संघ के आनुषांगिक संगठनों ने लगाया जोर, घर-घर चला रहे सम्पर्क अभियान, दे रहे श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण, आम जनता में श्रीराम भक्ति का हुआ संचार

अयोध्या में स्थित भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर तैयार भगवान श्रीराम का अद्भुत विशाल मंदिर में 22 जनवरी को होनेवाली प्राण प्रतिष्ठा में हर घर भाग लें। इसको लेकर संघ के सभी आनुषांगिक संगठनों ने जोर लगा दिया है। संघ के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर संघ के बाकी आनुषांगिक संगठन हर घर जाकर पीली अक्षत के माध्यम से लोगों को निमंत्रण बांट रहे हैं।

इन संगठनों का निमंत्रण बांटने का तरीका भी इस प्रकार का हैं कि लोग उनकी श्रद्धा व भक्ति को देख उनके आगे श्रद्धावनत् हैं। दरअसल भगवान श्रीराम का चरित्र ही ऐसा है। जो भी श्रीराम की भक्ति और उनकी सेवा में लगेगा। उसे परम आनन्द और उस परम आनन्द की प्रतिक्रिया स्वरुप भगवान श्रीराम का आशीर्वाद भी उसे ही प्राप्त होगा। आज जहां हमलोग रहते हैं। वहां भी संघ के लोगों ने आकर हर घर जाकर संपर्क किया तथा 22 जनवरी को क्या करना है, इसकी जानकारी भी दी।

हाथों में पीली अक्षत के लिफाफे, एक विश्व के रामभक्तों को निवेदन संबंधी प्रपत्र और दूसरा श्रीरामजन्मभूमि मंदिर प्रारुप की छविवाली कार्ड पाकर हर कोई खुश हैं। सभी उसे हृदय से लगाते हैं। प्रणाम करते हैं और जिस कमरे में भगवान की पूजा करते हैं। वहां जाकर रख दे रहे हैं। लोगों ने भी तैयारी कर दी है। अभी से ही दिये, बाती और तेल की खरीदारी हर घर शुरु कर चुका है। शायद इस साल दो बार दीपावली मनेगी।

एक बार तो पौष शुक्ल द्वादशी विक्रमी संवत् 2080 को दूसरी दीपावली कार्तिक कृष्ण अमावस्या विक्रमी संवत् 2081 को और दोनों इसी अंग्रेजी साल यानी 2024 में। हैं न इस बार का साल विशेष। सभी घरों में एक ही प्रकार की चर्चा। श्रीरामजन्मभूमि के इतिहास पर चर्चा। कैसे मुगल आक्रमणकारियों ने हमारे धर्म और संस्कृति पर हमले किये।

फिर शुरु होती है कैसे लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या तक की यात्रा कर सोये भारतीयों को जगाया? कैसे अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि के ताले खुले? कैसे अयोध्या में श्रीराममंदिर का निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ? बुद्धिजीवियों की मानें तो श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण और उसका उद्घाटन कार्यक्रम वर्षों से सोए हिन्दूओं को उनकी परम्परा और संस्कृति को उनके हृदय में बसाने में पूर्णतः सफल रहा हैं।