संजय सेठ ने PM मोदी को लिखा पत्र रांची को रेलवे जोन बनाने और HEC को परमाणु ऊर्जा विभाग में स्थानान्तरित करने की मांग

रांची के भाजपा सांसद संजय सेठ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आज दो पत्र लिखे हैं, एक पत्र रांची को रेलवे जोन बनाने तथा दूसरे पत्र में एचइसी को भारी उद्योग विभाग से परमाणु ऊर्जा विभाग में स्थानान्तरित करने का जिक्र हैं। संजय सेठ ने लिखा है कि रांची में रेलवे का जोनल कार्यालय बनाए जाने की नितांत आवश्यकता है। विदित हो कि झारखण्ड से रेलवे को 25 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है।

रांची के भाजपा सांसद संजय सेठ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आज दो पत्र लिखे हैं, एक पत्र रांची को रेलवे जोन बनाने तथा दूसरे पत्र में एचइसी को भारी उद्योग विभाग से परमाणु ऊर्जा विभाग में स्थानान्तरित करने का जिक्र हैं। संजय सेठ ने लिखा है कि रांची में रेलवे का जोनल कार्यालय बनाए जाने की नितांत आवश्यकता है।

विदित हो कि झारखण्ड से रेलवे को 25 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है। वर्तमान में दक्षिण पूर्व रेलवे के जोनल कार्यालय को कोलकाता से स्थानान्तरित कर रांची लाया जाये अथवा पूर्व मध्य रेलवे जोन के अन्तर्गत पड़नेवाले धनबाद रेल मंडल को रांची से जोड़कर, रांची में एक नया रेलवे जोन का सृजन किया जाय।

संजय सेठ ने लिखा है कि रांची में जोनल कार्यालय की स्थापना से झारखण्ड की जनता को इसकी प्रचुर खनिज संम्पदा का लाभ मिल सकेगा और इस राज्य का तेजी से विकास संभव हो सकेगा। साथ ही झारखण्ड में नये रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर तीव्र गति से कार्य प्रारम्भ होगा एवं यहां पर रोजगार की संभावनाएं पैदा होगी। झारखण्ड में सटे राज्यों छत्तीसगढ़ और ओड़िशा में रेलवे के जोनल ऑफिस खोले गये है, जिससे यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी बढ़ोत्तरी हुई है।

अपने दूसरे पत्र में संजय सेठ ने एचइसी की चर्चा की है। संजय सेठ ने प्रधानमंत्री को लिखा है कि एचइसी आरम्भ से ही देश के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाते हुए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, एवं आयात के विकल्प हेतु अनेक उत्पादों का निर्माण कर देश की विदेशी मुद्रा भंडार में बचत की है। इसके उत्पादों ने भारतवर्ष में उद्योगों के विकास में ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में एक अलग पहचान बनाई है।

इसके अलावा, सामरिक महत्व के क्षेत्र में इस उद्योग का योगदान चंद्रयान, नाभिकीय पनडुब्बियों के महत्वपूर्ण कल-पूर्जे, रक्षाक्षेत्र के जहाजों हेतु प्रोपेलर्स साफ्टस, गन-बैरल, टी-72, टैंक के कल-पूर्जें, मांउटेन गन, रेलवे के क्षेत्र में क्रैंक-शाफ्ट, मशीन टूल्स इत्यादि एवं परियोजना प्रभाग द्वारा स्थापित किये गये सामग्री संचालन प्लांट, कोल-वाशरी, कोल हैंडलिंग प्लांटो का निर्माण बखूबी से कर देश के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाई है।

संजय सेठ ने अपने पत्र में लिखा है कि यह देश में एकमात्र संस्थान है, जहां परमाणु एवं नाभिकीय क्षेत्रों के उपकरणों का निर्माण किया जा रहा है। अभी हाल ही में नीति आयोग द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने एचइसी के पुनरुद्धार एवं आधुनिकीकरण हेतु एक तकनीकी  रिपोर्ट भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया है। इस उद्योग के पास ऐसी विलक्षण क्षमताएं है, जिसके द्वारा ये मुख्य क्षेत्र के उद्योगों के साथ-साथ सामरिक महत्व के क्षेत्र जैसे खनन,स्टील, रक्षा, परमाण ऊर्जा, रेलवे, अंतरिक्ष अनुसंधान इत्यादि के विकास में अहम् भूमिका निभा सकता है।

संजय सेठ का कहना है कि उन्हें बताया गया है कि एचइसी द्वारा परमाणु ऊर्जा के लिए सामरिक महत्व के उत्पादों का निर्माण एवं भविष्य में इसके योगदान की निरन्तरता को ध्यान में रखते हुए परमाणु ऊर्जा विभाग ने अपने नियंत्रण में पीएसयू के रुप में एचइसी को संभालने का प्रस्ताव रखा है। ऐसे हालात में एचइसी को भारी उद्योग विभाग से परमाणु ऊर्जा विभाग में स्थानान्तरित करने के परामर्श पर सकारात्मक दिशा-निर्देश जारी करने का कष्ट करें। पत्र में दुमका सांसद सुनील सोरेन तथा कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी के भी हस्ताक्षर हैं।

Krishna Bihari Mishra

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