अब आप कितना भी मोदी, शाह, सिंह, ईरानी की सभा करा लीजिये, कोई लाभ नहीं मिलनेवाला

अब आप कितना भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी की सभा करा लीजिये, अबकी बार इस चुनाव में आपको कोई फायदा नहीं मिलनेवाला। अब आप कितना भी राममंदिर मुद्दा सुलझाने, धारा 370 हटाने आदि का ढोल पीट लीजिये, जनता को इससे कोई मतलब नहीं, क्योंकि उसके चुल्हे पर दाल नहीं बैठ रही और प्याज की बेतहाशा महंगाई ने तो उनकी चूले हिला दी है।

आप प्याज को जानते है न, ये वही प्याज है, जो 1977 की जनता पार्टी की सरकार को 1980 में फेंकवा दी थी। ये वहीं प्याज है, जो दिल्ली राज्य में बीजेपी की सरकार फेंकवाई, उसके बाद दिल्ली से बीजेपी गायब ही हो गई, यानी प्याज ही एक ऐसा शाकाहारी वस्तु है, जो अच्छी-अच्छी सरकार की बांट लगा देती है, लेकिन आपको क्या, आपके मंत्री तो कहती है कि वो उस घर से आती हैं, जहां लहसून-प्याज का इस्तेमाल नहीं होता।

भाई, यह सही भी है, कि भारत में आज भी कई ऐसे परिवार है, जहां लहसून-प्याज का इस्तेमाल नहीं होता, खुद हमारे घर में लहसून-प्याज का इस्तेमाल क्या, लाना तक वर्जित है, तो इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि हम ये कह दें कि इससे हमें क्या मतलब? मतलब तो रखना होगा, क्योंकि बहुत सारे लोगों के घर में बिना लहसून-प्याज के सब्जियां तक नहीं बनती।

अब ये प्याज झारखण्ड के चुनाव में क्या गुल खिलाती हैं, वक्त बतायेगा, पर ये भी सही है कि दो चरण के जो चुनाव संपन्न हुए हैं, उसमें आपकी स्थिति ठीक नहीं हैं, क्योंकि अब तो लोग आपके नेताओं की सभाओं से जी चुराने लगे हैं, क्योंकि आप झूठ इतना बोलते है कि उस झूठ से जनता परेशान हो गई।

यही नहीं आपकी एक भयंकर गलती, आपको कही का नहीं छोड़ी है, जो राजनीतिक पंडित है, वे जानते है कि झारखण्ड में भाजपा को सत्यानाश करने-कराने में दो लोगों के महत्वपूर्ण हाथ है – एक मुख्यमंत्री रघुवर दास, जिन्होंने अपने बोलचाल और व्यवहार से भाजपा की बची खुची चारित्रिक पूंजी का ही श्राद्ध कर दिया और दूसरा लक्ष्मण गिलुवा का रघुवर शरणम् गच्छामि कर देना, तथा चून-चून कर ऐसे लोगों को टिकट दिलवाना, जिन पर यौनशोषण व भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप है, जो अपनी अश्लील हरकतों के लिए अखबारों व सोशल साइट पर चर्चा के विषय बन गये।

ऐसे में लोग भाजपा को वोट क्यों दें? क्यों नहीं दूसरे दलों का रुख करें। आपके मुख्यमंत्री ने तो कहा था कि राज्य में जल्द ही खेल विश्वविद्यालय बनेगा, तकनीकी विश्वविद्यालय बनेगा, 24 घंटे बिजली रहेगा, हर खेत को पानी, गांव और शहर को पानी मिलेगा क्या हुआ सब का? झारखण्ड विधानसभा भवन में आग लग जाती है और उसकी प्राथमिकी तक दर्ज नहीं होती, क्या ये भ्रष्टाचार के पौधे को सींचने जैसा नहीं है? हजारों करोड़ रुपये से बनी नहर को चूहे गटक जाते है। मंडल डैम का खूब प्रचार-प्रसार करते हैं और मंडल डैम की सच्चाई यह है कि वहां तो घास तक अभी तक नहीं छीली गई है।

ऐसे में लोग आपको वोट क्यों दें? ऐसे में लोग आपकी सभाओं में भाषण सुनने क्यों जाये? आप और आपके नेताओं से ज्यादा भीड़ तो नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन की सभा में दिख रही हैं, कारण स्पष्ट है, नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने लोगों का विश्वास जीता है, लोगों को भरोसा दिलाने में कामयाब हो रहे हैं।

कमाल है, एक तरफ नेताओं की भरमार और दूसरी ओर अकेला हेमन्त सब की धुआं छुड़ा रहा हैं, वह भी बिना किसी के सहयोग के, क्योंकि मीडिया का चरित्र भी तो झारखण्ड के लोग देख रहे हैं, अखबार-चैनल को भाजपाइयों ने जमकर सेवाएं दी हैं, जिसका परिणाम है, जब भी अखबार खोलिये, हर पन्नों पर भाजपा दिखाई देगी। झामुमो, कांग्रेस और राजद तो इनके पन्नों से गायब है, आजसू और झाविमो ने थोड़ा विज्ञापनवाली चूषक उनके मुंह में कभी-कभी दे दी है, तो उनकी भी ये जय-जय कर रहे हैं, बाकी का क्या हाल है, वो किसी से छुपा नहीं।

फिर भी जनता चाहती है, परिवर्तन हो, परिवर्तन होगा, एक बेहतर सरकार राज्य में बनेगी। जो जनहित के मामलों पर ज्यादा काम करेगी। फिलहाल आप राज्य की जनता का कोपभाजन बनिये। सूत्र बता रहे है कि पीएम मोदी जिन-जिन इलाकों में अब तक भाषण दिये हैं, उन-उन इलाकों में शत प्रतिशत भाजपा के हालत पस्त हैं, ऐसे में आगे क्या होगा? सभी अभी से ही इसका अनुमान लगाकर हंसने लगे हैं।