AAP ने भाजपा के बड़े नेताओं पर सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासी ज़मीन लूटने का लगाया आरोप

भाजपा के बड़े नेताओं द्वारा फर्जीवाड़ा करके राँची में आदिवासी ज़मीन लूटने और सीएनटी एक्ट के उल्लंघन मामले पर आम आदमी पार्टी द्वारा प्रेस क्लब राँची में प्रेस वार्ता आयोजित किया गया। जिसमें भाजपा नेताओं द्वारा आदिवासी ज़मीन के लूट और फर्जीवाड़ा के सबूत भी पेश किए गए। वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा कि अगर राज्य की भाजपा सरकार ईमानदारी से सीएनटी एक्ट…

भाजपा के बड़े नेताओं द्वारा फर्जीवाड़ा करके राँची में आदिवासी ज़मीन लूटने और सीएनटी एक्ट के उल्लंघन मामले पर आम आदमी पार्टी द्वारा प्रेस क्लब राँची में प्रेस वार्ता आयोजित किया गया। जिसमें भाजपा नेताओं द्वारा आदिवासी ज़मीन के लूट और फर्जीवाड़ा के सबूत भी पेश किए गए। वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा कि अगर राज्य की भाजपा सरकार ईमानदारी से सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करके लूटी गई जमीन को लेकर कार्रवाई करती हैं तो उनकी पार्टी सरकार के इस कार्य का पुरजोर समर्थन करेगी।

आम आदमी पार्टी के लक्ष्मी नारायण मुंडा का कहना था कि इस राज्य में बड़े पैमाने पर सीएनटी एक्ट कानून का उल्लंघन विधायकोंसांसदों, मंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्रियों राजनेताओं, पूर्व विधायकों – सांसदों और नौकरशाहों के द्वारा किया गया है, लेकिन राज्य की रघुवर सरकार इस पर पूरी ईमानदारी से कार्रवाई नहीं कर रही है। 

वहीं इसकी आड़ में सिर्फ और सिर्फ विपक्षी दल के कुछ नेताओं को यह बीचबीच में टारगेट करती है, जिसका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाना है। सवाल ये है कि उन नेताओं के साथ साथ भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं द्वारा भी फर्जीवाड़ा कर आदिवासियों की जमीन लूटी गई हैं तो ऐसे  हालत में राज्य की रघुवर सरकार सीएनटी एक्ट के उल्लंघन वाले मामले में कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? दरअसल ऐसा करके राज्य की रघुवर दास की सरकार सीएनटी कानून के अहमियत को खत्म करने का माहौल तैयार करना चाह रही है।

अगर सही मायने में रघुवर दास की सरकार और उनका प्रशासन सीएनटी एक्ट के उल्लंघन के मामले में गंभीर है तो सबसे पहले उनकी ही पार्टी के राज्यसभा सांसद समीर उरांव और विधायक रामकुमार पाहन के ऊपर कार्रवाई करें ज्ञातव्य है कि भाजपा के राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने भी अरगोड़ा थाना नंबर 207, खाता संख्या 233, प्लॉट नंबर 1543, रकवा 44 डिसमिल खतियानी रैयतों के वंशजों को डरा धमका कर, प्रलोभन देकर फर्जी दस्तावेज के द्वारा परमिशन स्वीकृति करा कर अपने सहोदर भाई अनिल उरांव के नाम से रजिस्ट्री कराया है तथा करोड़ों रुपए की संपत्ति को जैसेतैसे महज पांच लाख अब तक देकर ही लिया है।

आज भी उसी जमीन पर आननफानन में जल्दबाजी में घर बनाकर रह रहे हैं। यहां बताना उचित होगा कि जिन लोगों से फर्जी दस्तावेज, फर्जीवाड़ा करडरा धमकाकर जमीन लिया गया है, उन्हीं में से एक सुखदेव उरांव, पितामहादेव उरांव, पताहरमू, ढेलाटोली, रांची ने इसकी शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री, उपायुक्त रांची, वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची तथा अरगोड़ा थाना प्रभारी रांची से किया है लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि इसी खाता नंबर 233 की जमीन पर ही सोहराई भवन बना है, जो जमीन कल्पना सोरेन के नाम से लिया गया है यह पूरी तरह सरकार की दोहरी नीति है।

यहां बताना उचित होगा कि हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन और समीर उरांव के भाई अनिल उरांव के द्वारा सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करके ली गई जमीन एक ही खाता और एक ही मौजा की है, सिर्फ प्लॉट अलगअलग जगह पर स्थित है। वहीं भाजपा के खिजरी विधायक रामकुमार पाहन भी सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करके मौजा तिरिल कोकर रांची में खाता नंबर 86 प्लॉट नंबर 397 रकवा 4 कट्ठा जमीन फर्जीवाड़ा करके अधिकारियोंकर्मचारियों की मिलीभगत से खरीदा है।

जिसकी लिखित शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से किया गया है राष्ट्रपति कार्यालय ने इसकी जांच कर कार्रवाई करने का आदेश मुख्य सचिव झारखंड को दिया है। उसी के आलोक में राजस्व एवं निबंधन विभाग की अवर सचिव ने उपायुक्त रांची को जांचोपरांत समुचित कार्रवाई करने का आदेश दिया है, लेकिन आज तक इस पर उपायुक्त रांची के द्वारा कोई कारवाई नहीं किया गया है। इसलिए राज्य सरकार और उसकी प्रशासन की मंशा सच में सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना है तो झामुमो के हेमंत सोरेन के साथसाथ, भाजपा के राज्यसभा सांसद समीर उरांव, भाजपा के विधायक रामकुमार पाहन के उपर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

इसी तरह सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करने वालों में कई सारे राजनीतिक दलों के पक्षविपक्ष के राजनेता और नौकरशाह शामिल हैं। उनपर भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रहा है? ऐसा करके राज्य की रघुवर सरकार यह साबित करती है कि उसका ये कदम महज राजनीतिक प्रोपेगेंडा और चुनावी फायदा के लिए चुनिंदा कार्रवाई है। इसलिए राज्य सरकार से आग्रह है कि विरोधी दलों के नेताओं पर कार्रवाई के साथ सत्ता पक्ष के सांसदविधायकों पर भी कार्रवाई की जाए।

श्री मुंडा ने सवाल करते हुए कहा कि क्या सरकार और प्रशासन दल, धर्म, जाति, क्षेत्र देख कर कार्रवाई करने का निर्णय लेती है? अगर ऐसा है तो यह बिल्कुल अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक कदम है, जिसका पुरजोर विरोध आम आदमी पार्टी करती है। श्री मुंडा ने राज्य की रघुवर सरकार से मांग करते हुए कहा है कि सीएनटी एक्ट के उल्लंघन में जो भी दोषी पाए जाएं चाहे वे जनप्रतिनिधि पक्ष के हो या विपक्ष के, अधिकारी हो या कोई भी, सब पर कारवाई किया जाए। प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष पवन पांडेय एवं परवेज़ शहज़ाद, प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह, संयुक्त सचिव श्रीमती यासमीन लाल तथा प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश कुमार भी मौजूद थे। 

Krishna Bihari Mishra

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