राजेश मिश्रा प्रकरण पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो, नहीं तो आंदोलन झेलने को तैयार रहे प्रशासन – प्रीतम

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ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के बिहार/झारखंड और बंगाल प्रभारी प्रीतम सिंह भाटिया ने हजारीबाग पहुंचकर पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता राजेश मिश्रा के आवास पर बैठक की। बैठक के दौरान ही एसोसिएशन की टीम द्वारा जेल से रिहा हुए पीड़ित पत्रकार राजेश मिश्रा, कृष्णा नंदन और सोनू केसरी से कुछ आवश्यक सवाल जवाब किए गये।

इस दौरान एसोसिएशन ने पाया कि पत्रकारों के साथ न सिर्फ अन्याय हुआ बल्कि उनके साथ साजिश होने के बावजूद अब तक पूर्णरूपेण न्याय नहीं मिला है। सभी सवालों के जवाब के बाद एसोसिएशन द्वारा तय किया गया कि इस मामले में दोषी सभी अधिकारियों के खिलाफ लड़ाई निर्णायक होनी चाहिए। यह भी तय किया गया कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक कि पत्रकारों को झूठे मामले में जेल भेजने वाले दोषी अधिकारियों पर समुचित कार्रवाई ना हो जाए।

एसोसिएशन के प्रदेश प्रभारी प्रीतम भाटिया ने कहा कि प्रशासन द्वारा दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जब तक इस मामले में दोषी अधिकारी जांच के दायरे में नहीं आएंगे, तब तक न्याय की कामना करना ही व्यर्थ है। इसलिए लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर सख्त कार्रवाई ना हुई तो इस परंपरा को राज्य में आगे भी जारी रखा जाएगा, इसलिए इस गलत परंपरा का अंत होना जरूरी है और इस परंपरा के अंत के लिए ठोस कार्यक्रम बनाकर, एसोसिएशन उस पर अमल भी करेगा और  जरुरत पड़ी तो राज्यभर में आंदोलन भी खड़ा किया जायेगा।

एसोसिएशन की बैठक में मूल रूप से AISMJWA के प्रदेश कानूनी सलाहकार रिटायर्ड डीएसपी बी.एन सिन्हा, रामगढ़ जिला अध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा, रांची जिला कमेटी के प्रविंद पांडेय, संदीप पाठक समेत कई जाने-माने पत्रकार भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान ही रामगढ़ जिला अध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा ने कहा कि पत्रकारों में आपसी फूट के कारण ही उनका शोषण हो रहा है। अब पत्रकारों को जागरूक होने की आवश्यकता है।

श्री वर्मा ने कहा कि पत्रकार यदि जागरूक ना हुए तो आने वाला समय और भी घातक साबित होगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार गुटों में बंटे हुए हैं और वे एकजुट नहीं है, जिसका पूरा-पूरा लाभ वैसे लोगों को मिल रहा है जो पत्रकारों के खिलाफ साजिश रचते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार एकजुट ना हो, इसके लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। ये सभी पत्रकार जानते भई हैं और अब इतना जानकर भी एकजुट नहीं होंगे तो भविष्य असुरक्षित रहेगा।

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