जनता ने भाजपा को दिखाया 2019 का ट्रेलर, भाजपा चारों खाने चित्त

देश में हुए लोकसभा उपचुनाव के परिणाम भाजपा के नींद उड़ा दिये है, जो भाजपा यह सोच रही थी कि 2019 का आम चुनाव उसके लिए सुखद होगा, उसे आज के उपचुनाव परिणाम ने निश्चय ही आघात पहुंचाया होगा, जबकि कांग्रेस की तो बल्ले-बल्ले हैं। राजस्थान की दोनों लोकसभा सीट अजमेर और अलवर तथा विधानसभा की मांडलगढ़ सीट पर शानदार जीत ने निश्चय ही कांग्रेस और और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में जोश, उमंग एवं उत्साह का संचार किया हैं। उधर पश्चिम बंगाल की उलुबेरिया लोकसभा सीट और नुआपाड़ा विधानसभा पर तृणमूल कांग्रेस की जीत नें भाजपा को उसकी औकात बता दी हैं।

देश में हुए इस उपचुनाव के चुनाव परिणाम ने जनता की सोच में हो रहे बदलाव को व्यापक रुप से प्रदर्शित कर दिया है, जो भाजपा यह सोच रही थी कि विपक्षी दलों में नेताओं के अभाव तथा उनके पास सरकार के खिलाफ मुद्दों की कमी होने से उनके लिए 2019 का चुनाव परिणाम अपने पक्ष में करना आसान होगा, शायद उसे पता नहीं कि जनता इस मामले में काफी जागरुक हैं, और उसे पता है, कि किसे नेता कब और कैसे बनाया जाता हैं। 2004 के लोकसभा चुनाव में किसको पता था कि लोकसभा चुनाव परिणाम भाजपा के खिलाफ जायेंगे, पर हुआ तो ऐसा ही। भाजपा धराशायी हो गई और कांग्रेस सत्ता में थी। फिलहाल कुछ लक्षण ऐसे ही दीख रहे हैं।

आखिर भाजपा की ऐसी हालत क्यों हो रही हैं? उसका मूल कारण हैं जनता में अपनी विश्वास को खो देना। आज भाजपा जनता के बीच अपना पूरा विश्वास खो चुकी है। कल तक चाय की बात करनेवाले अब पकौड़े की बात करने लगे हैं, बेरोजगारी चरम पर हैं, कल तक काला धन की बात करनेवाले, जनता को ही काला धन की चक्की में पिस दिया, और उनकी रोजी-रोजगार पर डाका डाल दिया। आर्थिक विकास दर आज सबसे नीचे पायदान पर हैं।

पहली बार देखने को मिल रहा है कि भारत का प्रधानमंत्री जुमलों का ज्यादा प्रयोग करता है, ऐसे में जुमले के बहाने कितने दिन सरकार बचायेंगे या सरकार चलायेंगे, जुमलों से सरकार नहीं चलती और न सरकार बनती है। देश की सुरक्षा भी खतरे में है, चीन और पाकिस्तान की सीमा पर भी कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा। नोटबंदी, जीएसटी ने तो लोगों की कमर ही तोड़ दी, ऐसे में लोग भाजपा पर विश्वास क्यों करें? आनेवाले दिनों में तो मैं साफ देख रहा हूं कि जहां भी भाजपा का लोग विकल्प देखेंगे, लोग उस तरफ वोट गिरायेंगे, क्योंकि आप ने जनता को जितना ठगा है, उतना आज तक किसी ने नहीं ठगा।

हर मोर्चों पर विफल इस सरकार को जनता ने आज एक ट्रेलर दिखा दिया है, अगर थोड़ी भी समझदारी है तो अब भी वक्त हैं, समझे, नहीं तो जनता ने समझाने की तैयारी कर ली है, क्योंकि केन्द्र और राज्य की, इनकी सरकार ने तो अपने ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जेल में भेजने की तैयारी शुरु कर दी हैं, तो ऐसे में भला भाजपा के कार्यकर्ता या समर्थक ऐसे ही पार्टी को क्यों जितायेंगे जो उनका जीना दुश्वार कर दे, शायद एक यह भी कारण है कि भाजपा की नैया बीच मझधार में डूबने का।