झारखण्ड में भूख से हो रही मौत के लिए यहां के भ्रष्टाचार में लिप्त IAS-IPS जिम्मेदार

झारखण्ड में भूख से हो रही मौतों का मामला, पिछले दिनों राज्यसभा में उठा। उन्होंने कहा कि राज्य में आईएएस-आईपीएस द्वारा जमीन घोटाला, भ्रष्टाचार, अपराधियों से सांठ-गांठ तथा अपराध में लिप्त होने के कारण आदिवासी-मूलवासी भूख से मरने को विवश है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों 28 सितम्बर को कालीमाटी में संतोषी, 21 अक्टूबर को धनबाद के झरिया में बैजनाथ रविदास और 23 अक्टूबर को देवघर के रुप लाल मरांडी की मौत भूख से हो गई।

झामुमो सांसद संजीव कुमार ने झारखण्ड में भूख से हो रही मौतों का मामला, पिछले दिनों राज्यसभा में उठाया। उन्होंने संसद में कहा कि राज्य में आईएएस-आईपीएस द्वारा जमीन घोटाला, भ्रष्टाचार, अपराधियों से सांठ-गांठ तथा अपराध में लिप्त होने के कारण राज्य के आदिवासी-मूलवासी भूख से मरने को विवश है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों 28 सितम्बर 2017 को सिमडेगा के कालीमाटी में संतोषी, 21 अक्टूबर 2017 को धनबाद के झरिया में बैजनाथ रविदास और 23 अक्टूबर 2017 को देवघर के रुप लाल मरांडी की मौत भूख से हो गई।

संजीव कुमार का कहना था, जब संतोषी की मौत हुई थी, तभी झारखण्ड के खाद्य आपूर्ति मंत्री का मानना था कि मौत का जिम्मेवार अप्रैल 2017 का मुख्य सचिव का वह विवादास्पद आदेश था, जिसमें उन्होंने राज्य जिला प्रशासको को आदेश दिया था कि जिनका राशन कार्ड आधार से नहीं जुड़ा है, उसे सस्ता राशन नहीं मिलना चाहिए। खाद्य आपूर्ति मंत्री ने मुख्य सचिव के अप्रैल 2017 के आदेश को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए इस आदेश को रद्द कर दिया था। हाल ही में यूआईडीएआई ने आधार से राशन कार्ड के न जोड़ने एवं सस्ता राशन नहीं मिलने के कारण भूख से हुई मौत की जांच का आदेश दे दिया है।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड में ज्यादातर आईएएस-आईपीएस जमीन घोटाला, भ्रष्टाचार, अपराधियों से सांठ-गांठ जैसे अपराध में संलिप्त है। हाल ही में सीबीआई कोर्ट झारखण्ड ने एक पूर्व मुख्य सचिव को चारा घोटाले और एक सीबीआई कोर्ट दिल्ली ने एक पूर्व मुख्य सचिव को कोल स्कैम में सजा सुनाई है। आज भी आदिवासी मूलवासी जिनकी जमीन के नीचे खनिज संपदा भरी पड़ी है, वे भूख से मर रहे हैं और इसके लिए जिम्मेवार है, झारखण्ड के आईएएस-आईपीएस अधिकारी, जो भ्रष्टाचार में लिप्त है।

उन्होंने कहा कि एडीजीपी रैंक का एक पुलिस अधिकारी, जो राज्यसभा चुनाव में एक विधायक को दबाव डाल रहा था और राज्य सभा में स्वयं के द्वारा यह मुद्दा उठाने के बाद निर्वाचन आयोग ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था, वह अब भी अपने पद पर बना हुआ है।

यहीं नहीं जिस प्रकार से स्थानीय नीति मामले में, चर्चा कराने की मांग पर, विधानसभा सतह पर आदिवासी नेता प्रतिपक्ष को मुख्यमंत्री ने गाली-गलौज किया, वो साबित करता है कि झारखण्ड में लोग भूख से क्यों मर रहे हैं?  उन्होंने कहा कि झारखण्ड में जो भूख से मौतें हो रही है, उसके कारण पूरे संसार में हमें शर्मसार होना पड़ रहा है, इसलिए इस पर सरकार को विशेष ध्यान देने की जरुरत है।

 

Krishna Bihari Mishra

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