रांची स्थित संघ कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले मामले में एसआईटी ने 24 घंटे के भीतर, मुख्य साजिशकर्ता समेत तीन अपराधियों को किया गिरफ्तार
रांची के चुटिया स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के झारखंड प्रांत कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के सनसनीखेज मामले का रांची पुलिस ने त्वरित खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रांची के निर्देश पर गठित विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) ने तकनीकी अनुसंधान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार 16 जून की रात चुटिया स्थित आरएसएस कार्यालय पर अज्ञात अपराधियों ने पेट्रोल बम फेंककर दहशत फैलाने का प्रयास किया था। इस संबंध में चुटिया थाना में विभिन्न धाराओं और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रांची ने नगर एवं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के संयुक्त नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।
जांच के दौरान एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपियों की पहचान की। इसके बाद विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर घटना में शामिल सैफ अंसारी और अमन अंसारी उर्फ गोलू को बोकारो एवं कोडरमा पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के बयान के आधार पर साजम सुजान को भी रांची से गिरफ्तार किया गया। घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े लोअर बाजार थाना क्षेत्र के एक नाले से बरामद किए गए हैं। साथ ही घटना में प्रयुक्त एक सेंट्रो कार और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में आरोपियों के किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से जुड़े होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) से भी विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकृति मिल चुकी है। अब एटीएस झारखंड भी मामले की गहन पड़ताल करेगा।
इस बीच गुरुवार को गिरफ्तार आरोपी सैफ अली पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस के अनुसार वह कोतवाली थाना परिसर स्थित शौचालय गया था, जहां उसने वेंटिलेशन की ग्रिल और शीशा तोड़कर फरार होने की कोशिश की। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर मांडर थाना क्षेत्र के चामा मोड़ के पास उसे पकड़ लिया।
इस दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और घटना के पीछे की पूरी साजिश तथा संभावित नेटवर्क का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
