सुबोध का बयान, जनता चिकनगुनिया-डेंगू से परेशान, आयुक्त विदेश यात्रा करें श्रीमान

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोध कांत सहाय ने कहा है कि राजधानी रांची में चिकनगुनिया और डेंगू पांव पसार रहा है, महामारी का रुप धारण करता जा रहा हैं और ऐसी स्थिति में जिसे इस पर एक्शन लेना चाहिए, वह नगर आयुक्त विदेश दौरे पर है, नगर आयुक्त ने लोक स्वास्थ्य अधिकारी को स्वास्थ्य शाखा से संबंधित संचिकाओं के निष्पादन व सफाई कार्यों के मॉनिटरिंग करने पर रोक लगा दी।

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोध कांत सहाय ने कहा है कि राजधानी रांची में चिकनगुनिया और डेंगू पांव पसार रहा है, महामारी का रुप धारण करता जा रहा हैं और ऐसी स्थिति में जिसे इस पर एक्शन लेना चाहिए, वह नगर आयुक्त विदेश दौरे पर है, राजधानी के हालात यह है कि नगर आयुक्त ने लोक स्वास्थ्य अधिकारी डा. किरण कुमारी को स्वास्थ्य शाखा से संबंधित संचिकाओं के निष्पादन व सफाई कार्यों के मॉनिटरिंग करने पर रोक लगा दी है और ये सारा काम नगर प्रबंधक से कराया जा रहा है।

सच्चाई यह है कि जब शहर में चिकनगुनिया और डेंगू अपना पांव पसार रहा हैं, तो वहां चिकित्सीय कार्यों की आवश्यकता है और ये काम एक चिकित्सक ही बेहतर ढंग से कर सकता है, न कि नगर प्रबंधक, यानी पूरा सिस्टम यहां खत्म है, लोग भगवान भरोसे हैं, पर नगर विकास विभाग और उस विभाग को संभालनेवाले मंत्री को इस बात की होश ही नहीं, ये बयान है कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुबोध कांत सहाय की।

सुबोध कांत सहाय के अनुसार नगर निगम में पावर की लड़ाई चल रही हैं, कौन कितने पावर में हैं, ये दिखाया जा रहा हैं, और ऐसे मौके पर जब राजधानी को एक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले, इसकी जरुरत हैं, वैसे में ये पावर की लड़ाई राजधानी को कहां ले जायेगा, इसे समझने की जरुरत है। सुबोध कांत सहाय के अनुसार नगर आयुक्त ने मनमानी की है। मनमानी के कारण ही लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी के अधिकारों की कटौती कर दी गई, जिसका खामियाजा यहां की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

सुबोध कांत सहाय के अनुसार, यहां अजब-गजब की सरकार हैं, राजधानी में लोग चिकनगुनिया-डेंगू से परेशान, नगर आयुक्त विदेश दौरे पर, नगर विकास विभाग पूरी तरह चौपट, नगर निगम के मेयर-डिप्टी मेयर को कोई मतलब नहीं, मंत्री तो अलबेले हैं, यहां की जनता सचमुच भगवान भरोसे हैं। उन्होंने कहा नगर आयुक्त द्वारा सक्षम पदाधिकारियों के अधिकारों में कटौती करना दरअसल मानसिक दिवालियापन का परिचायक है।

उन्होंने कहा कि राजधानी की हालत बहुत खराब है, अभी भी वक्त हैं, सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर थोड़ी हरकत में आये, ताकि लोगों को लगे कि यहां सरकार भी हैं, उनके लोग हैं, नहीं तो आनेवाले दिनों में वर्तमान सरकार की क्या हालत होगी? शायद ये समझ नहीं रहे। उन्होंने कांग्रेस तथा अन्य दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा प्रभावित इलाकों में किये जा रहे दौरे तथा वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा चलाए जा रहे सफाई अभियान की तारीफ की, तथा लोगों को चिकनगुनिया-डेंगू से सतर्क रहने को कहा।

Krishna Bihari Mishra

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