लीजिये आप यहां गरियाते रहिये और उधर रुस ने भी मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने का ऐलान कर दिया

भाई ये नरेन्द्र मोदी क्या है? जब से राजनीति में उन्होंने पदार्पण किया है, सब की नींद हराम कर दी है। भारत में जितना मोदी का विरोध, उससे ज्यादा उनके प्रशंसक। यहीं हाल पाकिस्तान में भी मोदीजी का हैं, पाकिस्तान में उनके घुर विरोधी भी स्वीकार करते हैं कि मोदी में एक बात तो हैं कि वह अपने मुल्क से बहुत प्यार करते हैं, कभी यही बात अमरीकन राष्ट्रपति भी कह चुके हैं, लेकिन भारत में उनके विरोधी, विरोध के नाम पर इस प्रकार से उनका विरोध करते है

भाई ये नरेन्द्र मोदी क्या है? जब से राजनीति में उन्होंने पदार्पण किया है, सब की नींद हराम कर दी है। भारत में जितना मोदी का विरोध, उससे ज्यादा उनके प्रशंसक। यहीं हाल पाकिस्तान में भी मोदीजी का हैं, पाकिस्तान में उनके घुर विरोधी भी स्वीकार करते हैं कि मोदी में एक बात तो हैं कि वह अपने मुल्क से बहुत प्यार करते हैं, कभी यही बात अमरीकन राष्ट्रपति भी कह चुके हैं, लेकिन भारत में उनके विरोधी, विरोध के नाम पर इस प्रकार से उनका विरोध करते है कि वे नायक नहीं, बल्कि खलनायक हो।

इधर भारत से सारी बातों से बेखबर, फिलहाल लगता है कि पूरा वर्ल्ड मोदी का दिवाना है, जरा देखिये न, कुछ दिन पहले की ही बात है कि पहले दक्षिण कोरिया, फिर सउदी अरब, उसके बाद संयुक्त राष्ट्र संघ और अब रुस ने अपने यहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने का ऐलान कर दिया। भारत में मोदी के विरोधी जहां उन्हें मुस्लिम विरोधी करार देने का कोई मौका नहीं छोड़ते, ठीक इसके विपरीत सउदी अरब तो मोदी का मुरीद बन चुका है, इधर मोदी ने कहा नहीं कि उधर सउदी अरब ने सुना नहीं।

फिलहाल जितना सुंदर संबंध पाकिस्तान को छोड़कर, हमारे सभी पड़ोसी देशों से हैं, उतना कभी नहीं रहा, एक समय तो ऐसा था कि नेपाल से हमारे संबंध बहुत खराब हो गये थे, ये समय था जब देश में प्रधानमंत्री के रुप में राजीव गांधी विद्यमान थे। चीन और पाकिस्तान तो जब तक जिंदा रहेंगे, उन्हें भारत पसन्द नहीं आयेंगे, जगजाहिर है, ये कोई मौका भी नहीं छोड़ेंगे, जिसमें भारत को नीचा न दिखाया जा सकें, हम इनसे इससे ज्यादा की कामना भी नहीं करते, क्योंकि इन दोनों देशों का विश्व के कई देशों में क्या सम्मान है? सभी जानते हैं।

खैर यहां बात हो रही हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की। इधर पूरे देश में लोकसभा का चुनाव हो रहा है, सारा देश चुनाव में मग्न है, और उधर रुस ने घोषणा कर दी कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत और रुस के बीच रणनीतिक साझेदारी को शानदार तौर पर आगे बढ़ाने के ले उन्हें रुस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “आर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल” से सम्मानित किया जायेगा।

अब सवाल उठता है कि जैसे यहां के कुछ राजनीतिक दल भारतीय मीडिया में मोदी और उनके पार्टी को मिल रहे माइलेज को लेकर सारी मीडिया को गोदी मीडिया के नाम से पुकारते है, क्या ऐसे हालत में जब विश्व के कई देश भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने यहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजने की घोषणा कर रहे हैं तो क्या मोदी ने वहां भी अपना करिश्मा दिखा दिया है?

मतलब वहां भी जोर-आजमाइश कर ये पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं क्या? ये सवाल हमने ऐसे ही पूछ लिया। भाई कुछ तो बात हैं इस बंदे में, जिसने पूरे विश्व में अपनी धाक जमा ली है, और लगता है कि 2019 के चुनाव परिणाम में भी कुछ आश्चर्य न हो जाये, क्योंकि ये बंदा हैं बिल्कुल औरों से अलग। वह अपने विरोधियों से घबराता नहीं, क्योंकि उसे जवाब देने खुब आता है, और मुस्कुराते हुए अपनी बात, बड़े ही आराम से जनता के बीच कह डालता है।

Krishna Bihari Mishra

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