साल भर के अंदर राजधानी की सूरत बदलनेवाले, रांची को तो नहीं बदल सकें, पर…

पहले विधायक थे, चलो मान लिया, एक विधायक की क्या औकात? बाद में झारखण्ड विधानसभा के अध्यक्ष बने, चलो यह भी मान लिया एक विधानसभाध्यक्ष भी क्या कर सकता है? लेकिन अब तो आप नगर विकास मंत्रालय संभाल रहे हैं, अब आप ये कहेंगे कि हमें करने नहीं दिया गया, तो लोग कभी इस बात को नहीं स्वीकार करेंगे?

पहले विधायक थे, चलो मान लिया, एक विधायक की क्या औकात? बाद में झारखण्ड विधानसभा के अध्यक्ष बने, चलो यह भी मान लिया एक विधानसभाध्यक्ष भी क्या कर सकता है? लेकिन अब तो आप नगर विकास मंत्रालय संभाल रहे हैं, अब आप ये कहेंगे कि हमें करने नहीं दिया गया, तो लोग कभी इस बात को नहीं स्वीकार करेंगे? सी पी सिंह नगर विकास मंत्री जी, इस बात को गांठ बांध कर रख लीजिये।

आप 28 दिसम्बर 2014 से नगर विकास विभाग संभाल रहे हैं, अरे आप झारखण्ड के अन्य नगरों को छोड़ दीजिये, आप केवल रांची का ही हाल बता दीजिये, जिसके आप जन-प्रतिनिधि हैं, क्या किया है, रांची के लिए? आपको यह भी पता है कि आप कहां क्या बोलते हैं? और क्या बयान आपका, किस अखबार में और किस संदर्भ में छपा हैं, अगर एक बार देख लेते तो आप स्वयं शर्म से डूब जाते, जरा देखिये, ये एक अखबार का कटिंग हैं, और सोचिये आपने रांची के बारे में एक साल पहले क्या कहा था और आज रांची की क्या स्थिति है?

आपने कहा था कि साल भर के अंदर बदल जायेगी, राजधानी की सूरत, क्या सचमुच राजधानी रांची की सूरत बदल गई। सच्चाई है कि राजधानी रांची का ज्यादातर इलाका स्लम बस्ती की तरह दीखता हैं, आप स्वच्छता में शीर्ष स्थान लाने पर इंदौर से पीएम मोदी के हाथों अवार्ड ले आते हैं, और सच्चाई यह भी है कि हिंदपीढ़ी में सैकड़ों लोग चिकनगुनिया और डेंगू से प्रभावित हो जाते हैं, गजब आपके यहां का सफाई हैं भाई? मैं खुद जिस इलाके में रहता हूं, आज तक मैने मच्छड़ मारने वाली धुआं का छिड़काव होता अपने इलाके में नहीं देखा, पता नहीं, ये मच्छड़ मारनेवाली धुंआ का छिड़काव करनेवाला मशीन किस इलाके में देखा जाता है।

रांची में एक दिन अच्छी बरसात क्या हो गई, उस बरसात से पूरा इलाका नरकमय दीखने लगता है। हरमू नदीं का आपने ऐसा सौंदर्य किया है कि ये सौंदर्य कब तक चलेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता, हालांकि पूरी हरमू नदी, अब नदी कम, नाला ज्यादा दिखाई देती है। आपका ही एक साल पूर्व का बयान है कि शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर कई योजनाओं पर काम चल रहा है, नगर निगम क्षेत्र में पड़नेवाले प्रत्येक वार्ड में सड़क, नाली का निर्माण हो रहा हैं, जरा आप बताइये कि चुटिया का इलाका जो भाजपा वोट बैंक के नाम से ही जाना जाता हैं, क्या आप बता सकते है कि यहां किस इलाके में इन सालों में रोड व नालियां बनी है। आप खुद अपने आंखों से जाकर देखिये, चुटिया में ही सड़कों पर कई जगह गड्ढे, वहीं चर्च रोड में खतरनाक गड्ढे अभी से ही बनकर तैयार है, जबकि इस इलाके में सड़क बने ज्यादा दिन भी नहीं हुए, गजब है आपकी योजना जो एक बरसात भी नहीं झेल पाती। क्या हुआ स्मार्ट सिटी का, और ये स्मार्ट सिटी में रांची की जनता कहां होगी, ऐसे स्मार्ट सिटी से जनता को क्या मतलब?

आपकी योजना हमें तो नहीं लगता कि यहां की जनता के लिए हैं, ये किसके लिए बन रही हैं, ये आप बेहतर बता सकते हैं, आप चीन घुमकर आये हैं, आप ही के कोई नेता हैं, जिनका नाम सुना है कि रघुवर दास है, वे शंघाई टावर बनाने की बात कर रहे हैं, जरा आप बता सकते है कि ये मखमल में पैबंद बनाने की योजना कब आप शुरु कर रहे हैं? ताकि लोग ऐसी सरकार की मूर्खता पर रो सकें, क्योंकि अभी एक साल पहले हाथी उड़ाने की योजना का लाभ तो लोग देख ही रहे हैं कि एक निवेशक तक झारखण्ड नहीं पहुंचा और जो पूर्व में कारखाने लगे थे, उसमें ताले लटक गये, उसका सुंदर उदाहरण गेतलसूद में बना फूड प्रोसेसिंग का कारखाना है।

थोड़ा आप अपना फेसबुक एकाउंट भी खंगालियेगा, कि आपके ही वोटर, कैसे-कैसे पत्र आपको लिखकर अपनी दुर्दशा का रोना रो रहे हैं, पर आपने उनका जवाब तक नहीं दिया, पूरा शहर फिलहाल नरक में तब्दील है, फिर भी जनाब को लगता है कि उनका विभाग बहुत अच्छा कर रहा हैं। अरे भाई उपायुक्त कार्यालय में जो पुलिस विभाग के अधिकारियों को जो ये आप डांट पिलाये है कि केवल हेलमेट ही चेक मत करिये, अपराध को कंट्रोल करिये।

यहीं बात तो आपके विभाग पर भी लागू होती है कि आप डॉयलॉगबाजी बंद करें और अपने काम पर ध्यान दीजिये, क्योंकि आपने एक साल पहले कहा था कि साल भर के अंदर बदल जायेगी, राजधानी की सूरत, पर राजधानी की सूरत तो नहीं बदली, पर मंत्री सी पी सिंह जरुर बदल गये, वह मंत्री सीपी सिंह, जब विधायक थे, तब वे जनता की बातों को सुनने के लिए ही जाने जाते थे, या आज भी जो उनका सम्मान है, वह इन्हीं बातों को लेकर है कि पूर्व में वे वैसे थे, पर आज वैसे नहीं हैं, यानी राजधानी की सूरत साल भर के अंदर बदलने की बात करनेवाले सीपी सिंह, खुद को ही ऐसा बदले कि उन्होंने जनता का विश्वास ही खो दिया।

Krishna Bihari Mishra

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