BJP का घोषणा पत्र यानी झूठ का महापुलिन्दा, जो 2014 में किये वायदों को पूरा नहीं किया, वो 2019 में क्या करेगा?

भारतीय जनता पार्टी के दिग्गजों तथा झारखण्ड की जनता को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि 2014 का भाजपा का जन घोषणा पत्र जिसके नेतृत्व में बना, जो उस वक्त जन घोषणा पत्र समिति के संयोजक थे, जिनके हस्ताक्षर से जन घोषणा पत्र जारी हुआ था, आज वहीं सरयू राय भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार व राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास को निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में जमशेदपुर पूर्व से चुनौती दे रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के दिग्गजों तथा झारखण्ड की जनता को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि 2014 का भाजपा का जन घोषणा पत्र जिसके नेतृत्व में बना, जो उस वक्त जन घोषणा पत्र समिति के संयोजक थे, जिनके हस्ताक्षर से जन घोषणा पत्र जारी हुआ था, आज वहीं सरयू राय भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार व राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास को निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में जमशेदपुर पूर्व से चुनौती दे रहे हैं।

जो बताने के लिए काफी है कि भाजपा का घोषणा पत्र, दरअसल घोषणा पत्र नहीं होता, बल्कि जनता को बेवकूफ बनाने का एक ऐसा हथियार होता है, जिसमें राज्य की मासूम जनता अक्सर फंस जाया करती हैं, जैसा कि 2014 में फंस गई थी, यहां जनता पक्षी हैं और शिकारी भाजपा है, और जो जाल हैं, वह भाजपा का घोषणा पत्र है।

2014 में जनता से कहा, भ्रष्टाचारियों को सबक सिखायेंगे और खुद ही भ्रष्टाचार के नये रिकार्ड बनाने लगे, हाथी उड़ाने लगे

जनता को पूछना चाहिए, उन सारे घोषणा पत्र जारी करनेवाले, घोषणा पत्र को हाथों में लेकर फोटो खिंचवानेवालों से, बीएनआर होटल में प्रोग्राम रखनेवालों भाजपाइयों से कि तुम बताओं कि तुम्हारे उस घोषणा का क्या हुआ, जिसमें तुमने कहा था कि वर्तमान सरकार (तत्कालीन हेमन्त सरकार) द्वारा विगत छः माह के भीतर लिये गये निर्णयों एवं किये गये कार्यों की गहन समीक्षा की जायेगी और दोषी पाये गये सभी लोगों-अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।

इस दरम्यान इन कार्यों के प्राक्कलन की तथा निर्णय प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच करायी जायेगी, और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी। दरअसल इस रघुवर सरकार ने जान बूझकर इस पर कोई काम नहीं किया, क्योंकि वह तो इसके द्वारा जनता को बरगलाने का काम कर रही थी और उसे सफलता भी मिली, जानकार तो बताते है कि चूंकि रघुवर सरकार इस कार्य में इसलिए हाथ नहीं डाला, क्योंकि उन्हें पता था कि कही हेमन्त सोरेन जैसे दिग्गज और विपक्ष के लोग कही मैनहर्ट का मामला उठाकर उनकी सारी हेकरी न निकाल दें।

जानकार यह भी बताते है कि मोमेंटम झारखण्ड के नाम पर जो हाथी उड़ाया गया हैं, अगर उसकी सीबीआई जांच हो जाये, तो सीएम रघुवर के साथ-साथ कई आइएएस अधिकारी भी जेल की शोभा बढ़ायेंगे, साथ ही खनन वाले मामलों में तो जो हरकत रघुवर सरकार ने किया हैं, सरयू राय ठीक ही कहते है कि जब तीन-तीन मुख्यमंत्री जेल की शोभा बढ़ा सकते हैं, तो ये चौथे क्यों नहीं। सच्चाई तो यह है कि भाजपाई मुख्यमंत्री और बीएन आर होटल में भगवा पट्टा लपेटे इन भाजपाइयों की हिम्मत नहीं कि भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दे पर हेमन्त या सरयू से बहस कर सकें।

जनता को पूछना चाहिए कि भाई भाजपाइयों तुमने तो कहा था कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अदालतें गठित की जायेगी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों को कठोर बनाया जायेगा, जबकि सच्चाई यह है कि इस सरकार ने खुद भ्रष्टाचार का पोषण किया, हाथी उड़ाया। मुख्यमंत्री जन संवाद केन्द्र तो उसका जीता जागता उदाहरण है। जरा पूछिये, जन घोषणा पत्र के माध्यम से जनता को बरगलानेवालों को कि क्या सभी लोकसेवकों व जनप्रतिनिधियों द्वारा संपत्ति की घोषणा को अनिवार्य बनाया गया?

अरे छोड़िये सीएम ही बताएं कि हर साल उन्होंने अपनी संपत्ति की घोषणा क्यों नहीं की, लोगों को पता चलता कि हमारा सीएम रघुवर और उनका परिवार कितना ईमानदार हैं? मुख्यमंत्री के परिवार की ईमानदारी का भंडा तो उसी वक्त फूट गया जब जमशेदपुर के ही मनीष दास ने सीएम के साले पर ही हाई कोर्ट में मुकदमा दर्ज कर दिया, क्योंकि सीएम के साले ने उसका जीना हराम कर दिया है।

भाजपाइयों को बताना चाहिए कि कहां हैं रांची में स्मार्ट कंट्रोल रुम, कहां है सिटी सर्विलेंस सिस्टम, जिसकी घोषणा 2014 के भाजपा जनघोषणा पत्र में कही गई थी

जनता को पूछना चाहिए कि हे 2019 के चुनावी घोषणा पत्र जारी करनेवालों भाजपाइयों, तुम ये बताओं कि तुम्हारे उस घोषणा का क्या हुआ? जिसमें तुमने कहा था कि आगामी 5 वर्षों में राज्य के सभी बड़े शहरों में स्मार्ट कंट्रोल रुम का गठन होगा, जिसके जरिये पुलिस, अग्निशमन, चिकित्सा,नगर निगम तथा पेयजल से संबंधित सेवाओं की एकीकृत कमांड स्थापित की जा सके तथा इनसे संबंधित समस्याओं/आपदाओं का सम्यक समाधान किया जा सकें। बताओ क्या ऐसा करके तुम दिखा दिये।

तुमने कहा था कि राज्य के कुछ शहरों, जैसे – रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, देवघर में सिटी सर्विलेंस सिस्टम का गठन किया जायेगा। करके दिखा दिया, अरे यार तुम तो झूठ बोलने में इतने उस्ताद हो कि आपको तो चाहिए कि एक झूठा आयोग राज्य में गठन करवा दें, ताकि ये सारा लफड़ा ही समाप्त हो जाये।

रघुवर सरकार बताए झारखण्ड के किस-किस थाने में स्पेशल महिला सेल काम कर रही हैं? और जब महिला सेल काम कर रही हैं तो महिला पुलिस के साथ गैंगरेप कैसे हो जा रहा हैं?

अरे भाजपाइयों तुम बताओं तो 2014 में किये गये उस वायदे का क्या हुआ, जिसमें तुमलोगों ने कहा था कि प्रत्येक थाने में स्पेशल महिला सेल की व्यवस्था की जायेगी, अरे तुम स्पेशल महिला सेल की व्यवस्था क्या करोगे, दो दिन पहले एक महिला पुलिसकर्मी से पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा हो रहे गैंगरेप की खबर ने तुम्हारे मुंह पर कालिख पोत दी।

कहां है महिला समृद्धि बाजार, कहां हैं अन्नदाता भवन? कहां है विश्वविद्यालय सेवा आयोग? कहां है विद्यालय सेवा आयोग?

बताओ,  क्या तुमने यह नही कहा था कि प्रदेश के सभी शहरों में महिलाओं के लिए महिला समृद्धि बाजार की स्थापना की जायेगी, रांची में कहां है महिला समृद्धि बाजार बताओ। कहां है किसानों के लिए किसान बैंक और अन्नदाता भवन, अरे झूठ बोलनेवालों तुमने तो यहां के किसानों को भी धोखा देने से परहेज नहीं किया। तुमने कहा था कि पशुओं के लिए चलित उपचार सेवा 109 आरम्भ की जायेगी, हो गया, बताओं कहा हुआ?

तुमने तो कहा था कि संस्कृत भाषा के विकास के लिए संस्कृत महाविद्यालय खोलोगे, बताओ कहां खुला है, हमको अपने बच्चों का नाम लिखवाना है उसमें बताओतुमने कहा था कि विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में नियुक्तियों तथा प्रोन्नतियों के लिए एक विश्वविद्यालय सेवा आयोग तथा प्राथमिक एवं उच्च विदयालय के संबंध में इस कार्य को करने के लिए विद्यालय सेवा आयोग का गठन किया जायेगा, बताओ इसके कार्यालय कहां है?

(जारी)

Krishna Bihari Mishra

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जनता के बीच विश्वसनीयता खोते रांची के प्रमुख राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय अखबार और सम्मान खोता पत्रकार

Wed Nov 27 , 2019
आप रांची के मेयर्स रोड स्थित सूचना भवन चले जाइये, आप वहां किसी भी अधिकारी के पास जाकर, रांची से प्रकाशित होनेवाले अखबारों का बंडल मांगिये, आप देखकर हैरान रह जायेंगे कि आजकल रांची में भी कुकुरमुत्ते की तरह अखबार प्रकाशित होने लगे हैं, और ठीक इसी तरह भेड़िया धसान चैनल व पोर्टलों की लाइन लग चुकी हैं।

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