रैयतों के जमीन की अंतर राशि दिलाने को लेकर HEC के खिलाफ 17 को कांग्रेस का पोस्टर अभियान

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता आलोक दूबे ने कहा है कि मूल रैयतों की जमीन पर मालिकाना हक दिलाने के लिए तथा रैयतों के जमीन की अंतर राशि दिलाने को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मूल रैयतों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी, साथ ही 17 जून को एचइसी मुख्यालय पर पोस्टर अभियान के माध्यम से आंदोलन की शुरुआत करेगी, उन्होंने यह भी कहा कि 24 जून को एचइसी मुख्यालय पर धरना एवं प्रदर्शन भी किया जायेगा।

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता आलोक दूबे ने कहा है कि मूल रैयतों की जमीन पर मालिकाना हक दिलाने के लिए तथा रैयतों के जमीन की अंतर राशि दिलाने को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मूल रैयतों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी, साथ ही 17 जून को एचइसी मुख्यालय पर पोस्टर अभियान के माध्यम से आंदोलन की शुरुआत करेगी, उन्होंने यह भी कहा कि 24 जून को एचइसी मुख्यालय पर धरना एवं प्रदर्शन भी किया जायेगा।

आलोक दूबे का कहना था कि एचइसी प्रबंधन ने 636 एकड़ जमीन का सौदा झारखण्ड सरकार के साथ 743 करोड़ रुपये में कर के भूमि के मूल रैयतों के साथ धोखाधड़ी और चारसौबीसी करने जैसा काम किया है। वर्षों पहले एचइसी कारखाना बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण गरीब भू मालिकों से किया गया था और यहां के रैयतों ने मातृ उद्योग की स्थापना एवं देश के स्वर्णिम विकास के लिए जमीन देकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की थी।

उन्होंने कहा कि आज जमीन कारखाना के उपयोग में नहीं आ रही तो क्या एचइसी एक गलत बिल्डर की तरह जमीन की हेराफेरी जैसे काम में लग जायेगी। उसे तो जमीन मूल रैयतों को वापस कर देना चाहिए। मौजूदा कानूनी प्रावधान भी यहीं कहता है, परन्तु जिस काम के लिए जमीन ली गई, उसमें उपयोग न करके जमीन सरकार को बेच दी जा रही है, यह भले ही सरकारी काम के लिए है परंतु इसे कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार भी गलत काम में एचइसी को सहयोग करने में दोषी है। जो पैसा एचइसी को मिल रहा है, उस पर वाजिब हक जमीन के मूल रैयतों का है और वह पैसा अगर जमीन के मूल रैयतों को मिलती तो यहां के गरीब आदिवासी, मूलवासी के जीवन में बदलाव आता। उन्होने कहा कि जो जमीन के मूल मालिक है, और जिस कीमत में एचइसी जमीन लिया था और आज जिस भारी दाम में सरकार के साथ समझौता हुआ है, उसका जो अंतर है, वह पैसा सरकार रैयतों को दें. रैयतों की जमीन का सौदा करने का अधिकार आखिर एचइसी प्रबंधन को किसने दिया?

Krishna Bihari Mishra

Next Post

रांची में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को रैली निकालना पड़ा महंगा, हुई पिटाई, 6 घायल

Sun Jun 10 , 2018
भारतीय जनता युवा मोर्चा को आज मेन रोड में रैली निकालना महंगा पड़ गया। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासनकाल के चार साल पूरे होने पर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने रैली निकाला था, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे। रैली जैसे ही डेली मार्केट से होकर गुजरने लगी। भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर कुछ अज्ञात असमाजिक तत्वों ने  हमला किया, जिसमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के छः कार्यकर्ता बुरी तरह घायल हो गये।

You May Like

Breaking News