विपक्ष में बैठकर चिल्लाने से अच्छा है, अभी आप सत्ता में हैं, चुटिया रेलवे फ्लाईओवर बनवाइये

नगर विकास मंत्री रहकर जब सी पी सिंह चुटिया पावर हाउस रेलवे फाटक के पास फ्लाईओवर नहीं बनवा सकें तो क्या जब वे विपक्ष में बैठेंगे तब रेलवे फाटक के पास फ्लाईओवर बनवायेंगे? सवाल इसलिए गंभीर हैं कि चुटिया पावर हाउस रेलवे फाटक के दक्षिणी छोर पर एक बहुत बड़ी आबादी बस गई हैं। ये आबादी कृष्णापुरी, द्वारकापुरी, अयोध्यापुरी, चाणक्य नगर, विन्ध्यवासिनी नगर, अमरावती कालोनी, रेलवे कालोनी आदि में बस गई हैं

नगर विकास मंत्री रहकर जब सी पी सिंह चुटिया पावर हाउस रेलवे फाटक के पास फ्लाईओवर नहीं बनवा सकें तो क्या जब वे विपक्ष में बैठेंगे तब रेलवे फाटक के पास फ्लाईओवर बनवायेंगे? सवाल इसलिए गंभीर हैं कि चुटिया पावर हाउस रेलवे फाटक के दक्षिणी छोर पर एक बहुत बड़ी आबादी बस गई हैं। ये आबादी कृष्णापुरी, द्वारकापुरी, अयोध्यापुरी, चाणक्य नगर, विन्ध्यवासिनी नगर, अमरावती कालोनी, रेलवे कालोनी आदि में बस गई हैं और इन स्थानों पर रहनेवालों का मुख्य मार्ग पावरहाउस रेलवे फाटक ही है, जो ज्यादातर बंद ही रहता हैं, कभी-कभी तो तीन-तीन, चार-चार ट्रेनें जब पार होती हैं तब जाकर यह रेल फाटक खुलता है, जिससे यहां हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है।

स्थिति इतनी गंभीर है कि अगर कोई व्यक्ति या परिवार बीमार पड़ जाये तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हैं। कई लोग इसके शिकार भी हुए। इन परेशानियों को देखते हुए लोगों ने कई बार विधायक रहे तथा राज्य के नगर विकास मंत्री सी पी सिंह को इन परेशानियों से अवगत कराया, पर उन्हें सफलता मिलती नहीं दिख रही।

बताया जाता है कि डेढ़ साल पहले संभवतः सीपी सिंह के फेसबुक में लिखा है कि 19 अक्टूबर 2016 को, उन्होंने तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु से इस संबंध में बात की थी, पर समस्या का हल निकलता नहीं दिख रहा, अब यहां के नागरिकों का कहना है कि जब केन्द्र में भाजपा, राज्य में भाजपा, नगर निगम में भाजपा, उपर भाजपा, नीचे भाजपा, अगल भाजपा, बगल भाजपा, यानी सारे जगह भाजपा ही भाजपा हैं तो फिर इस समस्या से लोगों को त्राण दिलाने का काम कौन करेगा, अन्य दलों के लोग?

स्थिति इतनी खराब है कि स्कूल जानेवाले बच्चे हो, या अपने मरीज का इलाज करानेवाले लोग, या ड्यूटी पर जानेवाले कर्मचारी जैसे ही अपने घर से निकलते हैं, तो वे हनुमान चालीसा पढ़ते हुए निकलते है कि गेट बंद हुआ न दिखे, पर जैसे ही गेट खुला हुआ दिखता हैं, उन्हें लगता है कि भगवान ने मुंह मांगी वरदान दे दी, स्थिति बहुत ही खराब हैं, अब लोगों को यही आस है कि कोई उद्धारकर्ता आता और जल्द यहां रेलवे गेट के पास फ्लाईओवर बनवाता।

कुछ नागरिक तो इसके लिए सी पी सिंह को ही दोषी मानते हैं, वे कहते है कि वे कई बार विधायक रहे, विधायक से स्पीकर बने, स्पीकर से अब मंत्री बने, पर आम जनता को क्या मिला? जबकि सर्वाधिक वोट, ढाला वोट, भाजपा को इसी इलाके से मिलता हैं, ये सी पी सिंह भी जानते हैं, पर अगर यहां के नागरिकों को इस समस्या से मुक्ति दिलाने में वे असफल रहते हैं तो मामला गंभीर भी हो सकता हैं, फिलहाल लोगों के जुबान पर ये नारा तेजी से उभर रह रहा हैं – “जो रेलवे फ्लाई ओवर बनायेगा, वहीं सांसद-विधायक बन पायेगा।“

Krishna Bihari Mishra

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