27 जून को खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव को न्यायालय में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश

झारखण्ड के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय द्वारा दायर एक जनहित याचिका मामले में कल झारखण्ड हाई कोर्ट ने खान एवं भूतत्व विभाग के वर्तमान एवं पूर्व सचिव को आगामी 27 जून को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया है। बताया जाता है कि झारखण्ड उच्च न्यायालय में कल सारंडा जंगल एवं उसके आस-पास के इलाकों में चल रहे अवैध खनन एवं उससे हो रहे प्रदूषण को लेकर दायर जनहित याचिका मामले में सुनवाई हुई।

झारखण्ड के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय द्वारा दायर एक जनहित याचिका मामले में कल झारखण्ड हाई कोर्ट ने खान एवं भूतत्व विभाग के वर्तमान एवं पूर्व सचिव को आगामी 27 जून को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया है। बताया जाता है कि झारखण्ड उच्च न्यायालय में कल सारंडा जंगल एवं उसके आस-पास के इलाकों में चल रहे अवैध खनन एवं उससे हो रहे प्रदूषण को लेकर दायर जनहित याचिका मामले में सुनवाई हुई।

इस दौरान सुनवाई के क्रम में जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ ने राज्य के अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारी इस मामले में दिये जा रहे आदेश को हल्के में न लें। आदेश का अनुपालन करें, ताकि मामले का समुचित ढंग से निष्पादन हो सके। टालमटोल का जो रवैया इन्होंने अपना रखा है, उसे छोड़े, तथा आगामी 27 जून को, जिस दिन मामले की सुनवाई होनी है, वे सशरीर उपस्थित हो।

सरकार की ओर से इस संबंध में बात रखते हुए न्यायालय को यह बताने की कोशिश की गई कि सारंडा में अवैध खनन को लेकर खान सचिव द्वारा सुनवाई की जा रही है, वहीं प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने सरकार के जवाब पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार बार-बार समय लेकर मामले को लंबा खीचने का प्रयास कर रही है, जबकि न्यायालय ने वर्ष 2016 में ही इस बात का निर्देश दिया था कि सारंडा में खनन कर रही कंपनियों के लीज एक्सटेंशन या डिम्ड एक्सटेंशन के मामले को छः महीने में निष्पादित कर लिया जाये।

Krishna Bihari Mishra

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