राजनीति

मेन रोड स्थित श्री हनुमान मंदिर में नवनिर्मित श्रीराम वाटिका का उद्घाटन करने के क्रम में राज्यपाल ने कहा सभी के प्रति प्रेम, सद्भाव, सहयोग और सेवा की भावना ही प्रभु श्रीराम और हनुमान के जीवन का वास्तविक संदेश

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज महात्मा गाँधी मार्ग, राँची स्थित श्री हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रभु श्री बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने समस्त राज्यवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। तत्पश्चात मंदिर परिसर में नवनिर्मित वातानुकूलित सामुदायिक हॉल ‘श्री राम वाटिका’ का उद्घाटन किया।

समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर पूजा-अर्चना के स्थल के साथ आध्यात्मिक चेतना, सेवा-भाव, सामाजिक समरसता और संस्कारों के संवर्धन के महत्वपूर्ण केंद्र भी होते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “श्री राम वाटिका” धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ जनसेवा के विविध कार्यों का एक प्रेरणादायी केंद्र बनेगी।

राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गाँधी मार्ग स्थित श्री हनुमान मंदिर वर्षों से जन-आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहाँ धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ समाजहित के अनेक कार्य निरंतर संचालित होते रहे हैं। उन्होंने इस जनोपयोगी सामुदायिक हॉल के निर्माण के लिए श्री हनुमान मंदिर समिति, पंजाबी हिंदू बिरादरी तथा सहयोग प्रदान करने वाले सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

राज्यपाल ने कहा कि भगवान श्रीराम और प्रभु हनुमान का जीवन हमें सेवा, समर्पण, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि शक्ति तभी सार्थक है, जब उसमें विनम्रता हो, ज्ञान तभी श्रेष्ठ है, जब उसमें सेवा का भाव हो और जीवन तभी सफल है, जब वह लोकमंगल के लिए समर्पित हो। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की पंक्तियाँ— “परहित सरिस धरम नहि भाई, पर पीड़ा सम नहि अधमाई” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में परोपकार और सेवा को सर्वोच्च धर्म माना गया है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत एवं आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक केंद्र समाज में सेवा, सहयोग, सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में सेवा, अनुशासन और संस्कार को स्थान दें तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें।

उन्होंने कहा कि यदि युवा पीढ़ी अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी रहेगी, तो समाज और राष्ट्र दोनों अधिक सशक्त एवं संस्कारित बनेंगे। राज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं से प्रेम, सद्भाव, सहयोग और सेवा की भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यही भगवान श्रीराम और प्रभु हनुमान के जीवन का वास्तविक संदेश है।

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