झारखण्ड की नाक कटवानेवाले CM बता रहे, डिग्री नहीं, हुनर चलेगा, तो फिर उनके कॉलेज हुनर की जगह डिग्रियां क्यों बांट रहे?

शायद राज्य की भाजपा सरकार इसी सोच के साथ विधानसभा चुनाव के पहले ही चुनाव प्रचार में कूद चुकी है। जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के नाम पर संथाल परगना में झामुमो को चुनौती दी जा रही है, लोगों को दिखाने के लिए भीड़ ढो-ढो कर लाई जा रही हैं, और दूसरी ओर बिना भीड़ ढोये झामुमो के बदलाव यात्रा में लोग खुद-ब-खुद आ रहे हैं। कमाल की बात है, विधानसभा चुनाव में आम तौर पर राज्य के विकास से संबंधी बातचीत होनी चाहिए,

तुम्हें मकान चाहिए,

और हमें तुम्हारा जमीन,

तुम्हें भूख लगी है, भोजन चाहिए,

और हमें तुम्हारे जमीन के अंदर छुपी खनिज,

तुम्हें चाहिए सड़क,

और हमें हेलीकॉप्टर उतारने को हैलीपेड,

तुम्हे चाहिए सागसब्जी बेचने को बाजार,

और हमें चाहिए नदी पर समंदरवाला बंदरगाह,

तुम्हें चाहिए हुनर,

और हम हैं पैदाइशी हुनरमंद,

तभी तो हम हाथी उड़ा देते हैं,

रांची में शंघाई टावर बना देते हैं,

क्योंकि हम है सत्तावाले नेता और व्यापारी,

और तुम रह गये, जंगली, बेवकूफ, झारखण्डी

शायद राज्य की भाजपा सरकार इसी सोच के साथ विधानसभा चुनाव के पहले ही चुनाव प्रचार में कूद चुकी है। जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के नाम पर संथाल परगना में झामुमो को चुनौती दी जा रही है, लोगों को दिखाने के लिए भीड़ ढोढो कर लाई जा रही हैं, और दूसरी ओर बिना भीड़ ढोये झामुमो के बदलाव यात्रा में लोग खुदखुद रहे हैं। कमाल की बात है, विधानसभा चुनाव में आम तौर पर राज्य के विकास से संबंधी बातचीत होनी चाहिए, पर लोगों को धारा 370 याद दिलाई जा रही है, पाकिस्तान याद दिलाया जा रहा है, जैसे लगता है कि लोकसभा का चुनाव अब से कुछ दिन बाद ही होनेवाला हो।

चुनाव झारखण्ड का और उठा रहे कश्मीर मुद्दा

लोगों को कश्मीर याद दिलाया जा रहा है, ये नहीं कहा जा रहा है कि मैं वहीं हूं जो मोमेंटम झारखण्ड के नाम पर हाथी उड़ाया हूं, पर उस मोमेंटम झारखण्ड के आयोजन के बाद भी एक भी निवेशक झारखण्ड का रुख नहीं किया, जबकि यहां डबल इंजन की सरकार है। यह नहीं बताया जा रहा कि अपने पांच साल के शासनकाल में झारखण्ड लोक सेवा आयोग ने एक भी परीक्षा नहीं ली।

ये नहीं बताया जा रहा कि राज्य सरकार ने कानून की धज्जियां उड़ाई, जिसमें एक ही तरह के मामले में झाविमो के प्रदीप यादव को जेल तथा अपने नेता ढुलू को बचाने में पूरा तंत्र लगा दिया। यह नहीं कह रहे कि उनके शासनकाल में भाजपा कार्यालय में सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को पीट दिया गया और आज तक उन पुलिसकर्मियों को पीटनेवाले को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।

तबरेज अंसारी मामले में पूरे झारखण्ड की नाक कटवा दी

तबरेज अंसारी मामले में तो पूरे झारखण्ड की नाक कट गई, मामला संयुक्त राष्ट्र संघ तक पहुंच गया और ये 304 और 302 खेलते रहे। सच्चाई यह है कि इस राज्य में इतने घोटाले हुए है कि उन घोटालों की एक महागाथा लिखी जा सकती है, जिस पर कई बार अंगूलियां तो इनके ही मंत्री सरयू राय उठा चुके हैं, पर कोई सुनने को तैयार नहीं।

जूबान फिसलाने का रिकार्ड बनाने चल दिये

बोलने का तमीज तो ऐसा है कि कभी आदिवासी मुक्त झारखण्ड बनाने की बात कर देते है, तो कभी नेता प्रतिपक्ष को गाली सुना देते है तो कभी एक समुदाय विशेष के खिलाफ अनापशनाप बोल देते है, आश्चर्य तो और है जब कोई बच्ची अपने हक की बात करती हैं तो कह देते है कि अब डिग्री से नौकरी नहीं मिलती, हुनर से नौकरी मिलेगा, तो भाई डिग्री की दुकान क्यों खोले हैं? बंद करिये इसे और खोल दीजिये, हुनर विश्वविद्यालय।

आखिर आप इस प्रकार के जवाब से किसे उल्लू बना रहे हैं? क्या जनता नहीं जानती कि इस कौशल विकास के नाम पर जो करोड़ों खर्च किये जा रहे हैं, उससे किनकिन संस्थानों और व्यापारी वर्ग को लाभ पहुंच रहा है, आम झारखण्डी तो इन सभी कौशल विकास आदि के कार्यक्रमों से ठगा ही महसूस कर रहा है।

जरा आप ही बताइये , बड़े ही तामझाम के साथ रक्षाशक्ति विश्वविद्यालय खोला, बच्चे उसमें पढ़े भी और नौकरी क्या दी तो एटीएम गार्ड की, यानी रक्षाशक्ति विश्वविद्यालय में पढ़ने के बाद भी जब एटीएम गार्ड की नौकरी करनी पड़ें तो फिर ऐसे विश्वविद्यालय की क्या आवश्यकता? इसके जगह पर आप खोल दे एटीम गार्ड यूनिवर्सिटी।

जिन्हें झारखण्ड के बारे में जानकारी नहीं, वे झारखण्ड के भाग्य विधाता बन गये

दरअसल झारखण्ड की जनता को सारे राष्ट्रीय दलों और दूसरे क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने ठगने का काम किया है और ये अनवरत् जारी है, इधर कुछ ठगने के काम में ज्यादा तेजी आई है, जैसे मुफ्त चुल्हा, गैस देने की बात, अरे जिस व्यक्ति के पास रोजगार के साधन नहीं हैं, जिनके पास खाने को नहीं हैं, वे कहां से गैस भरवायेंगे, उनके संसाधनों पर तो तुम कब्जा कर लिये और अब कह रहे हो कि हमारी राज्य सरकार ने गैस चुल्हा दिया, किसलिए उसे जलाकर देहहाथ तापने के लिये।

राजनीतिक पंडितों की मानें, तो इस झारखण्ड का दुर्भाग्य है कि हर राज्य में उस राज्य का निवासी उस राज्य का भाग्यविधाता है, पर झारखण्ड में जो भाग्यविधाता बन बैठा है, वह इस राज्य का मूलनिवासी ही नहीं, ऐसे में वह इस राज्य के प्रति कैसा सोच रखेगा? वह जगजाहिर है। 

शायद यहीं कारण है कि राज्य सरकार के सभी कार्यक्रमों योजनाओं में उनका वर्चस्व है, जो इस राज्य से ताल्लुक नहीं रखते, जिसके कारण यह झारखण्ड बड़ी तेजी से नीचे जा रहा है, आनेवाले समय में देखियेगा कि झारखण्ड सिर्फ नाम का रहेगा, केवल खण्ड (भूमि का टुकड़ा), दिखाई देगा, पर झाड़(जंगल) तथा यहां के मूलवाशिंदे नहीं दिखाई पड़ेंगे, बस विलुप्त होते हुए सिंह की तरह ये फोटो में दिखाई देंगे।

Krishna Bihari Mishra

2 thoughts on “झारखण्ड की नाक कटवानेवाले CM बता रहे, डिग्री नहीं, हुनर चलेगा, तो फिर उनके कॉलेज हुनर की जगह डिग्रियां क्यों बांट रहे?

  1. Hunar kaha se aayega
    Jitne bhi school, college or Institute hai usme na padne wale ka pta or na pdane wale ka
    Sirf admition leke exam time aao exam do or certificate lete jao ese mai hunar aayega kaha se ese leader or sarkar se hmara jharkhand kabhi vikash nahi kar sakta

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