ऐसे हैं झारखण्ड के सब-इंस्पेक्टर जो रात के अंधेरे में वसूली अभियान चलाकर, कोयला तस्करों का मनोबल बढ़ाते हैं

ये है झारखण्ड के महेशपुर थाने में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर मार्कण्डेय मिश्र, जिसका डूमरीचेक पोस्ट पर साइकिल से कोयला तस्करी करते लोगों से रुपये वसूली करते हुए विडियो बड़ी तेजी से वायरल हुआ, जो विद्रोही24.कॉम के पास भी मौजूद है। जो बताता है कि रघुवर राज में भ्रष्टाचारी पुलिस पदाधिकारियों का मनोबल किस कदर उंचा है और वे कैसे अपने पद का दुरुपयोग कर समाज के लिए एक बदनुमा दाग बनकर उभर रहे हैं।

ये है झारखण्ड के महेशपुर थाने में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर मार्कण्डेय मिश्र, जिसका डूमरीचेक पोस्ट पर साइकिल से कोयला तस्करी करते लोगों से रुपये वसूली करते हुए विडियो बड़ी तेजी से वायरल हुआ, जो विद्रोही24.कॉम के पास भी मौजूद है। जो बताता है कि रघुवर राज में भ्रष्टाचारी पुलिस पदाधिकारियों का मनोबल किस कदर उंचा है और वे कैसे अपने पद का दुरुपयोग कर समाज के लिए एक बदनुमा दाग बनकर उभर रहे हैं।

आश्चर्य इस बात की है कि इन सबकी जानकारी उपर से नीचे सभी को होती हैं, पर सभी इसे धर्म का कार्य समझ ऐसे कार्यों को बहुत ही सुंदर ढंग से गति देते हैं। तभी तो यहां स्थिति ऐसी है कि ये कोयला तस्करों का समूह पुलिस पदाधिकारियों की मदद से राजधानी रांची स्थित सीएम आवास से भी बड़े पैमाने पर कोयला तस्करी का कार्य वह भी बिना रोकटोक सम्पन्न करते हैं, जिसे आप हर दिन देख सकते हैं।

अब बात करते हैं महेशपुर के सब-इंस्पेक्टर मार्कण्डेय मिश्र की। वायरल विडियो में साफ दिख रहा है कि ये डूमरीघटी चेक पोस्ट पर स्वयं तैनात है और रात के अंधेरे में स्ट्रीट लाइट के समक्ष साइकिल से कोयला तस्करी करनेवाले से बड़े रौब से पैसे वसूल रहे हैं। यहां तक कि एक साइकिलवाला कोयला तस्कर उसे थोड़े कम पैसे देता हैं, तो वह सब इंस्पेक्टर झिड़क देता है, यही नहीं वह सड़क पर पैसे फेंक देता है, फिर साइकिलवाला कोयला तस्कर उस पैसे को उठाता है, वह अपनी मनोदशा बताता है कि उसकी तबियत ठीक नहीं, फिर भी सब इस्पेक्टर उससे पूरा पैसा वसूल कर ही दम लेता है, और फिर उसे चेकपोस्ट से बाहर जाने की इजाजत मिलती है।

सवाल उठता है कि क्या यह कोई पहली घटना है, झारखण्ड में ये घटना तो आम बात है। बुद्धिजीवियों की मानें तो एक सब इंस्पेक्टर का वेतन कितना होता है, सभी जानते हैं, पर इनका जीवन स्तर देखें तो किसी पूंजीपतियों के परिवार से कम नहीं होता, आखिर इतने पैसे कहां से आते हैं इनके पास, ये कौन नहीं जानता, फिर भी लोग चुप रहते हैं, शायद यही कारण है कि मार्केण्डेय मिश्र जैसे लोग अनैतिक रुप से पैसे तो कमा लेते हैं, पर प्रतिष्ठा नहीं मिलती।

रांची में तो एक से एक पुलिस पदाधिकारियों को मैं जानता हूं कि जिनका छूआ हुआ पानी भी आदमी पी ले, तो उसे नरक में भी जगह नहीं मिले, पर क्या किया जाये, आजकल तो यही लोग कर्णधार बने हैं, यही लोगों के उपर झारखण्ड की जनता का सुरक्षा का भार हैं, बात करेंगे ऐसे कि जैसे लगता है कि दुनिया की सारी अच्छाई इनकी गुलाम है, पर सच्चाई है कि इनसे अच्छाई भी भय खाती हैं, और बेईमानी तो इनको देखते ही ऊंची छलांग लगाने लगती हैं, यह कहकर कि आ गया, मेरा चाहनेवाला आ गया।

हमारे पास कई ऐसे प्रमाण है कि इन बेइमानों ने अच्छे-अच्छे लोगों की नींद उड़ा दी हैं, जबकि बुरे लोगों को इन्होंने शानो-शौकत से मालामाल करने का तथा हर प्रकार से सुरक्षा देने का संकल्प ले लिया है, फिलहाल अगली जब विडियो आयेगी तब आयेगी, उस विडियो के आने तक इस सब-इंस्पेक्टर के कार्यों का आनन्द लीजिये, फिलहाल ये जनाब महेशपुर में नहीं हैं, सुना है पलामू में चुनाव संपन्न कराने के लिए गये हुए हैं।

Krishna Bihari Mishra

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