राजनीति

रघुवर सरकार पर आदर्श आचार संहिता का खूलेआम उल्लंघन करने का आरोप

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर राज्य सरकार के खिलाफ शिकायत की। शिकायत में इस बात का उल्लेख है कि राज्य सरकार राज्य में चल रहे नगर निकाय चुनाव में आदर्श आचार संहिता का खूलेआम उल्लंघन कर रही है। पत्र में सुप्रिया भट्टाचार्य ने लिखा है कि आपके निषेधाज्ञा, कि राज्य में किसी भी राजनीतिक पक्ष द्वारा प्रत्यक्ष रुप में प्रबुद्ध मतदाताओं के समक्ष कोई भी ऐसी प्रलोभन की बातें नही की जायेंगी, जिससे निर्वाचन को अपने पक्ष में प्रभावित किया जा सके, लेकिन दुर्भाग्यवश राज्य सरकार ने विगत कई दिनों से लगातार मतदाताओं को विशेष राजनैतिक दल भारतीय जनता पार्टी के महापौर-उपमहापौर, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद के अधिकृत प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रबुद्ध मतदाताओं को सरकारी निर्णयों एवं निश्चयों द्वारा प्रभावित करने का कार्य किया जा रहा है।

आज भी राज्य भर से प्रकाशित होनेवाले प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में मुख्य पृष्ठों पर दो घोषणाएं की गई है, जो इन संदर्भ शीर्षकों के साथ प्रकाशित हैं, जैसे – जलसंकट से निबटने के लिए नगर निगम में बना कंट्रोल रुप, हेल्पलाइन नंबर जारी, 24 घंटे सुनी जायेगी पानी की परेशानी, तुरंत होगा समाधान, आज से काम करने लगेगा यह कंट्रोल रुम, नगर आयुक्त ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, शहरवारियों से की समस्याएं बताने की अपील, 17 अप्रैल तक काम करेगा यह कंट्रोल रुम, उसके बाद लागू किया जायेगा दूसरा प्लान, ये हैं हेल्प लाइन नंबर – 0651 2209751, 18003456530, पीएचइडी व विद्युत विभाग कर्मचारी भी देंगे अपनी सेवा।

सरकारी निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी उपायुक्तों को लिखा पत्र, सरकारी जमीन पर रहनेवालों को लीज करने का निर्देश, 1 जनवरी 1985 से पूर्व सरकारी भूमि पर घर बनाकर रह रहे लोगों को दी जायेगी, दस डिसमिल तक की जमीन लीज पर, उपायुक्तों को आवेदन भरवाने के लिए फारमेट भी दिया गया है, कई तरह की चेक लिस्ट है, जिन्हें भरना होगा जरुरी।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने राज्य मुख्य चुनाव आयुक्त से मांग की कि राज्य सरकार द्वारा चुनाव कार्य को जो प्रभावित करने के लिए कार्य किये जा रहे हैं, उस पर अविलम्ब ध्यान दें ताकि आदर्श आचार संहिता प्रभावित न हो, साथ ही अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।