आखिर धनबाद पुलिस ये तो बताएं कि जिस विकास को वह 14 जनवरी को गिरफ्तार की, वो आज हैं कहां?

धनबाद सिन्दरी कालोनी के क्वार्टर नंबर 3/15 में रहनेवाले बिन्देश्वरी प्रसाद सिंह के बेटे सुमीत कुमार सिंह ने धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पुलिस की गिरफ्त में रह रहे अपने भाई विकास कुमार सिंह को मुक्त करने का अनुरोध किया है। सुमीत कुमार सिंह ने इस पत्र की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक झारखण्ड, पुलिस महानिरीक्षक बोकारो परिक्षेत्र, मानवाधिकार आयोग रांची एवं मुख्यमंत्री झारखण्ड को भी प्रेषित किया है।

धनबाद सिन्दरी कालोनी के क्वार्टर नंबर 3/15 में रहनेवाले बिन्देश्वरी प्रसाद सिंह के बेटे सुमीत कुमार सिंह ने धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पुलिस की गिरफ्त में रह रहे अपने भाई विकास कुमार सिंह को मुक्त करने का अनुरोध किया है। सुमीत कुमार सिंह ने इस पत्र की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक झारखण्ड, पुलिस महानिरीक्षक बोकारो परिक्षेत्र, मानवाधिकार आयोग रांची एवं मुख्यमंत्री झारखण्ड को भी प्रेषित किया है।

सुमीत ने अपने पत्र में लिखा है कि दिनांक 14 जनवरी 2019 को प्रातः 8.30 बजे जब वह अपने पैतृक निवास निरसा में था, तभी तिसरा थाना के पुलिस पदाधिकारी व अन्य आये और बलपूर्वक उसके भाई विकास कुमार सिंह को उठाकर ले गये। उसके बाद से जब वह तिसरा थाना, झरिया थाना और अन्य थानों में अपने भाई विकास की खोज की, तो उसे कही पता नहीं चला।

15 जनवरी को दिन के 12 बजे जब वह पाथरडीह थाना पहुंचा, तो पता चला कि उसका भाई पाथरडीह थाना में ही है और उसके चिल्लाने तथा सिसकने से साफ पता चल रहा था कि उसके साथ स्थानीय पुलिस ने थर्ड डिग्री इस्तेमाल किया है, बाद में इस थाने से भी उसके भाई विकास को कही और ले जाया गया।

सुमीत ने पत्र में इस बात को इंगित किया है कि उसके भाई को मार-पीटकर, स्थानीय पुलिस गलत स्वीकारोक्ति कराना चाहती है, अथवा झूठे मुकदमें में फंसाकर जेल भेजना चाहती है, सुमीत ने इस बात की ओर भी इशारा किया है कि उसके भाई को गिरफ्तार किये हुए 60 घंटे से भी अधिक बीत गये, और उसका कही कोई अता-पता नहीं चल रहा, जो स्वयं में एक अपराध है, अतः वरीय पुलिस अधीक्षक इस पत्र का संज्ञान लें और उसके भाई विकास को शीघ्रातिशीघ्र मुक्त कराये।

कमाल है नियम हैं आप किसी भी व्यक्ति को संदेहास्पद स्थिति में उठाते हैं, तो उसे 24 घंटे से अधिक हिरासत में नहीं रख सकते, उसे आपको अदालत में पेश करना जरुरी है, पर यहां तो कई दिन बीत गये, पर विकास का कोई अता-पता ही नहीं है, ऐसे में धनबाद पुलिस का ये चरित्र कुछ अलग ही कहानी पेश कर रही है, ऐसे तो पूरे झारखण्ड की स्थिति बेहद ही चिंताजनक है, यहां के भ्रष्ट पुलिस की कहानी और गरीब, मजलूमों व पीड़ितों के साथ उनकी दादागिरी, प्राथमिकी नहीं दर्ज करना, गलत करनेवालों को बचाने के लिए किसी भी स्तर तक गिर जाना, नक्सलियों के नाम पर बच्चों पर गोली चलवा देना, यहां आम बात हो गई है।

आपको याद होगा कि भूली में हाल ही में एक लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ, जिसको दबाने के लिए भूली थाना के पुलिस पदाधिकारियों ने क्या किया? वह किसी से छुपा नहीं है। भाजपा की जिला मंत्री कमला कुमारी, बाघमारा के भाजपा विधायक ढुलू महतो के खिलाफ कतरास थाने में कई बार प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पहुंची, पर आज तक कतरास थाने में कार्यरत पुलिस अधिकारियों ने प्राथमिकी दर्ज करना उचित नहीं समझा।

ऐसे में धनबाद पुलिस का अब एक और नया चेहरा सामने आ गया हैं, क्या हम समझे कि सुमीत को उसका भाई विकास शीघ्र मिल जायेगा, उसके आंखों के सामने सही हाल में दिखेगा या और कोई दुसरा नजारा सामने आ जायेगा, क्योंकि पुलिस का चेहरा, आम आदमी के नजरों में तो साफ झलक रहा है कि वह किसके लिए काम करती है और क्या कर रही है?

Krishna Bihari Mishra

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