भगवान बिरसा की प्रतिमा के समक्ष आदित्य का अनोखा प्रदर्शन, कहा मॉब लिंचिंग के नाम पर झारखण्ड को बदनाम न करें

आज रांची के बिरसा चौक पर स्थित भगवान बिरसा की प्रतिमा के समक्ष रांची के ही एक युवक आदित्य स्वरुप साहू ने एक पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया, जो इस रास्ते से गुजरनेवाले लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र बन गया। उसने अपने पोस्टर पर लिख रखा था कि “ ये भगवान बिरसा मुंडा की धरती झारखण्ड है। यहां आदिवासी धर्मगुरु मंगरु पाहन की हत्या कर दी गई, सभी खामोश रहे, क्योंकि हमारे साजिद, अजमत और रमजान का कोई धर्म नहीं है,

आज रांची के बिरसा चौक पर स्थित भगवान बिरसा की प्रतिमा के समक्ष रांची के ही एक युवक आदित्य स्वरुप साहू ने एक पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया, जो इस रास्ते से गुजरनेवाले लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र बन गया। उसने अपने पोस्टर पर लिख रखा था कि ये भगवान बिरसा मुंडा की धरती झारखण्ड है। यहां आदिवासी धर्मगुरु मंगरु पाहन की हत्या कर दी गई, सभी खामोश रहे, क्योंकि हमारे साजिद, अजमत और रमजान का कोई धर्म नहीं है, लेकिन एक बाइक चोर की पिटाई को लिंचिंग का नाम देकर देश भर में हमारे राज्य को बदनाम किया जा रहा है, आखिर क्यों?”

आदित्य स्वरुप साहू के इस पोस्टर से साफ पता चलता है कि वह रांची में हाल ही में घटित एक घटना को लेकर ज्यादा व्यथित है। घटना यह थी कि रांची के अरगोड़ा के सरना कोचा में गत शुक्रवार को तीन नशेड़ियों को गांजा पीने से रोकने के क्रम में मंगरु पाहन की हत्या कर दी गई थी, ये तीनों नशेड़ी एक ही समुदाय के थे, जिन्होंने मंगरु पाहन को गत दिनों अपना निशाना बनाया था।

इन दिनों जब से सरायकेलाखरसावां में मॉब लिंचिंग के दौरान तबरेज की मौत हुई है, और तबरेज को लेकर जिस प्रकार से एक वर्ग के लोग रांची में प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ लोग आदित्य स्वरुप साहू के इस मौन एकल प्रदर्शन को उसके जवाब के रुप में देख रहे हैं, ऐसे भी रांची में तबरेज को लेकर चल रहा प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा, प्रतिदिन कोई कोई संगठन रांची में अपनेअपने ढंग से प्रदर्शन कर रहा हैं और अपने आक्रोश को व्यक्त कर रहा हैं, पर आदित्य के इस मौन एकल प्रदर्शन ने तबरेज मामले की दिशा बदलने की शुरुआत कर दी है।

Krishna Bihari Mishra

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