रांची में पहली बार सजेगा फुटबॉल का महाकुंभ, डूरंड कप 2026 को लेकर तैयारियां तेज, 26 जुलाई से 16 अगस्त तक होगा बिरसा मुंडा स्टेडियम में होगा मुकाबला
राजधानी रांची में डूरंड कप के 135वें संस्करण को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 26 जुलाई से 16 अगस्त 2026 तक बिरसा मुण्डा फुटबॉल स्टेडियम, मोराबादी में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को धुर्वा स्थित एफएफपी बिल्डिंग में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवाकार्य विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आयोजन में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने फायर सेफ्टी, स्टेडियम ब्रांडिंग, खिलाड़ियों एवं अतिथियों के ठहराव, आमंत्रण पत्र वितरण तथा सुरक्षा व्यवस्था को उच्च मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा।
सचिव ने मैच शेड्यूल के अनुसार विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति का भी निर्देश दिया। नगर निगम को खेल स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की सुनियोजित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए, जबकि पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने पर जोर दिया गया।
इधर, टूर्नामेंट के प्रति आमजन में उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय थल सेना द्वारा 18 जुलाई 2026 को राँची में ट्रॉफी टूर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान ट्रॉफी को शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से ले जाया जाएगा, जिससे लोगों को इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, विद्युत, खेल प्राधिकरण, पर्यटन, संस्कृति एवं सूचना-जनसंपर्क विभाग सहित सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। राँची में होने वाला यह आयोजन राज्य में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ फुटबॉल के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक में मुख्य रूप से नगर आयुक्त, रांची नगर निगम सुशांत गौरव, निदेशक खेल छवि रंजन, कर्नल हेम चंद्रा सेना के नोडल पदाधिकारी, मेजर आनंद, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ऊर्जा विभाग जयकांत कुमार, सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह, कार्यपालक अभियंता झारखंड खेल प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों व जिला प्रशासन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
