राजनीति

सिल्ली और गोमिया में झामुमो की बल्ले-बल्ले, दोनों सीटों पर तीर-कमान की जीत सुनिश्चित

सिल्ली और गोमिया में झामुमो की बल्ले-बल्ले है। दोनों सीटों पर तीर-कमान की धूम हैं। झामुमो ने सिल्ली और गोमिया की जनता के बीच एक बार फिर अपनी जोरदार पहचान बना ली है। दुसरी ओर झामुमो को कांग्रेस, झाविमो, राजद तथा अन्य वामपंथी पार्टियों द्वारा मिले सहयोग ने सिल्ली और गोमिया की चुनाव को एकतरफा बना दिया है। यहां झामुमो को सहयोग दे रही पार्टियां और उनके कार्यकर्ताओं के बीच एक नारा खुब चल रहा है। नारा है – कितना लगालो जोर तमाम, जनता चाहे तीर-कमान।

सिल्ली में झामुमो प्रत्याशी सीमा महतो की आजसू के उम्मीदवार सुदेश महतो से सीधी टक्कर है, जबकि गोमिया में झामुमो प्रत्याशी बबीता देवी की लड़ाई भाजपा प्रत्याशी माधव लाल सिंह और आजसू प्रत्याशी लंबोदर महतो से है। दोनों जगहों पर लड़ाई एकतरफा है, लोग बताते है कि जीत का अंतर बहुत ज्यादा होगा, क्योकि भाजपा की गलत नीतियों और उस पर आजसू का भाजपा को दिया जा रहा समर्थन आजसू के जीत पर खतरा मंडरा कर रख दिया हैं, उस पर से सारे विपक्षी दलों को झामुमो को मिल रहा समर्थन, झामुमो की जीत पर मुहर लगाकर रख दिया है।

सिल्ली और गोमिया में झामुमो प्रत्याशी को जीताने के लिए कांग्रेस, राजद, झाविमो एवं अन्य वामपंथी दलों के नेताओं ने भी सभाएं की हैं, तथा घर-घर जाकर झामुमो प्रत्याशियों को जीताने की अपील की, जिसका असर भी देखा जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन द्वारा सारे विपक्षी दलों को एकता के सूत्र में बांधने का यह भागीरथी प्रयास रंग ला रहा हैं। इधर भाजपा या आजसू कितना भी दिखावा क्यों न कर लें कि वे एक दूसरे का समर्थन करते है, पर गोमिया में आजसू द्वारा उम्मीदवार दे दिये जाने से भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं में आजसू के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है, जो बताने के लिए काफी है कि इन दोनों जगहों पर आजसू का क्या होना है?

एक भाजपा कार्यकर्ता ने तो नाम नहीं छापने के शर्त पर कहा कि उनकी पार्टी क्यों सिल्ली में सुदेश महतो को जीताना पसंद करेगी, सुदेश के मजबूत होने से खतरा भाजपा को ही है, इसलिए भाजपा के कार्यकर्ता सिल्ली से स्वयं को दूर रखे हैं, वहीं गोमिया में माधव लाल सिंह को जीताने के लिए प्रयास कर रहे हैं, पर जीत माधव लाल सिंह की होगी, यह कहना मुश्किल है, क्योंकि झामुमो प्रत्याशी बबीता देवी, वहां से मजबूत प्रत्याशी फिलहाल दीख रही हैं, जिसकी जीतने की संभावना प्रबल है।