सरयू राय ने जानबूझकर चरित्र हनन करने वाले कथित वीडियो पत्रकार पर आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए बिष्टुपुर थाने में कराई शिकायत दर्ज
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने एक छद्म वीडियो पत्रकार द्वारा विगत एक माह से उन पर अनर्गल आरोप लगाने के विरुद्ध बिष्टुपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और कहा है कि उक्त छद्म पत्रकार उन पर नाना प्रकार के आधारहीन आरोप लगा रहा है, उनकी तस्वीर दिखाकर अवांछित विषय से जोड़ रहा है।
यहां जारी एक बयान में सरयू राय ने कहा कि पहले वह परोक्ष रूप से उन्हें लक्षित करता था। गत कुछ दिनों से वह ग़लत, तथ्यहीन एवं अधकचरी जानकारी के आधार पर उन पर सीधा हमला करने लगा है। कुछ दिनों तक वह इस ओर से आँखें मूँदे रहे। जब उसने हद पार कर दी, तो उन्होंने इसके विरुद्ध जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाने में शिकायत दर्ज करायी है।
सरयू राय ने कहा कि थाना छद्म पत्रकार से उसके कहे का सबूत मांगे अन्यथा उस पर बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं के तहत जानबूझकर चरित्र हनन करने और झूठ-फ़रेब प्रसारित करने का षड्यंत्र करने के आरोप में आपराधिक मुकदमा चलाए। श्री राय ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है, जब किसी ने उनके विरुद्ध अनर्गल आरोप लगाया हो। पहले भी निहित स्वार्थ में और राजनीतिक कारणों से कई बार ऐसा हुआ है।
सरयू राय का कहना है कि वह जब भी भ्रष्टाचार और अनियमितता का गंभीर मामला जनहित में उठाते हैं, तब-तब ऐसे मामलों में संलिप्त लोग किसी शिखंडी को आगे कर अनर्गल एवं तथ्यहीन बयान दिलाते हैं। वह जब प्रमाण मांगते हैं तो ये चुप्पी साध लेते हैं। न्यायालय जाता हूं तो सजा पाते हैं या अपनी वेबसाइट हाईजैक होने की दलील पेश करते हैं।
श्री राय ने ऐसे सभी लोगों को चुनौती देते हुए कहा कि आरोप ज़रूर लगाइए पर सुबूत भी दीजिए। सुबूत नहीं है तो ग़लतबयानी के लिए माफ़ी मांगिए अन्यथा अदालती कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहिए। सरयू राय ने कहा कि जिसके दामन में दाग हो, जिसने ब्लैकमेल होने लायक़ कोई काम किया हो, जिसने आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित की हो, जिसने मंत्री-विधायक रहते भ्रष्टाचार किया हो वह ऐसे ब्लैकमेलरों से दब सकता है।
उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसी बेहुदगी करने का षड्यंत्र करने वालों को वे सबक भी सिखाते हैं। उनके विरुद्ध अपमानजनक रील बनाने और दिखाने की हिमाक़त करने वाले प्रियांशु झा नामक इस व्यक्ति को वे चुनौती देते हैं कि वह सुबूत के साथ सामने आए अन्यथा क़ानूनी कार्रवाई का सामना करे।
