राजनीति

सरयू राय ने लगाया एनएचएआई के अधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप, बोले एनएच-33 के निर्माण में भारी लापरवाही, इस रफ्तार से तो पांच साल में भी पूरा नहीं होगा काम

जदयू विधायक सरयू राय ने मानगो से गुजरने वाले एनएच-33 के निर्माण और इस पर प्रस्तावित लगभग सात किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण में हो रही देरी को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी भारी लापरवाही बरत रहे हैं और बार-बार आश्वासन देकर वादाखिलाफी कर रहे हैं।

सड़क की बदहाली और निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार से जनता परेशान है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। एनएच-33 का निरीक्षण करने के बाद सरयू राय ने कहा कि बरसात खत्म हुए 25 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सड़क के गड्ढों तक को नहीं भरा गया है। सड़क पर उड़ती धूल से लोगों का जीना मुहाल है। इसके बावजूद एनएचएआई के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

उन्होंने बताया कि विगत एक अक्टूबर को बालीगुमा के वार्ड पार्षद राजेश सिंह ने एनएचएआई के खिलाफ समर्थकों के साथ धरना दिया था। धरने के कारण यातायात ठप हो गया था। इसके बाद उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसी आश्वासन पर उन्होंने राजेश सिंह का धरना समाप्त करवाया।

उन्होंने बताया कि तीन अक्टूबर को महज दो-तीन घंटे तक सड़क निर्माण का काम चला और उसके बाद फिर काम बंद कर दिया गया। यह सीधे तौर पर आश्वासन की अनदेखी और जनता के साथ वादाखिलाफी है। श्री राय ने कहा कि एनएच-33 पर वाहनों के गुजरते ही धूल की आंधी उठने लगती है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएचएआई ने पर्याप्त चौड़े नाले की व्यवस्था भी नहीं की है। दलमा पहाड़ से आने वाला पानी इसी सड़क क्षेत्र में पहुंचता है, लेकिन जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से समस्या बड़ी हो सकती है।

सरयू राय ने आरोप लगाया कि एनएच-33 पर बन रहे फ्लाईओवर के निर्माण की रफ्तार जानबूझकर धीमी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा गति से काम चलता रहा तो सड़क निर्माण और फ्लाईओवर को चालू होने में पांच साल तक लग सकते हैं। उनका कहना था कि जब एनएचएआई के ठेकेदार को किसी ने काम करने से नहीं रोका और न ही उन्हें किसी तरह की बाधा पहुंचाई, तो फिर निर्माण कार्य में इतनी उदासीनता क्यों बरती जा रही है?

उन्होंने घोषणा की कि इस पूरे मामले की जानकारी वे आज ही सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को टैग कर देंगे। जरूरत पड़ी तो अगले सात से दस दिनों के भीतर दिल्ली जाकर उनसे मुलाकात करेंगे। वे केंद्रीय मंत्री से आग्रह करेंगे कि एनएच-33 के निर्माण की रफ्तार इतनी धीमी क्यों है, इसकी जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

श्री राय ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि एनएचएआई के अधिकारी यदि इसी तरह वादाखिलाफी करते रहे तो जनता का आक्रोश बढ़ना स्वाभाविक है। क्षेत्र के नौजवान वार्ड पार्षद और आम लोग अब परेशान हो चुके हैं। यदि लोगों का धैर्य जवाब देता है और वे अपना आपा खो बैठते हैं, तो इसके लिए एनएचएआई के अधिकारी ही जिम्मेदार होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *