VHP नेता रतन अग्रवाल ने CM के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा पिछले चुनाव में दिये वोट का करेंगे प्रायश्चित

अब मुख्यमंत्री रघुवर दास की कार्यशैली का विरोध केवल विपक्ष या झारखण्ड की जनता ही नहीं कर रही, अब विरोध वे भी कर रहे हैं, जिनसे भाजपा का चोली-दामन का साथ रहा है, हम बात कर रहे हैं विश्व हिन्दू परिषद के धनबाद इकाई की, जिसके जिलाध्यक्ष है रतन लाल अग्रवाल। रतन लाल अग्रवाल ने कल इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन की आपात बैठक में साफ कहा कि धनबाद में चल रहे एक विधायक की रंगदारी के मामले में राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप नहीं किये जाने से वे बहुत दुखी है, और वे पिछले चुनाव में दिये गये वोट का प्रायश्चित अवश्य करेंगे।

रतन लाल अग्रवाल का कहना था कि गत एक माह से लोडिंग में रंगदारी का मामला चल रहा है, सरकार को इस बात की जानकारी भी है और उसके बाद भी सरकार का अपने विधायक ढुलू महतो पर दबाव नहीं बनाना, बताता है कि उसे राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है, राज्य सरकार का यह रवैया इस बात का प्रमाण है कि रघुवर सरकार मिडिल क्लास के उद्यमियों की सख्त विरोधी है, आनेवाले समय में जब भी कभी चुनाव होंगे, हम उन्हें सबक सिखायेंगे।

इधर इस सबंध में धनबाद उपायुक्त, बीसीसीएल के सीएमडी और मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिलने के लिए 24 सदस्यीय एक कमेटी भी बना दी गई, जिसमें बीएन सिंह, एस के सिन्हा, अमितेश सहाय, शंभुनाथ अग्रवाल, योगेन्द्र तुल्स्यान, जगनारायण सिंह, जलाज चौधऱी, वाइ एन नरुला, शिव कुमार शर्मा, दिलीप, अनिल सांवरिया, शैलेश अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल, रतन लाल अग्रवाल, सच्चिदानन्द सिंह, सुनील कुमार गोयल, राम कुमार अग्रवाल, दीपक कुमार पोद्दार, अभिषेक डोकानिया, सज्जन खरकिया, अमित डोकानिया और केदारनाथ अग्रवाल शामिल है।

इंडस्ट्रीज ऑफ कॉमर्स एसोसिएशन के वरीय उपाध्यक्ष एस के सिन्हा का कहना था कि भाजपा विधायक ढुलू महतो की रंगदारी के खिलाफ सारा उद्यमी एकजुट है, अब होना ये चाहिए कि अब जो भी हो जाय, हम रंगदारी नहीं देंगे, क्योंकि आज का दुख ही, हमारा कल का सुख बनेगा। उद्यमी अमितेश सहाय का कहना था कि ढुलू महतो के कारण लगभग सैकड़ों उद्योग अपंग हो गये, सीएम रघुवर दास को दुबई और यूरोपियन कंट्री घुमने से फुरसत नहीं है और वे वहां से उद्मियों को लाने की बात कर रहे हैं, जबकि उनके विधायक के कारण एक जनवरी से सारे के सारे हार्डकोक उद्योग बंद हो जायेंगे, वर्तमान सरकार की गतिविधियां यह बताने के लिए काफी है, कि यह सरकार उदयोग विरोधी है।

इधर इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन ने संयुक्त रुप से फैसला लिया कि वे एक जनवरी को हार्डकोक भट्ठों में तालाबंदी कर, मुख्यमंत्री को इसकी चाबी सौंप देंगे। सूत्रों का कहना है कि इन हार्ड कोक भट्ठों में तालाबंदी हो जाने से करीब एक लाख मजदूर बेरोजगार हो जायेंगे और उनके सामने भूखमरी की स्थिति पैदा हो जायेगी, जबकि वार्षिक 2400 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का नुकसान हो जायेगा।