ट्विटर लगा सकता है चौपाल, आम आदमी करेंगे जनप्रतिनिधियों से सवाल, चैंबर का संवाद के जरिये मंथन शुरु

फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंड्स्ट्रीज ने कल एक बहुत ही अच्छी पहल की, उसने अपने रांची स्थित मुख्यालय चैंबर भवन में एक संवाद नामक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें समाज के प्रबुद्ध वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की। जिसमें झारखण्ड सिविल सोसाइटी को लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस संवाद कार्यक्रम में सभी ने एक बात जोर-शोर से उठाया कि

फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंड्स्ट्रीज ने कल एक बहुत ही अच्छी पहल की, उसने अपने रांची स्थित मुख्यालय चैंबर भवन में एक संवाद नामक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें समाज के प्रबुद्ध वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की। जिसमें झारखण्ड सिविल सोसाइटी को लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस संवाद कार्यक्रम में सभी ने एक बात जोर-शोर से उठाया कि आखिर चुनाव के समय में ही हमारे प्रत्याशी किसी मुद्दे को लेकर संवेदनशील क्यों दीखते हैं, और जैसे ही चुनाव समाप्त हो जाता है, वे उन्हीं संवेदनशील मुद्दों को ठंडे बस्ते में क्यों डाल देते हैं, जबकि ये मुद्दा आम आदमी से जुड़ा होता है।

झारखण्ड सिविल सोसाइटी के लोगों ने साफ कहा कि राज्य में जो भी जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दे हैं, जिसे सिविल सोसाइटी के लोग या आम जनता किसी मंच से उसे उठाती है, तो उसका जवाब या तो सरकार दें या सरकार में शामिल लोग दें या वे प्रत्याशी दें, जिन्हें जनता ने अपना जनप्रतिनिधि चुना, उनके गुर्गें इस संबंध में जवाब क्यों देंगे, और किसने उन्हें जवाब देने के लिए नियुक्त किया? सच्चाई यहीं है कि हमारे जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता और निष्क्रियता पूरे समाज व राज्य के ढांचे को प्रभावित कर दे रही हैं।

सभी ने एक स्वर से कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधियों को संवेदनशील बनाना बेहद जरुरी हैं और जब तक हम इन्हें संवेदनशील नहीं बनायेंगे, हम न तो समाज को बेहतर बना पायेंगे और न राज्य की तकदीर ही बदल पायेंगे। झारखण्ड सिविल सोसाइटी के लोगों की इन बातों को सभी ने स्वीकार किया, तथा राज्य के सभी चौदहों लोकसभा सीटों पर ऐसे संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई।

फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंड्स्ट्रीज के दीपक मारु ने विद्रोही24. कॉम से बातचीत में कहा कि चैम्बर भवन में संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य ही है कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जिन्होंने भी बहुत अच्छा काम किया है, उन्हें एक मंच दिया जाये, ताकि वे अपनी बात रख सकें, साथ ही इसमें उन्होंने उन जनप्रतिनिधियों को भी बुलाने का निश्चय किया है, जो चुनाव लड़ रहे हैं या लड़ चुके हैं, ताकि लोग सीधे उनसे सवाल पूछे, क्योंकि संवादहीनता ही सारी समस्याओं की जड़ हैं।

दीपक मारु ने यह भी बताया कि ऐसे कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए उनकी ट्विटर से भी बातचीत हुई है, ट्विटर वालों ने ऐसे कार्यक्रमों के लिए समय देने की बात कही है, जल्द ही वे इस प्रकार के कार्यक्रम राज्य के सभी लोकसभा सीटों के प्रमुख स्थानों पर आयोजित करेंगे, ताकि लोग लाभान्वित हो, इसके लिए उन्होंने समाज के सभी प्रबुद्ध लोगों से प्रश्नों की शृंखला तैयार रखने को कहा है, ताकि उचित प्रश्नों के उत्तर हमारे जनप्रतिनिधि दे सकें, ताकि समय का सदुपयोग भी हो सकें. यह पूछे जाने पर कि इतने सुंदर आयोजन का रांची से प्रकाशित अखबारों में समुचित स्थान क्यों नहीं मिला, उनका कहना था कि जल्द ही इस संबंध में वे रांची के सभी प्रमुख अखबारों के संपादकों से संपर्क करेंगे।

Krishna Bihari Mishra

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