जन आक्रोश रैली के माध्यम से दिल्ली में राहुल-सोनिया ने किया मोदी सरकार पर वार

दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी ने जन आक्रोश रैली के माध्यम से बता दिया कि 2019 के आम चुनाव को लेकर कांग्रेस कमर कस चुकी है, और केन्द्र की मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए उसने हर मोर्चे पर सारी तैयारियां पूरी कर ली है। आज की रैली के माध्यम से कांग्रेस पार्टी ने देश के अन्य विपक्षी दलों को भी एक संदेश दे दिया कि कांग्रेस मोदी मुक्त-भाजपा मुक्त भारत बनाने के लिए संपूर्ण विपक्ष का नेतृत्व करने को भी तैयार है।

दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने जन आक्रोश रैली के माध्यम से बता दिया कि 2019 के आम चुनाव को लेकर कांग्रेस कमर कस चुकी है, और केन्द्र की मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए उसने हर मोर्चे पर सारी तैयारियां पूरी कर ली है। आज की रैली के माध्यम से कांग्रेस पार्टी ने देश के अन्य विपक्षी दलों को भी एक संदेश दे दिया कि कांग्रेस मोदी मुक्त-भाजपा मुक्त भारत बनाने के लिए संपूर्ण विपक्ष का नेतृत्व करने को भी तैयार है।

राहुल गांधी ने मोदी सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। राहुल गांधी का कहना था कि देश ने पहली बार देखा कि सर्वोच्च न्यायालय के चार न्यायाधीश जनता के सामने आकर न्याय का गुहार लगाते हैं और प्रधानमंत्री इतने बड़े मुद्दे पर चुप्पी लगा जाते है। उन्होंने कहा कि देश में जितने भी प्रमुख संस्थाएं हैं, चाहे वह न्यायालय हो, चुनाव आयोग हो, आइआइटी-आइआइएम संस्थान ही क्यों न हो, सभी जगह संघ के लोगों ने कब्जा जमा लिया है। जितने मंत्री उतने ही आरएसएस के ओएसडी।

कल तक जो कहा करते थे कि हर दो साल में दो करोड़ लोगों को रोजगार देंगे, वे चार साल में रोजगार तो नहीं दे पाये, पर बेरोजगारी इतनी बढ़ा दी कि देश का युवा हैरान और परेशान है। उन्होंने जीएसटी को पुनः गब्बर सिंह टैक्स करार दिया। राहुल गांधी का कहना था कि इस टैक्स ने असंगठित क्षेत्र को बर्बाद करके रख दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योपतियों के लिए मोदी जी का दिल धड़कता है, पर देश के किसानों के लिए नहीं। किसानों के कर्ज माफ नहीं किये जाते, पर उद्योगपतियों के कर्ज माफ कर दिये जा रहे है।

 उन्होंने कहा कि देश में अल्पसंख्यकों, दलितों, आदिवासियों पर अत्याचार आम बात हो गई है, देश का किसान तबाह है, पर पीएम बोल नहीं पाते, उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों, दलितों, आदिवासियों को सम्मान सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही दिला सकती है। उन्होंने कहा कि डोकलाम पर पीएम बोल नहीं पाते, देश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं का नारा दिया जा रहा हैं, पर बेटियों की क्या हालत है? वह पूरा देश देख रहा है। आरएसएस और बीजेपी के लोगों ने ऐसी नफरत फैला रखी है, कि उससे देश का सम्मान प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को आह्वान किया कि वे 2019 के आम चुनाव में आज से ही जुट जाये, क्योंकि देश की जनता का ध्यान कांग्रेस की ओर है, कांग्रेस ही देश को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने एक उदाहरण दिया कि जब कांग्रेस के कार्यकर्ता गुजरात में खड़े हुए तो परिणाम साफ दिखा।

सोनिया गांधी का कहना था कि कांग्रेस का एक अपना इतिहास रहा है, कांग्रेस के नेताओं ने देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान किया है। कांग्रेस की बुनियाद सत्य, प्रेम और अहिंसा पर टिकी है, पर देश का दुर्भाग्य है कि आज देश में घृणा और हिंसा का बोलबाला हो चुका है। आज स्थिति ऐसी है कि भाजपा के लोगों ने असहमति को कुचल देने का अपना अधिकार समझ रखा है। जिन संवैधानिक संस्थाओं को कांग्रेस ने पिछले 65 सालों में मजबूत किया, आज उन्हीं संवैधानिक संस्थाओं को मोदी सरकार कमजोर करने में लगी है।

सोनिया गांधी ने कहा कि आज देश नाजुक दौर से गुजर रहा है। सर्वाधिक चिंता की बात है कि छात्रों-युवाओं को बोलने नहीं दिया जा रहा, मीडिया की आजादी प्रभावित की जा रही है, ऐसे में कांग्रेस के सारे कार्यकर्ताओं को इसे गंभीरता से लेना होगा और इनका डटकर मुकाबला करना होगा। आनेवाला समय कांग्रेस का है, अच्छे विचारों के उदय होने का है।

Krishna Bihari Mishra

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