राजनीति

सोनम वांगचुक मोहरा, असली निशाना भारतीय संविधान, जिसे भाजपा समाप्त कर देना चाहती है, यह अमृत काल नहीं विष काल है, झामुमो डरेगा नहीं मुकाबला करेगाः सुप्रियो

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव व प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज प्रेस कांफ्रेस कर कहा कि कल देश के वैज्ञानिक, शिक्षाविद् व सामाजिक कार्यकर्ता के आमरण अनशन का 20 वां दिन था। कल ही दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके सेहत को लेकर भारत सरकार को कुछ दिशा-निर्देश जारी किये थे। जिसकी आड़ में देश के गृह मंत्री के अधीन दिल्ली पुलिस ने आज सुबह कायराना हरकत किया।

सुप्रियो ने कहा कि इस कायरना हरकत के दौरान भारत सरकार का डर दिखा, जो जंतर-मंतर पर चल रहे सोनम वांगचुक के अनशन-स्थल पर हमले के रूप में दिखा। एक हजार की संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान जो कुछ यूनिफॉर्म में थे तो कुछ सादे लिबास में थे। इस प्रकार से सोनम वांगचुक को अपने कब्जे में ले रहे थे, जैसे किसी दुर्दांत अपराधी का हाइड आउट कर रेड किया जाता है।

सुप्रियो ने कहा सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की जब इतनी ही चिन्ता भारत सरकार को थी, तब वो आज के पहले यानी इन 20 दिनों के दौरान कहां थी। 21 वें दिन सुबह में जिस प्रकार से सोनम वांगचुक के साथ जो हुआ। उस कायराना हरकत को पूरी दुनिया ने देखी। ज्यादातर देखा जाता है कि किसी ऑपरेशन या छापेमारी के दौरान पुलिस रास्ते को रोक लेती है या सामान्य दिनों की आवाजाही पर रोक लगा देती है। लेकिन यहां तो पर्दे की आड़ में, सफेद चादर तानकर सोनम वांगचुक को उठाया गया।

सुप्रियो ने कहा कि सोनम वांगचुक को कफन में लपेटकर दिल्ली पुलिस वाले ले जा रहे थे। यह भयावह दृश्य था। एक जिंदा आदमी से भाजपा का राजसत्ता किस प्रकार डर गया था कि पूरे लोकतंत्र को लाश बनाकर ले जाया गया। आज का दिन दिल्ली पुलिस ने भारतीय लोकतंत्र के लाश को ढोकर सफदरगंज अस्पताल पहुंचाया। ये अनायास नहीं है। इसकी पटकथा लिखी गई है। चूंकि आगामी सोमवार को 20 तारीख से जब मानसून सत्र शुरु होगा। तो भारत सरकार लोकतंत्र की हत्या की पूरी तैयारी कर संसद में जायेगी।

सुप्रियो ने कहा कि ये सरकार जल्द ही भारतीय संविधान का 130वां संशोधन लाने जा रही है। पार्टी विद् डिफरेंस की बात करनेवाली, शुचिता की बात करनेवाली ये भाजपा जानती है कि ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की ओर से जो बातें आने जा रही है, उसके पीछे मंशा क्या है? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री कोई नियुक्त नहीं होते, बल्कि इन्हें जनता चुनती है, ये मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनने के पहले विधायक या सांसद होते हैं। आपके हाथ में एजेंसी है। आपने एजेंसियों का डर दिखा पार्टियों को तोड़ा। अब एजेंसियों को लगाकर 30 दिनों तक उन्हें सलाखों के पीछे रखेंगे।

सुप्रियो ने कहा कि सोनम वांगचुक तो मोहरा है, असली निशाना भारतीय संविधान है। ये भारतीय संविधान को उसके 75वें साल में समाप्त कर देना चाहते हैं। न्याय की व्यवस्था को समाप्त कर देना चाहते हैं। लोकतंत्र जो यहां की मिट्टी की बुनियाद में समाया हुआ है। उसे दफना देना चाहते हैं। यह भयावह काल है। यह अमृत काल नहीं, विष काल है। लोगों को विष पिलाकर उनके आवाज, अधिकार को समाप्त कर देना चाहते हैं। उनके सम्मान व सार्वभौमिकता को समाप्त कर देना चाहते हैं। ऐसे में हम आनेवाले चुनौतियों का डटकर मुकाबला करेंगे। हम कमजोर नहीं। आदिवासी-मूलवासी समाज में सामुदायिकता और लोकतंत्र को वे मिटा नहीं सकते।

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