1932 खतियान के खिलाफ बोलना धुर्वा के छह लोगों को पड़ा महंगा, सरकार ने दफा 107 के तहत नोटिस थमवाई

1932 के खतियान के खिलाफ बोलने पर धुर्वा के छह लोगों को राज्य सरकार ने दफा 107 दं. प्र. सं. के तहत नोटिस थमवा दिया है। ज्ञातव्य है कि 1932 के खतियान के खिलाफ रांची धुर्वा के कुछ लोग सक्रिय थे, और इसका विरोध करने की प्लानिंग तैयार कर रहे थे। एक दो बार इन लोगों ने 1932 के खतियान लागू करने के खिलाफ बयान भी दिया था तथा इसके खिलाफ आंदोलन करने का एलान भी किया था।

इन सभी छह लोगों पर शांति भंग करने का आरोप लगाया गया है। सभी को सोमवार यानी कल 19 सितम्बर 2022 को सुबह 10.30  तक अनुमंडलीय न्यायालय में अपने अधिवक्ता के साथ आकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। यह आदेश रांची के सदर एसडीओ के हस्ताक्षर से आज जारी हुआ।

पत्र में साफ उल्लेखित है कि इन सभी छह सदस्यों को क्यों नहीं, एक वर्ष की अवधि के लिए परिशान्ति कायम रखने के लिए पचास हजार रुपये का बन्ध पत्र तथा उसी राशि का दो प्रतिभूतियों के साथ प्रस्तुत करने का आदेश दिया जाये। जिनके खिलाफ नोटिस जारी की गई है उनके नाम है – प्रदीप तिवारी, कैलाश यादव, रंजन कुमार उर्फ छोटू, नवनीत कुमार, बिट्टू मिश्रा और राम कुमार यादव। ये सभी रांची धुर्वा के निवासी है।

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