फिल्म

आप जिंदा हैं, इस सर्टिफिकेट को पाने के लिए 60 वर्षीय खान+पादुकोण की कामोत्तेजक फिल्म ‘पठान’ अवश्य देखें!

जय पादुकोण, जय खान, जय ‘पठान’। पोर्न फिल्म देखनेवाले समस्त दर्शकों, वामपंथियों, सेक्यूलरों, टूकड़े-टूकड़ें गैंगों, रवीश और रवीश टाइप्ड पत्रकारों व उनके समर्थकों से मार्मिक अपील ‘पठान’ फिल्म को हिट कराने में तन-मन-धन से जुट जायें, क्योंकि पहली बार पादुकोण और 60 वर्षीय खान का कामोत्तेजक चलचित्र भारत में देखने को मिलेगा।

जो लोग इस पादुकोण+खान का फिल्म देखेंगे, उन्हें सर्टिफिकेट भी मिलेगा कि वे जिन्दा हैं, इसलिए ये सभी के लिए जरुरी है। इसका सभी लाभ उठाएं। जय पादुकोण, जय खान। ऐसे भी पूरे देश में फिल्म जगत में काम करनेवाले या अन्य जगहों पर कार्यरत व्यक्तियों का समूह जिन्हें शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण में देश का चरित्र व संस्कृति झलकता हैं, वे इन दिनों कोलकाता में शाहरुख के दिये बयान से हर्षित हैं। खुब उनका प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

बयान क्या है? ‘दुनिया कुछ भी करें, हम जैसे लोग जिन्दा है’। अरे हां भाई, आप जैसे लोग क्यों नहीं जिंदा रहेंगे, दरअसल आप जैसे लोग जिन्दा नहीं रहेंगे तो फिर भारत की सभ्यता संस्कृति पर कीचड़ कौन उछालेगा? वर्तमान और आनेवाली पीढ़ी के जेहन में गंदगी कौन भरेगा? आप जैसे महान गंदगी फैलानेवाले कलाकारों को तो रहना ही चाहिए। हमें तो लगता है कि दीपिका जी ने बहुत ही ज्यादा ड्रेस पहन रखा हैं, थोड़ा और वस्त्र उतर जाता तो देश में अवश्य क्रांति हो जाती, देश अमेरिका और चीन को भी धूल चटा देता।

आप तो अपने बेटे में भी चरित्रहीनता का रंग देखना चाहते हैं तो ये तो दीपिका पादुकोण के वस्त्रों में बेशर्मी का रंग देख लिया तो क्या हो गया? हमारे देश में तो एक ऐसे भी कलाकार हुए जो फिदा हुसैन के नाम से जाने जाते थे और उन्हें हिन्दू देवी-देवताओं को नंगी तस्वीर बनाने में ही परमानन्द की प्राप्ति होती थी और उन जैसे व्यक्तित्वों पर भी माधुरी दीक्षित जैसी महान अभिनेत्रिया फिदा हो जाती थी, पर किसी ने भी माधुरी दीक्षित का प्रतिकार नहीं किया, क्योंकि हमारे देश में तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर भारत की मिट्टी से पैदा होनेवाले धर्म व संस्कृति को गाली देने का फैशन जो हैं।

इसलिए हे शाहरुख खान जी और हे दीपिका पादुकोण जी, हो सकें तो फिल्म पठान में एक और दो ऐसे ही धमाकेदार सीन उत्पादित कर दीजिये ताकि जो लोग अपने मोबाइलों में जिन दृश्यों को देखने के लिए लालायित रहते हैं, वे बड़े पर्दें पर देखकर परमानन्द को प्राप्त कर सकें तथा स्वयं को जिन्दा रहने का प्रमाण पत्र भी हासिल कर सकें। मैं तो चाहता हूं कि जिस भी मल्टीप्लेक्स में आपकी ये धूम-धड़ाकेवाली फिल्म लगे, वहां आपके हस्ताक्षरित कार्ड भी जारी किया जाये, जिसमें दीपिका की अधनंगी और आपकी मर्द पठानवाली फोटो रहे, तथा उस पर लिखा रहे, प्रमाणित किया जाता है कि आप जिन्दा है।