होमगार्ड जवानों से शहंशाह-ए-झारखण्ड ने मिलने से किया इनकार, सामूहिक आत्मदाह करेंगे जवान 18 को

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आधी रात तक कल होमगार्ड के नव-नियुक्त जवान धनबाद परिसदन के बाहर शहंशाह-ए-झारखण्ड यानी राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिलने के लिए खड़े रहे, पर शहंशाह-ए-झारखण्ड ने उनसे मिलने की जरुरत नहीं समझी, शायद जन-आशीर्वाद यात्रा में चल रहे मुख्यमंत्री इन नव-नियुक्त जवानों के आशीर्वाद को ग्रहण करना उपयुक्त नहीं समझते।

अंत में बेचारे ये नव-नियुक्त जवानों ने धनबाद परिसदन के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया तथा अपना आक्रोश व्यक्त किया। बताया जाता है कि नव-नियुक्त जवानों की संख्या उस वक्त 250 के करीब थी। होमगार्ड के जवान मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी वेदना शेयर करना चाहते थे, तथा मुख्यमंत्री तक अपनी शिकायत पहुंचाना चाहते थे, पर शहंशाह-ए-झारखण्ड ने अपने स्वाभावानुसार मिलने से इनकार कर दिया।

बताया जाता है कि विज्ञापन संख्या 01/2017 के तहत 554 अभ्यर्थियों का होमगार्ड में बहाली हुआ था, लेकिन तीन साल से प्रशिक्षण में भेजने के नाम पर उन्हें टहलाया जा रहा है। प्रशिक्षण के नाम पर रांची मुख्यालय होमगार्ड, वरीय पुलिस अधीक्षक धनबाद, तथा उपायुक्त के द्वारा आश्वासन ही मिला, पर यह प्रशिक्षण कब पूरा होगा, इस पर ध्यान किसी का नहीं है, जबकि इसी दौरान होमगार्ड में चयनित अभ्यर्थियों के समक्ष भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

नव-नियुक्त होमगार्ड के जवानों ने विद्रोही24.कॉम को बताया कि जब राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास के पास जाने के बावजूद, उनकी शिकायत सुनना तो दूर, जब मिलना ही वे पसन्द नहीं करते तो ऐसे में वे क्या करें, अब तो उनके पास कोई विकल्प ही नहीं बचता। नव-नियुक्त जवानों ने 18 अक्टूबर को रणधीर वर्मा चौक पर सरकार और प्रशासन की उनके प्रति निष्क्रियता के विरुद्ध सामूहिक आत्मदाह करने का निर्णय लिया है।

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