कुछ लोग इस उम्मीद में थे कि आज मैं दुमका नही आ पाऊंगा, लेकिन चिंता मत करिए जब तक हम जिंदा है, झामुमो जिंदा है, इस राज्य पर बुरी नजर डालने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगेः हेमन्त

आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दुमका आया हूँ। राज्य भर में शिविर में लाखों की संख्या में आवेदन आ रहे हैं। जिनका निष्पादन भी किया जा रहा है। आप सभी से अपील है अपने गांव, पंचायत, वार्ड में लगने वाले शिविरों के जरिए राज्य सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अवश्य लें। ये बातें आज दुमका में आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड अलग राज्य की लड़ाई में हमारा नारा होता था ‘कैसे लेंगे झारखण्ड, लड़कर लेंगे झारखण्ड’। राज्य मिला पर मगर पूर्व की सरकारों के कारण पिछड़ा रहने को मजबूर रहा। हम विपरीत परिस्थितियों में राज्य को आगे ले जाने का काम कर रहे हैं। मगर हमारे विपक्ष लगातार कुछ न कुछ षड्यंत्र रच कर हमारा ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस उम्मीद में थे कि आज मैं इस कार्यक्रम में नही आ पाऊंगा। लेकिन चिंता मत करिए जब तक हेमन्त सोरेन जिंदा है, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा जिंदा है, इस राज्य पर बुरी नजर डालने वालों को हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस वीर भूमि को बदनाम करने वालों को कभी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत राज्यभर में गांव, पंचायत, टोले, वार्ड में शिविर लगाकर आमजन को राज्य सरकार की कई लोक-कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है।

मैं खुद प्रत्येक जिले में जाकर इस महा अभियान की समीक्षा कर रहा हूँ। आज उसकी क्रम में दुमका जिले में लोगों के बीच आया। शिविर को लेकर लोगों में उत्साह है। राज्य सरकार के पदाधिकारी भी दूर-दराज के क्षेत्रों में जाकर गरीब और वंचित परिवारों को योजनाओं से जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं सभी को भरोसा दिलाता हूं कि अबुआ सरकार जन आकांक्षाओं और उम्मीदों हर हाल में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हमारी सरकार लोगों के रोटी-कपड़ा और मकान जैसे मूलभूत जरूरत को पूरा करने के साथ विकास को रफ्तार दे रही है। अबुआ आवास योजना के आठ लाख गरीबों के अपने आशियाना के सपने को पूरा करने जा रहे हैं। 20 लाख अतिरिक्त हरा राशन कार्ड जारी कर उन्हें अनाज दे रहे है और अब चना दाल देने का भी सरकार ने निर्णय लिया है। सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत गरीबों को साल में दो बार 10 रुपए में धोती/लूंगी और साड़ी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों को आर्थिक-सामाजिक-शैक्षणिक रूप से सशक्त बना रहे हैं। राज्य के साथ पिछले दो दशकों से गरीबी और पिछड़ेपन का जो टैग लगा है, उससे निजात पाने के लिए सरकार पूरी ताकत के साथ काम कर रही है । आप सभी के सहयोग से राज्य को नई दिशा देने का काम काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुढ़ापा में पेंशन जीने का सहारा होता है।

इस वजह से अबुआ सरकार हर बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग को सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। कोई भी योग्य पात्र पेंशन से वंचित न रहे, इसके लिए यूनिवर्सल पेंशन स्कीम को हमने शुरू किया है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि शिविरों में जो स्टॉल सबसे ज्यादा खाली नज़र आ रहे हैं, वह यूनिवर्सल पेंशन स्कीम का स्टॉल है, क्योंकि आज हर बुजुर्ग इस योजना से आच्छादित हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में सड़कों का जाल तेजी से बिछ रहा है। हजारों किलोमीटर ग्रामीण सड़क बनाई जा रही हैं। गांव से शहर की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत बूढ़े- बुजुर्ग, महिला दिव्यांग और विद्यार्थियों को निःशुल्क परिवहन की सुविधा मिलेगी। वहीं, हर खेत में पानी पहुंचाने का सरकार ने लक्ष्य रखा है। इसके लिए आधुनिक तकनीक से युक्त मेगालिफ्ट सिंचाई परियोजना शुरू की गई है। आगे वाले दिनों में हर खेत सालों भर लहराएंगे और किसान आर्थिक रूप से और भी मजबूत बनेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किए बिना राज्य को सशक्त नहीं बना सकते हैं। यही वजह है कि सरकार गांव और ग्रामीणों के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। हमारी सरकार विभिन्न माध्यमों से ग्रामीण उद्यमिता और आजीविका को बढ़ावा दे रही है। फूलो-झानो आशीर्वाद योजना के तहत महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने के लिए अब 10 हज़ार रुपए की बजाय 50 हज़ार रुपए देने का निर्णय सरकार ने लिया है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गरीब बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक तंगी अब कोई बाधा नहीं बनेगी। बच्चियों अब बोझ नहीं बनेगी। बच्चियां बेहतर तरीके से पढ़ें, इसके लिए उन्हें सावित्रीबाई किशोरी फुले सावित्री योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना के तहत अब घर में जितनी भी बच्चियां होंगी, उनको इसका लाभ मिलेगा। अब वे डॉक्टर- इंजीनियर और अफसर बनेंगी। 

इसमें पैसे की तंगी बाधा नहीं बनेगी, क्योंकि उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। यहां के बच्चों को निजी विद्यालय से भी बेहतर शिक्षा देने के लिए स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस खोले गए हैं। अभी इन विद्यालयों की संख्या 80 है, जिसे बढ़ाकर 5 हज़ार करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज 50 विद्यार्थियों के विदेशों में उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठा रही है। वहीं, प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी से लेकर विभिन्न कोर्सेस को करने के लिए भी सरकार आर्थिक सहायता दे रही है।