इन्हें भारतीय क्रिकेटरों को भगवा जर्सी पहनने पर भी ऐतराज है और इनका यहीं रवैया BJP के लिए टॉनिक का काम करता है

लीजिये जब से सुनने को मिला है कि इंग्लैंड में हो रहे वर्ल्ड कप क्रिकेट के दौरान भारतीय क्रिकेटर इंग्लैंड के खिलाफ भगवा जर्सी में नजर आयेंगे। महाराष्ट्र के मुस्लिम विधायकों ने टीम इंडिया की भगवा रंग की इस जर्सी पर आपत्ति जता दी है। अब सवाल उठता है कि भगवा रंग से इतनी लोगों को घृणा क्यों हैं भाई। इस भगवे रंग में क्या बुराई है? हमारे देश में जितने भी आध्यात्मिक संत हुए, जिन्होंने मानवता का संदेश दिया, वे तो भगवे ही रंग में दिखाई पड़े और उनके बताये गये नक्शे कदम पर लोग खूब चलते हैं और चल रहे हैं।

आप स्वामी विवेकानन्द को ही देख लीजिये, उनके ज्यादा चित्र भगवे रंग में ही मिलेंगे, अरे भाई भगवा रंग तो भारतीय तिरंगे में भी हैं, तो क्या आप उस तिरंगे की भी मुखालफत करेंगे। ये सब घृणा फैलानेवाली जितनी भी बातें हैं, उसे जितना जल्द हो बंद करें, नहीं तो दिक्कत में आप ही पड़ेंगे, बैठे-बैठाये भाजपा को एक और खुराक आप दे देंगे और जब भाजपा उस टॉनिक को पाकर, आपकी छीछालेदर करेंगी और उसका फायदा उठायेगी तो फिर रोना-धोना मत शुरु कर दीजियेगा।

भगवा तो सूर्य के उदय और सूर्य के अस्त होने पर भी आकाश में दिखाई देता हैं तो क्या आप उससे भी  घृणा करेंगे, भगवा को किसी धर्म ने पेटेंट करा लिया है क्या? भगवा तो आन-बान और शान का प्रतीक हैं, इस पर बेवजह का बावेला क्यों? दरअसल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के इन नेताओं ने भगवा को समझने की कोशिश ही नहीं की, ये घटियास्तर की राजनीति कर भारत में विषवमन करने के लिए हर स्तर तक गुजरने को तैयार है।

जरा देखिये, कांग्रेस नेता नसीम खान क्या कह रहे हैं, इनका कहना है कि मोदी सरकार जब से आई है, तब से भगवा राजनीति शुरु हो गई है, तिरंगे का सम्मान होना चाहिए, लेकिन यह सरकार हर चीज के भगवाकरण की तरफ बढ़ रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक एमए खान का कहना है कि ये सरकार हर चीज को अलग नजर से देखने और दिखाने की कोशिश पूरे देश में पिछले पांच साल से शुरु कर दी है। इधर कुछ लोगों का कहना है कि भारतीय क्रिकेटरों को भगवा जर्सी पहन लेने से कुछ होना नहीं है, पर इनके विरोध तेज कर देने से भाजपा जरुर इसका चुनावी फायदा उठा लेंगी, शायद ये समझ नहीं पा रहे।