भाजपा में नई परम्परा की शुरुआत, एक ओर शोक का वातावरण तो दूसरी ओर मछली-भात का भोज

ये नई प्रकार की भारतीय जनता पार्टी हैं यानी पार्टी विद् डिफरेंस। यहां अब पार्टी से जुड़े समर्पित भाजपा नेता, कार्यकर्ता या उसके समर्थकों के लिए कोई इज्जत ही नहीं, यहां तो शोक संवेदना भी आजकल विशेष तरीके से दिया जाने लगा हैं और ये सब हो रहा हैं, राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा व संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह के कार्यकाल में।

ये नई प्रकार की भारतीय जनता पार्टी हैं यानी पार्टी विद् डिफरेंस। यहां अब पार्टी से जुड़े समर्पित भाजपा नेता, कार्यकर्ता या उसके समर्थकों के लिए कोई इज्जत ही नहीं, यहां तो शोक संवेदना भी आजकल विशेष तरीके से दिया जाने लगा हैं और ये सब हो रहा हैं, राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा व संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह के कार्यकाल में।

जरा देखिये न, धनबाद के बाघमारा प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष निरंजन कुमार गुप्ता का गत शनिवार यानी 29 जून को निधन हो गया, बेचारे निरंजन कुमार गुप्ता भाजपा के समर्पित नेता थे, सोनारडीह के रहनेवाले निरंजन गुप्ता किडनी और लीवर रोग से ग्रसित थे, उनके घर में शोक का वातावरण था, जैसे ही लोगों को पता चला कि निरंजन कुमार गुप्ता इस दुनिया में नहीं रहे, उनके घर में शोक प्रकट करनेवालों का तांता लग गया।

और उधर ठीक यानी दूसरे दिन 30 जून को, अभी उनका शव का अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ, बाघमारा के बड़ा पांडेयडीह में भाजपाइयों ने आम सभा सह मिलन समारोह का आयोजन कर दिया, यहीं नहीं इस आमसभा मिलन समारोह में मुख्यमंत्री रघुवर दास के अतिप्रिय बाघमारा भाजपा विधायक ढुलू महतो एवं बाघमारा प्रखण्ड अध्यक्ष बच्चू राय भी मौजूद थे, और इसी कार्यक्रम में लोगों ने जमकर मछली-भात खाकर नई परम्परा की शुरुआत कर दी।

होना तो यह चाहिए था कि बाघमारा प्रखण्ड के दो-दो बार अध्यक्ष रह चुके निरंजन कुमार गुप्ता के निधन का समाचार जैसे ही मिला था, कार्यक्रम को स्थगित कर देना चाहिए था, अथवा शोक सभा कर इसे सामान्य ढंग से इस कार्यक्रम पर पूर्ण विराम लगा देना था, पर यहां तो लोगों ने उधर शोक सभा और इधर मछली भात खाने में ही ज्यादा दिमाग लगाया, यानी खाने-पीने तक के मीनू तक को नहीं बदला।

इस घटना पर भाजपा में ही कई लोग ऐसे है, जो सवाल खड़े कर रहे हैं, उनका कहना है कि अब क्या भाजपा में यह भी देखने को मिलेगा, क्या एक नेता-कार्यकर्ता जो समर्पित था पार्टी के लिए, उसके मृत्यु पर अब ये सब देखने को मिलेंगे, यानी एक भाजपा के सदस्य के घर में शोक का वातावरण और दूसरे भाजपा के सदस्य के घर आनन्द का भोज आयोजित होगा, ऐसे में तो पार्टी रसातल में चली जायेगी।

राजनैतिक पंडितों का कहना है कि भाजपा में अगर आप चरित्र और संस्कार की बात कर रहे हैं तो आप निहायत महामूर्ख है, अब भाजपा पार्टी विद् डिफरेंस है, अभी तो भाजपा नेता के मरने पर मछली भात देखने को मिला है, आगे-आगे देखिये क्या होता है, बस देखते जाइये, क्योंकि इस पार्टी में अब ऐसे नेताओं का अभाव हो चला हैं, जो संस्कारवान हो, सभी अपनी-अपनी मस्ती में डूबे हैं, अब इससे शर्म की बात और क्या हो सकती है कि बाघमारा में दो-दो बार प्रखण्ड अध्यक्ष रहे निरंजन कुमार गुप्ता की मृत्यु हो जाती है, उनके शव का अंतिम संस्कार भी संपन्न नहीं होता और भाजपा के लोग मछली-भात का आयोजन तक कर डालते हैं।

Krishna Bihari Mishra

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