ये चमचई नहीं तो और क्या है? अब CM रघुवर दास के नाम से जाना जायेगा, धनबाद का एक सड़क

CM की भक्ति में आकंठ डूबे धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने धनबाद की एक सड़क को रघुवर के नाम से घोषित करा दिया, जिसको लेकर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताया है, और इसे लेकर आंदोलन करने की धमकी दे डाली है। चूंकि धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, तन और मन दोनों से विशुद्ध भाजपाई है। वे भाजपा से अलग कुछ सोचते नहीं।

CM की भक्ति में आकंठ डूबे धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने धनबाद की एक सड़क को रघुवर के नाम से घोषित करा दिया, जिसको लेकर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताया है, और इसे लेकर आंदोलन करने की धमकी दे डाली है। चूंकि धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, तन और मन दोनों से विशुद्ध भाजपाई है। वे भाजपा से अलग कुछ सोचते नहीं। दिली इच्छा है, धनबाद की लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर सांसद बन जाने की। ऐसा नहीं कि वे सांसद बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं, दरअसल जो सांसद बनने के बाद स्वर्गिक आनन्द की प्राप्ति होती है, उसे वे प्राप्त कर, परम आनन्द को पाना चाहते हैं।

चूंकि धनबाद की जनता ने इन्हें धनबाद नगर निगम के चुनाव में मेयर बना दिया, अब उन्हें लगता है कि बस अगली बार बस भाजपा का टिकट मिल जाये, और लीजिये वे सांसद बन गये। यहीं लालसा में वे धनबाद से सीएम आवास, रांची और सीएम आवास, रांची से धनबाद किया करते है और मुख्यमंत्री रघुवर दास को अपने हाव-भाव से ये प्रदर्शित करते है, कि पूरे राज्य में अगर मेयर में कोई सबसे बड़ा भक्त सीएम रघुवर दास का कोई है, तो वे ही हैं, वे ही हैं, वे ही हैं।

सीएम रघुवर दास की भक्ति में इतने वे लीन है, कि उन्हें पता ही नहीं कि वे कर क्या रहे हैं और उसका जनता के बीच क्या प्रभाव पड़ेगा? उन्हें लगता है कि वे जो निर्णय ले रहे हैं, वह अटल सत्य है, उनके निर्णय से जनता बहुत प्रसन्न हो जायेगी, क्योंकि रघुवर प्रसन्न तो जनता प्रसन्न। इधर कल की ही बात है, उन्होंने नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित कर धनबाद के कांको से गोल बिल्डिंग सड़क का नाम रघुवर दास मार्ग कर दिया। सच्चाई यह है कि झारखण्ड में रघुवर दास से पहले भी कई मुख्यमंत्री हुए और वे पूर्व मुख्यमंत्री में परिणित हो गये, पर आज तक किसी मुख्यमंत्री के नाम पर झारखण्ड में कोई सड़क का नाम नहीं घोषित हुआ, पर धनबाद के मेयर पहले मेयर हो गये, जिन्होंने कांको से गोल बिल्डिंग सड़क का नाम रघुवर दास मार्ग करने का प्रस्ताव पारित करा दिया।

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता मथुरा महतो, धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल के इस निर्णय की कड़ी आलोचना करते है। वे कहते है कि मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल बताये कि रघुवर दास का कोयलांचल की बेहतरी के लिए क्या योगदान है? कौन सा काम रघुवर दास ने कोयलांचल के लिए कर दिया, जिसको लेकर एक प्रमुख मार्ग का नाम रघुवर दास मार्ग कर दिया। सड़क निर्माण में जमीन जायेगा, स्थानीय लोगों का, और सड़क का नाम ऐसे लोगों के नाम पर रखा जायेगा, जिसका झारखण्ड के लिए कोई योगदान नहीं, झामुमो इस नामकरण का कड़ा विरोध करती है, और इसके खिलाफ सड़कों पर उतरेगी।

इधर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष अभिजीत राज ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास के नाम पर कांको मठ से लेकर गोल बिल्डिंग सड़क का नाम रखा जाना, इस बात का परिचायक हैं कि अपने राज्य में किस प्रकार की चाटुकारिता चल रही है। दरअसल भाजपा से जुड़े लोगों का जनता से कोई सरोकार ही नहीं रहा, ये वहीं काम करते है, जो इनके आकाओं को अच्छा लगता है, चूंकि मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल को लग रहा है कि ऐसा कर वे अपनी राजनीतिक रोटी सेंक लेंगे, रघुवर दास की चाटुकारिता कर लोकसभा की टिकट का जुगाड़ कर लेंगे, इसलिए वे ऐसा कर रहे हैं, रही बात जनता की, तो धनबाद की कोई जनता रघुवर दास के नाम पर किसी भी मार्ग को घोषित किये जाने का विरोध करेगी, क्योंकि धनबाद भाजपा का निबंधित शहर नहीं है, कि जिनके नाम पर चाहे, वे सड़क को घोषित कर देंगे। अभिजीत ने कहा कि मेयर बताये कि बिहार में किस जीवित अथवा सत्ता में रहते मुख्यमंत्री के नाम पर सड़क का नाम घोषित कर दिया गया? कांको मठ से लेकर गोल बिल्डिंग तक के मार्ग में रघुवर दास का क्या योगदान है? क्या उन्होंने अपने पैसे से इस सड़क का निर्माण कराने का वचन दिया है? अगर नहीं तो फिर जनता के पैसों से बननेवाली सड़क का नाम मुख्यमंत्री रघुवर दास के नाम पर क्यों?

Krishna Bihari Mishra

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धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल की चमचई को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ठुकराया

Sat May 12 , 2018
धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल द्वारा की जा रही चमचई को आखिरकार मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ठुकरा दिया। ज्ञातव्य है कि धनबाद के मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने धनबाद की कांको मठ से गोल बिल्डिंग जानेवाली सड़क को मुख्यमंत्री रघुवर दास के नाम से घोषित करा दिया था, जिसकी आलोचना यत्र-तत्र-सर्वत्र होने लगी। जब बात मुख्यमंत्री रघुवर दास तक पहुंची तब उन्होंने एक्शन लिया और टिवटर के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कर दी।

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