अपराध

प्रेस क्लब ने पत्रकारों की निर्मम पिटाई के लिए रांची के प्रमुख पुलिस पदाधिकारियों एवं SDO को माना दोषी

रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश सिंह की अध्यक्षता में बड़ी संख्या में पत्रकारों-छायाकारों की टोली आज लालपुर थाना पहुंच गई और कल मोराबादी मैदान में पत्रकारों और छायाकारों पर पुलिस द्वारा किये गये अत्याचार और निर्ममता पूर्वक की गई पिटाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया। प्राथमिकी में कल की घटना के लिए ग्रामीण एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग, सिटी एसपी अमन कुमार, ट्रैफिक एसपी संजय रंजन सिंह समेत रांची की अनुमंडलाधिकारी गरिमा सिंह को भी दोषी ठहराया गया है।

प्राथमिकी में लिखा गया है कि 15 नवम्बर को मोराबादी मैदान में झारखण्ड स्थापना दिवस समारोह के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों द्वारा पत्रकारों-छायाकारों को बुरी तरह पीटा गया, जिसमें कई पत्रकार घायल हो गये। समारोह में मीडिया कवरेज के लिए सभी पत्रकारों व छायाकारों को स्थानीय प्रशासन ने ही आमंत्रण दिया था। इसी दौरान पारा शिक्षकों के प्रदर्शन के दौरान जब छायाकार व पत्रकार समाचार संकलन करने लगे। तब इन अधिकारियों और जवानों द्वारा उन्हें पीटा जाने लगा। उनके नाजूक अंगों पर प्रहार किया गया।

इसके बाद ग्रामीण एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग, सिटी एसपी अमन कुमार, ट्रैफिक एसपी संजय रंजन सिंह, एवं अनुमंडलाधिकारी गरिमा सिंह की मौजूदगी में सभी छायाकर्मियों का कैमरा छीनकर फोटो डिलीट कराया गया। कई मीडियाकर्मियों के कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिये गये। खबर लिख रहे पत्रकारों को पहचान कर निशाना बनाया गया।

यह प्राथमिकी भुक्तभोगी पत्रकारों एवं छायाकारों के माध्यम से कराया गया है। जिसमें पिंटू कुमार दूबे, विनय कुमार मुर्मू, कमलेश कुमार मिश्र, मुकेश कुमार, बैजनाथ कुमार महतो के नाम है, जबकि गवाहों में रांची प्रेस क्लब के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यों को रखा गया हैं। लालपुर थाना में आवेदन देने के बाद रांची प्रेस क्लब के दो वरीय पदाधिकारियों राजेश सिंह एवं शंभू नाथ चौधरी ने कल की पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। लालपुर थाना में कई पत्रकार आज हेलमेट पहनकर भी आये थे, वे इस हेलमेट के द्वारा प्रतीकात्मक रुप से अपना आक्रोश भी व्यक्त कर रहे थे।

रांची प्रेस क्लब के सद्स्यों की टीम, जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास से भी मिलेगा, और इस संबंध में एक ज्ञापन भी देगा, तथा इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस प्रबंध किये जाये, इस संबंध में मुख्यमंत्री रघुवर दास से बात भी करेगा।