वाह मोदी जी, ममता बनर्जी आपके लोगों को जेल में घुसाएं तो आपको दर्द होता है और CM रघुवर वहीं कुकर्म करें तो आपका दर्द गायब?

सचमुच कल प. बंगाल की एक सभा में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वह भाषण देश की बहुत सारी जनता के दिलों को छू गया होगा, जिसमें वे ममता बनर्जी के गुस्से को प्यार से जीतने की बात कर रहे हैं। जरा देखिये हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कह क्या रहे हैं, वे एक चुनावी सभा में प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कोट करते हुए कहते है।

सचमुच कल प. बंगाल की एक सभा में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वह भाषण देश की बहुत सारी जनता के दिलों को छू गया होगा, जिसमें वे ममता बनर्जी के गुस्से को प्यार से जीतने की बात कर रहे हैं। जरा देखिये हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कह क्या रहे हैं, वे एक चुनावी सभा में प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कोट करते हुए कहते है।

“एक तस्वीर के लिए इतना गुस्सा, आप तो आर्टिस्ट हैं, पेंटिंग करती हैं, चित्रकार भी हैं, सुना है नारदा-शारदा का नाम जपते-जपते आपकी पेंटिंग करोड़ों में बिक जाया करती हैं, मैं आज इस मंच से, बंगाल की धरती से आपसे आग्रह करुंगा, आपका गुस्सा ठंडा करने के लिए, आप भद्दा से भद्दा, गंदा से गंदा मेरा चित्र बनाइये, आप जरुर बनाइये, और 23 मई के बाद मेरा पीएम का शपथ ग्रहण हो जाने के बाद वह भद्दी से भद्दी तस्वीर मुझे भेंट करिये, मैं उसे प्यार से स्वीकार करुंगा, जिंदगी भर उसे अपने पास रखुंगा और आपके खिलाफ एफआइआर नहीं करुंगा।”

अब सवाल उठता है कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन पंक्तियों के द्वारा ममता बनर्जी ही नहीं, बल्कि पूरे देश को एक संदेश दे रहे है कि जो भी लोग उटपटांग चित्र या भद्दे चित्र किसी के लिए भी बनाते हैं, उन पर दया या प्यार लूटाने की जरुरत है, न कि उनसे नफरत करने की या उन्हें सबक सिखाने की, या उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवा देने की, तो मेरा सवाल भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ही हैं कि यह अद्भुत ज्ञान/संदेश सिर्फ प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और देश की जनता के लिए हैं या भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं/कार्यकर्ताओं के लिए भी हैं?

क्या पीएम नरेन्द्र मोदी को इस बात की जानकारी नहीं कि केवल झारखण्ड में ही, उनके अतिप्रिय मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अहंकार के मामले में ममता बनर्जी को भी पीछे छोड़ दिया हैं और चुन-चुनकर ऐसे-ऐसे लोगों पर थाने में अपने लोगो को कहकर प्राथमिकी दर्ज करवाई, जिससे बहुत सारे लोगों के चेहरे से खुशियां ही गायब हो गई, और संविधान में मिले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ही उनके द्वारा चोट पहुंचा दी गई। आज भी कई ऐसे बच्चे हैं, पत्रकार है, जो मुख्यमंत्री रघुवर दास की घटिया सोच के कारण पीड़ित हैं, उन्हें झूठे मुकदमें में फंसा दिया गया हैं।

झारखण्ड में तो कई ऐसे मामले है कि कांड भाजपा के नेताओं ने किया और उसमें निर्दोष को फंसाकर रख दिया गया, कई-कई कांड तो ऐसे है कि जो जिंदगी भर भाजपा और संघ का झोला ढोया और उसे भी झूठे केस में फंसा दिया गया, क्योंकि उसका चेहरा सीएम रघुवर दास और उनके कनफूंकवों को पसन्द ही नहीं और यहीं कारण रहा कि सीएम रघुवर और उनके कनफूंकवे के कहने पर झूठे केस डलवा दिये गये और साथ ही साथ उस झूठे प्राथमिकी से संबंधित समाचार को बड़े ही रोचक ढंग से अखबारों व चैनलों में प्रसारित करने का भी प्रबंध कर दिया गया। आज भी सीएम हाउस में बैठकर ऐसे लोग कुकृत्य करने से बाज नहीं आ रहे।

पीएम मोदी जी, ये तो वही बात हो गई पर उपदेश कुशल बहुतेरे, यानी आप दूसरे को उपदेश दे रहे हैं, ममता बनर्जी को संदेश दे रहे हैं, और आपके चेले-चपाटी जिन्होंने झारखण्ड में गंध मचाकर रख दिया, उनके लिए ये उपदेश क्यों नहीं? जरा आप ही बताइये कि जिस भाजपा कार्यकर्ता प्रियंका शर्मा के लिए आपका दर्द छलका हैं और जिसे देखते ही देखते आप के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट से बेल तक दिलवा दिया, क्या यहीं सुविधा झारखण्ड के उन गरीब व सत्यनिष्ठ लोगों को मिली है, जो आपके सीएम रघुवर दास की कृपा से झूठे केस में फंसाए गये हैं, अगर नहीं तो इस प्रकार का सफेद झूठ कम से कम मंच से न बोला करें, क्योंकि ऐसे लोगों को आपके भाषण से पीड़ा होती है, कष्ट होता है, उन्हें लगता है कि आप उनकी भावनाओं से खेल रहे हैं, और यहीं कारण है कि आप झारखण्ड से जा रहे हैं।

हो सकता है कि हमारी लिखी हुई ये बात आप तक नहीं पहुंचे, क्योंकि हमारी कलम किसी उद्योगपति की कृपा से नहीं चलती और न ही हमारा पोर्टल किसी राजनीतिक दल या राज्य सरकार की कृपा का मोहताज हैं, पर सत्य तो सत्य होता है, उसे कम ही लोग क्यों न देखते हो, पर वो सर चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा ही देता है, जरा पूछिये जो गलती प्रियंका शर्मा ने की थी, वहीं गलती तो तीर्थ नाथ आकाश ने की थी, आखिर उसके खिलाफ केस क्यों किया गया?  उसे जेल के अंदर क्यों घुसा दिया गया?

आखिर शिशिर ठाकुर को बेवजह के केस में क्यों फंसा दिया गया था, जबकि वो बंदा भाजपा के लिए क्या नहीं किया? ऐसे कई लोग हैं, पीएम मोदी महोदय, जो आपके सीएम रघुवर दास के कोपभाजन बने हैं, मैं तो कहूंगा कि कुछ मामलों में तो ममता बनर्जी आपके रघुवर दास से कही 20 हैं, कम से कम वो अपने कार्यकर्ताओं के साथ तो गलत नही करती, आपके यहां तो आपके कार्यकर्ताओं की ही धज्जियां उड़ाई जाती है, मिलिये हमसे हम आपको बतायेंगे कि कितने भाजपा के समर्थकों पर झूठे केस लादे गये और कैसे वे लोग भाजपा से नफरत करने लगे।

अरे हां, ये बेकार की बातें जो आपने बंगाल की सभा में कही हैं न, उनका जादू भारत के अन्य लोगों पर भले ही चल जाये, पर हमारे जैसे लोगों पर नहीं चलेगा, क्योंकि हम जानते है कि झारखण्ड में कितने लोग आपके सीएम रघुवर दास की कृपा से झूठे केस में फंसकर, बेवजह के केसों में फंसकर, अपने सम्मान को दांव पर लगा चुके हैं, हो सके तो सीएम रघुवर दास से पूछ लीजियेगा, पर वो बतायेंगे क्या, कभी गलत करनेवाला व्यक्ति कहता है कि उसने गलत किया है, ये सत्ययुग थोड़े ही हैं, ये तो घोर कलियुग और उसमें भी मोदीयुग, जो बच गये सो बच गये और जो फंस गये, उनकी जिंदगी समाप्त, चाहे उनकी जिंदगी सत्य से आलोकित क्यों न रही हो?

Krishna Bihari Mishra

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