मेयर में झामुमो की वर्षा गाड़ी, डिप्टी-मेयर में कांग्रेस के राजेश लोकप्रियता में सबसे आगे

रांची नगर निगम पर सभी राजनीतिक दल अपना कब्जा जमाना चाहते हैं। पूर्व में देखा जाय, तो यहां अघोषित रुप से भाजपा का ही कब्जा था, क्योंकि मेयर और डिप्टी मेयर दोनों भारतीय जनता पार्टी से ही आते थे, तथा उनका झुकाव शुरु से लेकर अंत तक भाजपा के प्रति रहा, जो इस बार स्पष्ट रुप से परिलक्षित हुआ, जब भाजपा ने इन्हीं दोनों को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।

रांची नगर निगम पर सभी राजनीतिक दल अपना कब्जा जमाना चाहते हैं। पूर्व में देखा जाय, तो यहां अघोषित रुप से भाजपा का ही कब्जा था, क्योंकि मेयर और डिप्टी मेयर दोनों भारतीय जनता पार्टी से ही आते थे, तथा उनका झुकाव शुरु से लेकर अंत तक भाजपा के प्रति रहा, जो इस बार स्पष्ट रुप से परिलक्षित हुआ, जब भाजपा ने इन्हीं दोनों को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। चूंकि इस बार पहली बार दलीय आधार पर नगर निकाय चुनाव हो रहे हैं, इसलिए यहां वामपंथियों को छोड़कर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी उतार दिये हैं।

कांग्रेस, झामुमो, आजसू, झाविमो, राजद ने दोनों पदों पर अपने प्रत्याशी उतारे है, पर सच पूछा जाय तो यहां मेयर पद पर भाजपा की आशा लकड़ा की सीधी टक्कर झामुमो की वर्षा गाड़ी से हैं और डिप्टी मेयर पर भाजपा के संजीव विजयवर्गीय की सीधी टक्कर कांग्रेस के राजेश गुप्ता से है, बाकी सारे दल अपनी पहचान बचाकर रखने के लिए लड़ रहे है या आप कह सकते हैं कि ये सिर्फ उपस्थिति दर्ज कराने के लिए लड़ रहे हैं।

अगर संगठन की दृष्टिकोण से देखा जाय तो यहां भाजपा मजबूत स्थिति में आती है, और इसके बाद कांग्रेस का नंबर आता है, पर इन दोनों की मजबूती के बावजूद जो बहुत तेजी से अपने आपको सशक्त रुप में जनता के बीच खड़ी की है, वह है – झारखण्ड मुक्ति मोर्चा। आदिवासी, अल्पसंख्यकों एवं राजधानी के प्रबुद्ध वर्गों में बहुत तेजी से इस पार्टी ने अपनी छाप छोड़नी शुरु कर दी हैं, युवाओं में अब इस पार्टी का अपना क्रेज बन चुका है तथा तकनीकी क्षेत्र में इन दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के बीच अपना एक अलग पहचान बनाने को तैयार, झामुमो ने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना ली है, जिसके कारण पूरे झारखण्ड में हो रही नगर निकाय चुनाव में झामुमो, राष्ट्रीय पार्टियों के लिए चुनौती बनकर उभरी है। जिसका प्रभाव रांची नगर निगम पर भी दिखाई पड़ रहा है।

भाजपा को जहां लग रहा है कि मेयर पद पर आशा लकड़ा और डिप्टी मेयर पर संजीव विजयवर्गीय की जीत सुनिश्चित है, वहीं रांची का मतदाता इस बार बदलाव करने के मूड में ज्यादा है, आज बड़ी तेजी से रांची के मतदाताओं के बीच में झामुमो की वर्षा गाड़ी लोकप्रिय होती जा रही है, जबकि डिप्टी मेयर पर कांग्रेस के राजेश गुप्ता की लोकप्रियता शिखर पर है। रांची के मतदाताओं के अनुसार ऐसे तो इस रांची नगर निगम चुनाव में खड़े सारे के सारे प्रत्याशी अच्छे और सौम्य है, पर झामुमो की वर्षा गाड़ी और कांग्रेस के राजेश गुप्ता, बाकी सारे प्रत्याशियों में बीस सिद्ध हो रहे हैं।

ऐसे चुनाव में परिणाम क्या आयेगा, ये भविष्य के गर्भ में हैं, पर इतना तय है कि वर्षा गाड़ी और राजेश गुप्ता की स्थिति धीरे – धीरे मजबूत हो रही हैं, आम जनता के जुबां पर ये नाम अब तैरने लगे हैं, अगर झामुमो ने जोर लगा दिया तो वर्षा गाड़ी की जीत सुनिश्चित हैं, वहीं हाल कांग्रेस का है अगर डिप्टी मेयर पर राजेश गुप्ता के लिए उसने ठीक-ठाक जोर लगा दिया तो राजेश गुप्ता की जीत सुनिश्चित हैं, अगर ऐसा न कर दोनों पार्टियों ने दूसरे जगह ताल ठोंकी, तो बना हुआ काम भी बिगड़ सकता है, और इन्हें लेने के देने भी पड़ सकते हैं, इसलिए अच्छा रहेगा कि ये पार्टियां जनता का मूड भांपें और जनता के अनुरुप आशीर्वाद लेने की कोशिश करें।

Krishna Bihari Mishra

Next Post

घोर आश्चर्य? जिसे उपवास का मतलब नहीं मालूम, वो उपवास पर लेक्चर दिये जा रहा है

Fri Apr 13 , 2018
आजकल दो उपवासों का चर्चा पूरे भारतीय समाज में खूब उछाला जा रहा हैं। एक कांग्रेस का दलितों के नाम पर कुछ दिन पहले हुआ उपवास और दूसरा संसद नहीं चलने देने को लेकर भाजपा का उपवास। आश्चर्य इस बात की है, जिन्हें उपवास का अर्थ नहीं मालूम, वे भी आजकल धर्माचार्य बनकर खूब दिये जा रहे है, फेसबुक, व्हाट्सएप तो ऐसे धर्माचार्यों से भरे पड़े है। पूरा समाज जिनको धर्म की एबीसीडी नहीं मालूम,

Breaking News