अपनी बात

झारखण्ड के एक आईएएस द्वारा सरकारी कार्यक्रम में अमर्यादित तरीके से मंत्री के साथ बैठने की सोशल साइट पर चर्चा

कभी भाकपा माले के टिकट पर रांची विधानसभा का चुनाव लड़ चुके राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ता व लहू बोलेगा रक्तदान संगठन के संस्थापक नदीम खान ने सोशल साइट के माध्यम से झारखण्ड के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव जो कालांतराल में मुख्य सचिव बनने की ताकत भी रखते हैं, उन पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने अपने फेसबुक पर लिखा है कि एक सार्वजनिक सरकारी कार्यक्रम में जिस प्रकार से स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अपने विभागीय मंत्री के साथ मंच पर बैठे हैं। उस प्रकार से बैठना किसी भी लोक सेवक को शोभा नहीं देता।

नदीम खान ने अपने फेसबुक पर लिखा है कि “यह जो आप फोटो देख रहें हैं यह है झारखंड के लोकसेवक, जो झारखंड के स्वास्थ्य विभाग में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह है, जो पैर के ऊपर पैर चढ़ाकर बैठे हुए है। यह अपमानित करने वाला बॉडी लैंग्वेज कहीं से भी उचित नही है। वह भी तब, जब झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ठीक बगल में हो और आयोजन भी सरकारी सार्वजनिक कार्यक्रम में (वीडियो में सब कुछ दिख जाएगा)।

लोकसेवक की यह अमर्यादित/अनैतिक/प्रोटोकॉल के विपरीत/माननीय को अपमानित करना है। जब यह मंत्री को सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह से अपमानित/अनैतिक/अमानवीय शारीरिक भाषा से कर सकते है, तो वह अपने से जूनियर अधिकारी डॉक्टर की स्थिति क्या करते होंगे? तभी तो अपमानित महसूस कर त्यागपत्र देकर जाने वाले रिम्स डायरेक्टर डॉ राजकुमार की बातें सच दिखती है, ऐसे इन पर चिट्ठी भी लिखी है। यह लोक सेवक जो भविष्य में शायद राज्य के मुख्य सचिव भी बनें।”

इस प्रकरण पर बिहार- झारखण्ड के जाने-माने संविधान के जानकार अयोध्या नाथ मिश्र से विद्रोही24 ने बातचीत की, तब उनका कहना था कि कानूनी तौर पर कहीं इस संबंध में कुछ लिखा तो नहीं हैं कि किसे किस प्रकार कहां बैठना है और न ही कोई लिखित नियम या प्रतिबंध है। लेकिन भारतीय परम्परा और संस्कृति के अनुसार एक शिष्टाचार होता है कि हमें कहां और किसके पास कैसे बैठना/बैठनी है। आम तौर पर टांग पर टांग चढ़ाकर बैठना अशोभनीय और अहंकार के तौर पर देखा जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि आईएएस अधिकारी या अन्य अधिकारियों को किसी भी राजनेताओं के समक्ष बैठने के क्रम में सावधानी बरतना अच्छा रहता है, क्योंकि नेता जनप्रतिनिधि होता है और कोई भी अधिकारी लोकसेवक। लोकसेवक से जनप्रतिनिधि हमेशा ऊंचा होता है। इसलिए किसी भी मंत्री के साथ किसी भी अधिकारी का पैर पर पैर चढ़ाकर बैठना अनादर के रूप में ही ज्यादा देखा जायेगा। 

हम आपको बता दें कि जिस घटना की बात यहां हो रही है। वो घटना हाल ही में 11 जुलाई को रांची के बीएनआर होटल में संपन्न हुई विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला की है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अजय कुमार सिंह भी मौजूद थे।

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