झारखण्ड विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन हंगामे की भेंट चढ़ा, हो-हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने सदन में 839931.11 लाख रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट किया पेश
झारखण्ड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी सदन विलम्ब से ही शुरु हुआ। आज भी सदन में स्पीकर चार मिनट विलम्ब से पहुंचे और फिर जैसे ही सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई। पूरा सदन हो हंगामा में डूब गया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदन में कहा कि जिस प्रकार से राज्य में झारखण्ड लोक सेवा आयोग और जेएसएससी द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली की जा रही है। उससे यहां के युवाओं में गहरा आक्रोश हैं।
सरकार को चाहिए कि छात्रों के उचित मांगों को माने। पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच करायें। इधर सारा विपक्ष नारेबाजी करता हुआ, बेल में चला गया। खूब नारेबाजी होती रही। उसके बावजूद स्पीकर ने प्रश्नकाल प्रांरभ करते हुए उमाकांत रजक का नाम पुकार दिया। दूसरी ओर सरकार ने उमाकांत रजक के प्रश्नों का उत्तर देना भी प्रांरभ कर दिया। लेकिन सदन आर्डर में नहीं होने के कारण और निरंतर चल रही हो हंगामे से प्रश्नोत्तर काल साफ बाधित हुआ दिखा।
सारा विपक्ष चाहता था कि सरकार प्रश्नकाल को स्थगित कर, छात्रों के आंदोलन को लेकर सदन में चर्चा कराएं। जिस पर स्पीकर ने कहा कि सबसे पहले चर्चा किस पर हो नीट या जेपीएसएसी। स्पीकर का ये कथन साफ बता रहा था कि विपक्षी दलों के हो हंगामें पर वे चुटकी ले रहे थे। इधर जब हंगामा में कोई कमी नहीं होता जब स्पीकर ने देखा, तब उन्होंने सदन को साढ़े बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
लेकिन जैसे ही साढ़े बारह बजे सदन फिर प्रारंभ हुआ। कमोबेश स्थिति वहीं बनी रही। इसी बीच वित्त मंत्री ने हो हंगामें के बीच बैंकर्स समिति की वार्षिक रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की और उसके बाद 839931.11 लाख रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश कर दिया। जिसके बाद स्पीकर ने अगले सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दी।
