिले।

Krishna Bihari Mishra

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