अभिनन्दन दो अज्ञात युवक और जमशेदपुर पुलिस, आपने छोटी सी बच्ची आराध्या की जिंदगी बचा ली

आजकल देश में बच्चों के साथ हैवानियत के किस्से खूब सुनने को मिल रहे हैं, पर जमशेदपुर में आज एक ऐसी भी घटना घटी, जिसको देख-सुन केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि पूरा जमशेदपुर उन दो युवकों की तलाश में जुट गया, जिनकी वजह से अपने घर से भटक चुकी एक मासूम सी बच्ची बड़े वाहन के नीचे आने से ही नहीं बची, बल्कि कई आशंकाओं व दुर्घटनाओं से भी बच गई।

आजकल देश में बच्चों के साथ हैवानियत के किस्से खूब सुनने को मिल रहे हैं, पर जमशेदपुर में आज एक ऐसी भी घटना घटी, जिसको देख-सुन केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि पूरा जमशेदपुर उन दो युवकों की तलाश में जुट गया, जिनकी वजह से अपने घर से भटक चुकी एक मासूम सी बच्ची बड़े वाहन के नीचे आने से ही नहीं बची, बल्कि कई आशंकाओं व दुर्घटनाओं से भी बच गई।

उन दोनों युवाओं ने उक्त बच्ची को सिर्फ बचाया ही नहीं, बल्कि पीसीआर वाहन को सुपूर्द कर चलते बने, जिसकी वजह से वह छोटी सी बच्ची अपने परिवार से आसानी से मिल गई, नहीं तो उक्त बच्ची के उपर क्या पहाड़ टूटता, बताने की लगता है कि कोई जरुरत नहीं, वर्तमान परिस्थितियों को देख आप समझ सकते हैं।

दरअसल गोलमुरी थाना के गाढ़ाबासा की रहनेवाली यह छोटी बच्ची अपनी मां के साथ बर्मामाइन्स के कंचननगर को गई थी। वहां वह खेलते-खेलते मां और अपने परिचितों से बहुत दूर निकल गई। बर्मामाइन्स और गाढ़ाबासा के बीच कहीं वह नन्ही परी सड़क पार करने की कोशिश करने लगी, और इसके पहले कि वह बड़े वाहन की चपेट में आती, वहां से गुजर रहे दो युवकों की ध्यान उस पर पड़ी और उसे आराम से बचा लिया, तथा विपरीत दिशा से आ रही पीसीआर वैन को सौंप दिया।

पुलिस द्वारा पुछने पर बच्ची ने अपना नाम आराध्या बताया और अपना घर गाढ़ाबासा बताया, इससे ज्यादा वह कुछ बताने की स्थिति में नहीं थी। इधर पीसीआर गाड़ी उसे गोलमुरी थाने ले आई और उसके बाद गोलमुरी थाना प्रभारी रणविजय शर्मा जोर शोर से बच्ची के परिजनों की तलाश में जुट गए। उन्होंने बच्ची की तस्वीर मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य कई जगहों पर भेज दी।

इसी बीच बच्ची की नानी बच्ची को खोजती हुई पुलिस को मिली। उसके बाद बच्ची की मां को बुलाया गया और बच्ची को सौंप दिया गया। इस दौरान बच्ची थाने में ही लेडी पुलिस की देखरेख में शांतिपूर्वक रही। वह अपनी मां को याद करती थी पर फुसलाने पर बहल जाती थी। नन्ही परी मां के बारे में पूछने पर कहती थी कि वह कपडा बेचती है। इस छोटी बच्ची के पिता शहर से बाहर काम करते हैं और वह अपनी मां प्रीति के साथ गोलमुरी थाना क्षेत्र के गाढाबासा में रहती है।

इस तरह एक प्यारी सी बच्ची के खोने की कहानी का प्यारा सा एंड हुआ और ये दर्शा गया कि इंसानियत अब भी जिंदा है और पुलिस नेक काम करने में पीछे नहीं है।आज जब  यूपी में दो वर्ष की मासूम ट्विंकल शर्मा के साथ हुई हैवानियत दिल दहला देती है, वहीं लौहनगरी के उन दो युवकों और पुलिस की पीठ थपथपाने में किसी को पीछे नहीं रहना चाहिए, जिनकी वजह से मासूम आराध्या आज महफूज है।

जाने वो दो युवक कौन थे, उनको सलाम, वरना किसी हैवान के हाथ लग जाती तो जाने क्या होता ये तो सोचकर भी रुह कांप उठती है। उन दोनों युवकों ने सिर्फ आराध्या को उसके परिजनों तक पहुंचाने में अपनी महती भूमिका अदा की बल्कि उसे बडे वाहन की चपेट में आने से भी बचाया यानी उसकी जान बचा ली।

Krishna Bihari Mishra

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